'क्या हम आज ही लौट सकते हैं...?' बदरीनाथ धाम से वापस लौटने की ख्वाहिश जताने वाले उन श्रद्धालुओं को शायद अंदाजा भी नहीं था कि ये उनकी आखिरी उड़ान होगी. चारधाम यात्रा पर भगवान बद्री विशाल के दर्शन के लिए पहुंचे कर्नाटक के 5 श्रद्धालुओं और दिल्ली के पायलट की हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई. कुछ घंटे पहले तक बदरीनाथ की वादियों में दर्शन और घूमने की खुशियां थीं, लेकिन देखते ही देखते पूरा माहौल मातम में बदल गया.
कर्नाटक से आए ये श्रद्धालु गुरुवार सुबह बड़े अरमानों के साथ बदरीनाथ धाम पहुंचे थे. सुबह करीब 10 बजे उनका हेलीकॉप्टर धाम में उतरा था. चेहरों पर भगवान बद्री विशाल के दर्शन की खुशी थी. दर्शन के बाद वे भारत के अंतिम छोर पर स्थित खूबसूरत 'माना गांव' पहुंचे. वहां उन्होंने भीम पुल देखा और सरस्वती नदी के उद्गम की दिव्यता को महसूस किया. हर कोई उस पल में खुश था, मानो जिंदगी की सबसे बड़ी मुराद पूरी हो गई हो.
माना गांव से लौटने के बाद उन श्रद्धालुओं ने हेलीपैड पर काम कर रहे गाइड से पूछा था, 'क्या हम आज ही वापस लौट सकते हैं?' मौसम ने उस वक्त इजाजत नहीं दी. लेकिन किसे पता था कि यह इंतजार उनकी जिंदगी का आखिरी इंतजार बन जाएगा. नियमों के मुताबिक इन यात्रियों को शुक्रवार सुबह ही वापस लौटना था. लेकिन खराब मौसम और कम विजिबिलिटी के चलते उड़ान में देरी हुई. आखिरकार दोपहर 1 बजकर 12 मिनट पर हेलीकॉप्टर ने बदरीनाथ धाम से उड़ान भरी.
यह भी पढ़ें: जोशीमठ हेलिकॉप्टर क्रैश में 6 की मौत, बदरीनाथ से फाटा जाते वक्त हुआ था हादसा
उड़ान के 15 मिनट बाद टूट गया संपर्क
शायद किसी को अंदाजा नहीं था कि यह उड़ान उनकी जिंदगी की आखिरी उड़ान साबित होगी. उड़ान भरने के महज 15 मिनट बाद ही हेलीकॉप्टर का एयर ट्रैफिक कंट्रोल और बेस से संपर्क पूरी तरह टूट गया. इस दर्दनाक हादसे में कर्नाटक के रहने वाले 5 श्रद्धालु और दिल्ली के रहने वाले पायलट हमेशा-हमेशा के लिए इस दुनिया को अलविदा कह गए.
बदरीनाथ की फिजाओं में जो खुशियां कल तक गूंज रही थीं, वे आज खामोश सन्नाटे में बदल चुकी हैं. भगवान बद्री के चरणों में हाजिरी लगाने आए इन यात्रियों ने शायद सपने में भी नहीं सोचा होगा कि जिस धाम के दर्शन उनके जीवन के सबसे खूबसूरत पलों में से एक थे, वही यात्रा उनकी आखिरी यात्रा बन जाएगी.
कर्नाटक सरकार ने जारी किया बयान
कर्नाटक सरकार ने बताया कि उत्तराखंड के हाथी पर्वत इलाके में हेलीकॉप्टर हादसे में पायलट समेत छह लोगों की मौत हुई है. सरकार के मुताबिक, उत्तराखंड प्रशासन के साथ समन्वय कर मृतकों के शवों को जल्द कर्नाटक लाने की व्यवस्था की जा रही है. सरकार ने मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता देने की बात कही है.
कमल नयन सिलोड़ी