यूपी में लव जिहाद पर जल्द बनेगा कानून, गृह मंत्रालय ने कानून मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में जल्द ही लव जिहाद पर कानून बनाया जाएगा. गृह मंत्रालय ने कानून मंत्रालय को अपना प्रस्ताव भेज दिया है. कानून मंत्रालय की मंजूरी के बाद योगी सरकार लव जिहाद पर कानून बना देगी.

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सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो-PTI) सीएम योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 20 नवंबर 2020,
  • अपडेटेड 1:07 PM IST
  • CM योगी ने किया था कानून बनाने के ऐलान
  • गृह मंत्रालय ने कानून मंत्रालय को भेजा प्रस्ताव

उत्तर प्रदेश में जल्द ही लव जिहाद पर कानून बनाया जाएगा. गृह मंत्रालय ने कानून मंत्रालय को अपना प्रस्ताव भेज दिया है. बल्लभगढ़ में कथित लव जिहाद की आड़ में हुई युवती की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश और कर्नाटक ने ऐलान किया था कि हम नया कानून बनाएंगे. ताकि कानून में लोभ, लालच, दबाव, धमकी या शादी का झांसा देकर शादी की घटनाओं को रोका जा सके.

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योगी सरकार के मंत्री मोहसिन रजा ने कहा कि यूपी में अब ये नहीं चलेगा कि मिशन की तरह लड़कियों को बहलाकर धर्म परिवर्तन कराया जाए. ये उन जिहादियों को कड़ा संदेश है, जो इसकी आड़ में धर्म परिवर्तन करवा रहे हैं. ऐसे लोगों को जेल में डालने की पूरी तैयारी है.

यूपी के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस तरह के मुद्दे राज्य के सांप्रदायिक सद्भाव को प्रभावित कर रहे थे, जिन्हें गंभीरता से लेने की आवश्यकता थी. जो लोग इस तरह के काम कर रहे हैं, उन्हें नाम बदलकर शादी करने और सामाजिक समरसता को बिगाड़ने की इजाजत नहीं होगी. सरकार ने पहले ही इसे कानून के रूप में लेने की योजना बनाई थी और प्रक्रिया शुरू हो गई है. मसौदा तैयार किया गया है और जल्द ही इसे सार्वजनिक डोमेन पर रखा जाएगा.

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सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि जैसा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने एक फैसले में साफ कहा है कि महज शादी करने के लिए किया गया धर्म परिवर्तन अवैध होगा. प्रदेश सरकार इस बाबत सख्त प्रावधानों वाला कानून लाएगी और फिर ऐसी हरकत करने वालों का राम नाम सत्य ही होगा.

वीएचपी ने दिया था सुझाव
- धर्म परिवर्तन करने वाले को पहले राज्य सरकार और प्रशासन को एक निश्चित अवधि पहले नोटिस देना होगा. ताकि सरकारी आंकड़ों में एक-एक चीज दर्ज रहे.

- अपने-अपने घर वालों को भी सूचना देना लाजिमी है ताकि वो अपनी ओर से एहतियात बरत सकें. ये एहतियात कानूनी यानी विरासत या वसीयत संबंधित, नैतिक या फिर पारिवारिक भी हो सकते हैं.

-सिर्फ विवाह या बहु पत्नी विवाह की सुविधा के मकसद से भी धर्म परिवर्तन करना अवैध घोषित हो. इसकी सजा भी सिर्फ नाम मात्र की नहीं बल्कि सख्त हो. यानी अपनी आस्था का मार्ग तय करने की संवैधानिक स्वच्छंदता तो हो, लेकिन एक कानूनी प्रक्रिया के तहत. सिर्फ जबानी जमा खर्च से ना हो बल्कि पूरे कानूनी हिसाब से हो.

 

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