प्रयागराज: इलाज के दौरान इंस्पेक्टर की मां की मौत, डॉक्टरों पर रॉड से हमला

जूनियर डॉक्टरों ने इंस्पेक्टर और उनके तीमारदारों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के साथ लोहे की रॉड से हमला किया, जिसमें कई डॉक्टरों को चोट भी आई है. इस घटना में इंस्पेक्टर समेत मरीज के तीमारदारों को भी गंभीर चोटें आई हैं.

Advertisement
प्रयागराज में मारपीट के बाद धरने पर बैठे डॉक्टर्स (फोटो-पंकज) प्रयागराज में मारपीट के बाद धरने पर बैठे डॉक्टर्स (फोटो-पंकज)

पंकज श्रीवास्तव

  • प्रयागराज,
  • 23 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 11:18 AM IST
  • मरीज़ के इलाज को लेकर एसआरएन में बवाल
  • बवाल के बाद जूनियर डॉक्टरों ने शुरू की हड़ताल
  • इलाज के दौरान हुई इंस्पेक्टर की मां की हुई मौत

कोविड मरीजों के इलाज को लेकर हालात दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं. प्रयागराज में कोविड-19 लेवल थ्री एसआरएन (स्वरूप रानी नेहरू) अस्पताल में मरीज को भर्ती कराने को लेकर जमकर बवाल हो गया. मरीज़ के इलाज को लेकर एसआरएन में बवाल हो गया जिसमें डॉक्टरों और परिजनों में मारपीट भी हुई. इस बीच इलाज के दौरान हुई इंस्पेक्टर की मां की मौत भी हो गई.

Advertisement

आज तड़के करीब 3 बजे कोविड मरीज अपनी मां को भर्ती कराने को लेकर इंस्पेक्टर और उसके परिवार वाले अस्पताल में जूनियर डॉक्टरों से भिड़ गए और दोनों में जमकर मारपीट हुई. जूनियर डॉक्टरों ने मारपीट से नाराज होकर काम बंद कर दिया और धरने पर बैठ गए और प्रशासनिक अधिकारियों को बुलाने की मांग करने लगे. मौके पर डीएम पहुंचे और उन्हें समझाने का प्रयास किया. डॉक्टरों की हड़ताल के बाद भर्ती मरीज़ों को थोड़ा दिक्कत का सामना भी करना पड़ा.

लोहे के रॉड से हमला

जूनियर डॉक्टरों ने इंस्पेक्टर और उनके तीमारदारों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के साथ लोहे की रॉड से हमला किया, जिसमें कई डॉक्टरों को चोट भी आई है. वहीं मारपीट की घटना में इंस्पेक्टर समेत मरीज के तीमारदारों को भी गंभीर चोटें आई हैं.

Advertisement
धरने पर बैठे डॉक्टर्स को समझाते पुलिस अफसर (फोटो-पंकज)

दरअसल, प्रतापगढ़ जिले में इंस्पेक्टर के पद पर तैनात जुल्फिकार अली अपनी मां को लेकर कोविड-19 लेवल थ्री एसआरएन अस्पताल पहुंचे थे. कोविड वार्ड नंबर 2 में तैनात डॉक्टरों बेड खाली ना होने के चलते मरीज को भर्ती करने से इंकार कर दिया. डॉक्टरों का आरोप है कि इस बात से नाराज इंस्पेक्टर और उनके साथ तीमारदारों ने मरीज को ग्लूकोज चढ़ाने वाले स्टैंड से मारपीट शुरू कर दी. चिकित्सकों का आरोप है कि मौके पर मौजूद चार पुलिसकर्मियों ने भी कोई बीच-बचाव नहीं किया. लेकिन जब अस्पताल के दूसरे डॉक्टर और कर्मचारी इकट्ठा होने लगे.

पुलिस इंस्पेक्टर जुल्फिकर घायल अवस्था में जमीन पर पड़े रहे. घायल इंस्पेक्टर जूनियर डॉक्टरों पर खुद और परिवार वालों को बुरी तरह मारपीट करने का आरोप लगा रहे हैं.

डॉक्टरों ने कामकाज ठप किया

घटना के बाद अस्पताल के जूनियर डॉक्टरों और कर्मचारियों में भारी आक्रोश है. इस घटना से नाराज अस्पताल में सभी वार्डों के डॉक्टरों ने कामकाज ठप कर दिया है और धरने पर बैठ गए हैं. 

डॉक्टरों का कहना है कि कोविड-19 संक्रमण के दौर में वे लोग अपनी जान की परवाह न करते हुए काम कर रहे हैं. लेकिन तीमारदारों द्वारा जिस तरह मारपीट की जा रही है इससे उनमें भय का माहौल पैदा हो रहा है. डॉक्टरों ने कहा है कि उन्हें सुरक्षा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बगैर वे काम पर नहीं लौटेंगे.

Advertisement

डॉक्टरों के कार्य बहिष्कार पर चले जाने के बाद डीआईजी, एसएसपी और डीएम भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने नाराज डॉक्टरों से काम पर वापस लौटने की अपील की है. लेकिन अभी तक डॉक्टर काम पर वापस लौटने को राजी नहीं हुए हैं. दरअसल, आए दिन अस्पताल में तीमारदारों द्वारा मारपीट की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग है.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »