उन्नाव केस: सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद रेप पीड़िता के चाचा तिहाड़ जेल में शिफ्ट

उन्नाव रेप पीड़िता के चाचा महेश सिंह को दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. रायबरेली जेल से निकालकर उन्हें तिहाड़ जेल शिफ्ट किया गया. उन्हें तिहाड़ जेल शिफ्ट करने के दौरान उनके साथ भारी फोर्स मौजूद थी जिसमें सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद थे.

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उन्नाव रेप की पीड़िता के चाचा को तिहाड़ जेल शिफ्ट किया गया उन्नाव रेप की पीड़िता के चाचा को तिहाड़ जेल शिफ्ट किया गया

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 12:11 AM IST

उन्नाव रेप केस की पीड़िता के कार हादसे और फिर सुप्रीम कोर्ट के कड़े तेवर के बाद अब इस रेप और कार हादसे मामले में कार्रवाई तेज हो गई है. जेल में बंद रेप पीड़िता के चाचा महेश सिंह को रायबरेली जेल से निकालकर उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया है.

पीड़िता के चाचा महेश सिंह को जिस समय रायबरेली जेल से निकालकर तिहाड़ जेल शिफ्ट किया जा रहा था उस समय उनके साथ भारी फोर्स मौजूद थी जिसमें सीआरपीएफ के जवान भी मौजूद थे.

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SC ने दिया था तिहाड़ शिफ्ट करने का आदेश

इससे पहले उन्नाव रेप केस में सुप्रीम कोर्ट ने फिर बड़ा फैसला सुनाया. देश की सबसे बड़ी अदालत ने शुक्रवार को रायबरेली जेल में बंद पीड़िता के चाचा महेश सिंह को तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने का आदेश दिया था. अदालत ने यह आदेश सुरक्षा कारणों की वजह से दिया. इसके अलावा पीड़िता का इलाज अब लखनऊ में ही किया जाएगा, उसे दिल्ली शिफ्ट नहीं किया जाएगा.

रेप पीड़िता के वकीलों की तरफ से सुप्रीम कोर्ट को यह जानकारी दी गई है कि पीड़िता का परिवार लखनऊ में ही इलाज कराना चाहता है, ऐसे में वे नहीं चाहते कि पीड़िता को दिल्ली शिफ्ट कराया जाए. सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अपने आदेश में कहा था कि अगर पीड़िता का परिवार चाहे तो पीड़िता का इलाज दिल्ली में किया जा सकता है.

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सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दलील दी गई कि पीड़िता का चाचा रायबरेली जेल में सुरक्षित है. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को नहीं माना और चाचा को दिल्ली की तिहाड़ जेल में शिफ्ट करने आदेश दे दिया. इस आदेश के बाद यूपी सरकार ने कहा कि उन्हें ऐसा करने में कोई दिक्कत नहीं है और अब उसे तिहाड़ जेल में शिफ्ट कर दिया गया है.

कोर्ट ने पीड़िता के मामले को अब सुप्रीम कोर्ट की दूसरी बेंच को सौंप दिया है, जो पूरे केस पर नजर बनाए रखेगी. इतना ही नहीं कोर्ट पीड़िता के इलाज पर भी लगातार रिपोर्ट लेती रहेगी. इसके अलावा चीफ जस्टिस रंगन गोगोई ने मीडिया को भी आदेश दिया कि वे उन्नाव रेप पीड़िता की पहचान को सामने ना लाएं.

दूसरी ओर, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद पीड़िता के वकील के घर के बाहर CRPF तैनात कर दी गई है. इसके अलावा जो वकील पीड़िता के चाचा का केस लड़ रहा है, उसे भी सुरक्षा दी गई है. वकील के साथ अब उन्नाव पुलिस का एक सिपाही रहेगा.

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