अमेरिका से आई फ्लाइट और उतरते ही YouTuber नंदना हिरासत में, जालसाजी का आरोप

हैदराबाद के शमशाबाद एयरपोर्ट पर अमेरिका से लौटते ही लोकप्रिय YouTuber रमानंदम उर्फ नंदना को लुक-आउट नोटिस के आधार पर हिरासत में लिया गया. उनके और पति के खिलाफ लंदन में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी रकम लेने के आरोप में मामला दर्ज है.

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YouTuber नंदना को शमशाबाद एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया. (Photo-ITG) YouTuber नंदना को शमशाबाद एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया. (Photo-ITG)

अपूर्वा जयचंद्रन

  • हैदराबाद,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:20 PM IST

हैदराबाद के शमशाबाद एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन अधिकारियों ने लोकप्रिय YouTuber रमानंदम उर्फ नंदना को हिरासत में लिया. वह अमेरिका से Emirates की फ्लाइट EK-520 से शमशाबाद पहुंची थीं. एयरपोर्ट पहुंचते ही अधिकारियों को उनके खिलाफ जारी लुक-आउट नोटिस की जानकारी मिली, जिसके बाद उन्हें तुरंत हिरासत में लेकर एयरपोर्ट पुलिस आउटपोस्ट में रखा गया.

नंदना के खिलाफ आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा जिले के इब्राहिमपट्टनम पुलिस स्टेशन में 22 नवंबर 2025 को मामला दर्ज किया गया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह मामला नंदना और उनके पति के खिलाफ दर्ज किया गया था. दोनों पर लंदन में नौकरी दिलाने के नाम पर बड़ी रकम लेने से जुड़ी धोखाधड़ी के आरोप हैं.

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इमिग्रेशन अधिकारियों ने अब नंदना को इब्राहिमपट्टनम पुलिस के हवाले कर दिया है. इब्राहिमपट्टनम पुलिस स्टेशन की एक महिला सब-इंस्पेक्टर और एक वकील उन्हें एयरपोर्ट पुलिस आउटपोस्ट से विशेष वाहन में लेकर गए.

 

यह मामला ब्रिटेन में रहने वाले मामिल्लापल्ली शिवक्रांति कुमार की शिकायत से जुड़ा है. शिकायत के मुताबिक, कुमार ने ब्रिटेन का वीजा नवीनीकरण, रोजगार से जुड़ी सेवाओं और अपनी पत्नी के लिए प्रायोजन प्रमाणपत्र की मदद के लिए डेस्टिनी कंसल्टेंसी से जुड़े जगर्लामुडी मधुकर से संपर्क किया था. कुमार ने कथित तौर पर 2023 में किस्तों में करीब 15 लाख रुपये कंसल्टेंसी से जुड़े बैंक खातों में जमा किए थे. यह भुगतान कथित तौर पर ब्रिटेन का वीजा और रोजगार से जुड़ी जरूरी व्यवस्थाएं कराने के आश्वासन के बाद किया गया था.हालांकि, कथित तौर पर वादा की गई सेवाएं पूरी नहीं हुईं.

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विवादित प्रायोजन प्रमाणपत्र

मामले में एक प्रमुख आरोप शिकायतकर्ता को कथित तौर पर दिए गए प्रायोजन प्रमाणपत्र से जुड़ा है. शिकायत के मुताबिक, कुमार ने बाद में दस्तावेज में दिए गए ब्रिटेन की कंपनी के नाम से संपर्क किया. कथित तौर पर कंपनी ने उन्हें बताया कि उसने वह प्रायोजन प्रमाणपत्र जारी नहीं किया था.इसके बाद कुमार ने रकम वापस मांगी. उन्हें कथित तौर पर 2 लाख रुपये वापस मिले, जबकि बाकी रकम कथित तौर पर वापस नहीं की गई.

शिकायत के आधार पर इब्राहिमपट्टनम पुलिस ने अपराध संख्या 515/2025 दर्ज की और मधुकर, रामा नंदना और मधुकर के पिता मोहन राव को आरोपी बनाया. मामले की रिपोर्टों में मधुकर को ए1, नंदना को ए2 और मोहन राव को ए3 बताया गया है.

दूसरे पीड़ितों की भी जांच

पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या अन्य लोगों से भी ब्रिटेन में नौकरी, वीजा सहायता और प्रायोजन से जुड़े ऐसे ही वादे किए गए थे. पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के कई लोग कंसल्टेंसी से संपर्क कर सकते हैं. हालांकि, पीड़ितों की संख्या और कथित तौर पर शामिल कुल रकम अभी निश्चित नहीं हुई है और जांच का हिस्सा है.

नंदना ने आरोपों से इनकार किया

रामा नंदना ने आरोपों से इनकार किया है. एक वीडियो बयान में उन्होंने कथित तौर पर कहा कि न तो वह और न ही उनके पति कंसल्टेंसी के मालिक हैं और न ही उसे चलाते हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके नाम का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है. उन्होंने यह भी दावा किया कि व्यक्तिगत विवादों के चलते उनके परिवार के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है. दंपति ने कथित तौर पर प्राथमिकी रद्द कराने के लिए आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का भी रुख किया है.

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जांच जारी

हैदराबाद हवाई अड्डे पर नंदना को हिरासत में लिए जाने के बाद इब्राहिमपट्टनम पुलिस जांच के तहत उनसे पूछताछ कर सकती है. पुलिस कथित वित्तीय लेनदेन, आरोपियों की भूमिका और विवादित प्रायोजन दस्तावेज की जांच कर रही है. इसके अलावा यह भी देखा जा रहा है कि क्या इसी तरह की अन्य शिकायतें दर्ज हैं.

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