वायनाड: बाढ़ प्रभावित 18 हजार परिवारों को राहत समग्री देंगे राहुल गांधी

वायनाड से सांसद राहुल गांधी बाढ़ प्रभावित 18,000 से भी ज्यादा परिवारों को राहत सामग्री देगें जिसमें खाद्य पदार्थ से लेकर कई जरुरी समान मौजूद होगा.

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राहुल गांधी (फाइल फोटो) राहुल गांधी (फाइल फोटो)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 16 अगस्त 2019,
  • अपडेटेड 11:26 PM IST

वायनाड से सांसद राहुल गांधी बाढ़ प्रभावित 18,000 से भी ज्यादा परिवारों को राहत सामग्री देगें. इस दिशा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काम करना शुरू कर दिया है. बाढ़ प्रभावित लोगों को दिए जाने वाली इस किट में जरूरी समान मौजूद होगा जिसे तीन चरणों में बांटा जाएगा.

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में उनके कार्यालय सचिव बायजू ने कहा, 'अगले दो दिनों में उनके निर्वाचन क्षेत्र के उस हर परिवार को बेसिक खाद्य पदार्थ किट, एक सफाई किट व ड्रेस मटेरियल्स किट मिल जाएंगे, जिन्होंने बाढ़ के प्रकोप का सामना किया है और अपने घर छोड़ दिए हैं. इस किट में एक कंबल भी होगा.'

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बायजू ने कहा, 'वायनाड लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र कई विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में फैला है, यह वितरण सभी जगहों पर किया जाएगा और इसका पहला चरण उम्मीद है कि एक-दो दिन में पूरा हो जाएगा. पहले किट में पांच किलोग्राम चावल, चीनी, दाल, चाय, कॉफी, तेल और कुछ अन्य जरूरी सामान होंगे, जो एक हफ्ते के लिए पर्याप्त होंगे. इसके अलावा जरूरी कपड़े व अंडरगारमेंट्स होंगे.'

उन्होंने कहा, 'अब भी कुछ लोग शिविरों में हैं, इसलिए दूसरे किट में बेसिक सफाई के सामान जैसे साबुन, वाशिंग पाउडर, डेटॉल और साथ ही पानी से भरे घरों को साफ करने के लिए कई तरह के समान भी दिए जाएंगे.

वायनाड में राहुल गांधी के कार्यालय के एक अन्य कर्मचारी रतीश ने कहा, 'तीसरे चरण में कंबल व कपड़े शामिल होंगे. हम अब से कुछ दिनों में इस पूरे वितरण कार्य को पूरा करने की उम्मीद करते हैं.' बताया जा रहा है कि इन सामानों का बड़ा हिस्सा तमिलनाडु से दान के रूप में आया है और कुछ कर्नाटक से आया है. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इन्हें वितरण के लिए किट के तौर पर बनाने के लिए रात भर काम किया है.

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बायजू ने कहा, 'राहुल गांधी अपने निर्वाचन क्षेत्र में 20 अगस्त के बाद वापस आ सकते हैं और वह फिर से लोगों से मिलेंगे. इस सप्ताह के शुरुआत में वह यहां तीन दिनों में विभिन्न राहत शिविरों में गए थे.'

वहीं केरल सरकार के दिए गए आंकड़ों के अनुसार, वायनाड जिले में 12 लोगों के मौत की खबर है, जबकि कुछ शवों के पुथुमाला में कीचड़ में दफन होने का संदेह है. पुथुमाला में हुए भूस्खलन में कई परिवारों को अपने घर गंवाने पड़े हैं.

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