IMF ने कहा- बढ़ती रहेगी भारतीय अर्थव्यवस्था, नीति आयोग ने बताया फैक्ट

नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमिताभ कांत ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए शहरीकरण एक बड़ा फैक्टर होगा. कांत का कहना है कि लगातार आर्थिक दिशा में उठाए जा रहे सही कदमों के परिणाम से देश आगे बढ़ रहा है. 

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नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत (फाइल फोटो) नीति आयोग के CEO अमिताभ कांत (फाइल फोटो)

अमित कुमार दुबे

  • दावोस,
  • 23 जनवरी 2019,
  • अपडेटेड 5:34 PM IST

नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमिताभ कांत ने भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के अनुमान पर खुशी जाहिर की है. उन्होंने बताया कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि के लिए शहरीकरण एक बड़ा फैक्टर होगा. कांत का कहना है कि लगातार आर्थिक दिशा में उठाए जा रहे सही कदमों के परिणाम से देश आगे बढ़ रहा है. 

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विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक से इतर एक कार्यक्रम में कांत ने यह भी कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के देश की आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत के अनुमान को पार कर सकती है.

कांत ने कहा कि IMF का अनुमान है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहेगी. वैश्विक अर्थव्यवस्था के परिदृश्य के संदर्भ में यह बात अपने आप में अच्छी है. लेकिन उन्हें उम्मीद है कि भारतीय अर्थव्यवस्था इस आंकड़े को भी पार जाएगी. उन्होंने कहा कि भारत शहरीकरण को बढ़ावा दे रहा है. 100 से ज्यादा स्मार्ट सिटी का विकास किया जा रहा है.

अमिताभ कांत ने कहा कि शासन और कारोबार करने के कामकाज को बदलने के लिए देश में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ावा देकर एक बड़ा बदलाव लाया जा रहा है. इसके अलावा बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का विकास हो रहा है. बैंकों की कर्ज देने की क्षमता में फिर सुधार हुआ है. वहीं मुद्रास्फीति और राजकोषीय घाटे जैसे वृहद आर्थिक आंकड़े भी हमारे पक्ष में हैं.

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औद्योगिक नीति और संवर्द्धन विभाग (डीआईपीपी) के सचिव रमेश अभिषेक ने कहा कि अधिक निवेश आकर्षित करने के लिए राज्यों के बीच होड़ मची है और सभी राजनीतिक दलों ने आर्थिक सुधार की प्रक्रिया को अपनाया है.

उन्होंने भारत द्वारा हाल में किए गए कई आर्थिक सुधारों का हवाला दिया, इनमें कारोबार सुगमता, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश, विनिर्माण और कराधान से जुड़े सुधार शामिल हैं. वे यहां औद्योगिक मंडल भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और कोटक महिंद्रा बैंक द्वारा आयोजित संस्थागत निवेशकों के गोलमेज सम्मेलन में बोल रहे थे.

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