कठुआ रेप: हाईकोर्ट पहुंचा पीड़ित परिवार, फांसी देने की मांग उठाई

पीड़ित परिवार ने दोषी सांझी राम, दीपक खजुरिया और परवेश कुमार की सजा को बढ़ाकर फांसी देने की मांग की है. विशाल जंगोत्रा को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती भी दी गई है.

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कठुआ दुष्कर्म कांड का दोषी सांझी राम (IANS) कठुआ दुष्कर्म कांड का दोषी सांझी राम (IANS)

aajtak.in

  • चंडीगढ़,
  • 10 जुलाई 2019,
  • अपडेटेड 11:52 AM IST

कठुआ रेप और मर्डर केस में पीड़ित परिवार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में अपील की है. पीड़ित परिवार ने दोषी सांझी राम, दीपक खजुरिया और परवेश कुमार की सजा को बढ़ाकर फांसी देने की मांग की है. इसके साथ ही विशाल जंगोत्रा को बरी किए जाने के फैसले को चुनौती भी दी गई है.

पिछले महीने पंजाब के पठानकोट की एक विशेष अदालत ने कठुआ दुष्कर्म और हत्या के मामले में सात में से छह को दोषी करार दिया. अदालत ने इनमें से तीन, मंदिर के पुजारी और मामले के मास्टरमाइंड सांझी राम, दीपक खजुरिया और प्रवेश कुमार को 25 साल की उम्रकैद की सजा सुनाई. जांच अधिकारियों राज और दत्ता और विशेष पुलिस अधिकारी सुरेंद्र कुमार को मामले में महत्वपूर्ण सबूत नष्ट करने के लिए पांच साल की सजा सुनाई गई.

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सांझी राम के बेटे विशाल को साक्ष्यों की कमी की वजह से रिहा कर दिया गया लेकिन उसके नाबालिग भतीजे का भाग्य किशोर कोर्ट की ओर से तय किया जाएगा. मामले में आठ आरोपी हैं. उसका मुकदमा अभी शुरू होना है जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट में उसकी उम्र निर्धारित करने की याचिका लगी है, उस पर मुकदमा चलाना शुरू करना अभी बाकी है.

इस केस के आरोप पत्र के अनुसार, लड़की का अपहरण किया गया और 10 जनवरी 2018 को कठुआ जिले के गांव के मंदिर में बंधक बनाकर रखा गया. लड़की मुस्लिम खानाबदोश जनजाति से थी. उसे भूखा रखा गया था, नशीली दवाएं दी गईं थीं, चार दिन तक लगातार उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया था और फिर पत्थर से कुचलकर मासूम की हत्या कर दी गई थी.

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