ड्रैगन के चंगुल में नेपाल! भारत बॉर्डर पर चीन ने खोले 30 स्टडी सेंटर

सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने आजतक को जानकारी दी है कि चीन नेपाल में 30 के आसपास चाईना स्टडी सेंटर खोल चुका है. इनकी संख्या पहले से ज्यादा बताई जा रही है.

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चीन ने नेपाल मं खोले स्टडी सेंटर (फाइल फोटो-AP) चीन ने नेपाल मं खोले स्टडी सेंटर (फाइल फोटो-AP)

जितेंद्र बहादुर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 11:20 AM IST

पाकिस्तान के बाद अब नेपाल पर ड्रैगन की नजर है. चीन नेपाल का इस्तेमाल स्ट्रैटिजिक गतिविधियों के लिए करने की फिराक में है. सुरक्षा एजेंसियों के सूत्रों ने आजतक को जानकारी दी है कि चीन नेपाल में 30 के आसपास चाईना स्टडी सेंटर खोल चुका है. इनकी संख्या पहले से ज्यादा बताई जा रही है.

सूत्रों के मुताबिक़ स्टडी सेंटरों के माध्यम से चीन नेपाल में कई सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियां चला रहा है. साथ ही चीनी भाषा को बड़े स्तर पर नेपाल के युवाओं को सिखा रहा है. सूत्र बताते है कि इनमें से कई स्टडी सेंटर भारत - नेपाल बॉर्डर के एरिया में भी बनाए गए हैं.

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सुरक्षा महकमे के सूत्रों ने बताया कि चीन इन स्टडी सेंटर में नेपाल में सामाजिक और सांस्कृतिक बदलाव करने में तो जुटा है. भारत के खिलाफ एंटी इंडिया सेंटिमेंट को भी भड़काने का प्रयास कर सकता है. सूत्रों के मुताबिक चीन इन स्टडी सेंटर में नेपाली युवाओं का काउंसिलिंग करके उनको नौकरी देने के लिए भी लुभा रहा है.

यही नहीं सूत्र बताते है कि चीन, नेपाल की पूरी मदद एयरपोर्ट बनाने में कर रहा है. हाल ही में चीन की मदद से नेपाल ने "निजगड" में एक एयरपोर्ट तैयार किया है. ये एयरपोर्ट भारत नेपाल सरहद से महज 8 किलोमीटर की दूरी पर है. इसका सामरिक महत्त्व है.

इसके अलावा चीनी कंपनी नेशनल एयरो टेक्नालॉजी इंटरनेशनल इंजीनियरिंग कॉर्पोरेशन नेपाल के वीरगंज में एयरपोर्ट बनाने का प्लान कर रहा है. इसमें भी चीन, नेपाल की पूरी मदद कर रहा है. चीन, नेपाल की तरफ लिपुलेख और भूटान की ओर डोकलाम एरिया को रेल रुट से जोड़ने की तैयारी कर रहा है.

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कुछ दिन पहले ही आजतक को सूत्रों ने जानकारी दी थी कि नेपाल चीन के उकसावे में आकर कई जगह भारत-नेपाल बॉर्डर पर अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है. नेपाल ने पूरे बॉर्डर पर अपनी तरफ 200 से ज्यादा नई बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) बनाने का काम तेज कर दिया है. ये काम नेपाल पहले नहीं कर रहा था.

गृह मंत्रालय के सूत्रों ने बताया है कि नेपाल ने अब तक अपने एरिया खलंगा, छांगरु और झूलाघाट के बाद पंचेश्वर के रोलघाट में भी बीओपी बनाकर वहां सशस्त्र प्रहरी फोर्स के जवानों की तैनाती कर दी है. यही नहीं नेपाल लिपुलेख के पास भी नई बीओपी बना रहा है.

नेपाल भी भारत की बराबरी करने में जुटा है और उसने भी 400 से 500 बीओपी अपने एरिया में बनाने की कोशिश में है. अभी पूरे बॉर्डर पर नेपाल की सिर्फ 130 बीओपी है. इन दिनों नेपाल जिस तरीके से इतनी भारी संख्या में अपनी तरफ बीओपी बना रहा है ये खतरनाक संकेत की ओर इशारा करता हैं.

सूत्रों के मुताबिक, लॉकडाउन और सीमा विवाद के बीच नेपाल ने अपनी सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है. नेपाल के झूलाघाट स्थित सीमा पुल पर अस्थायी चौकी खोलकर जवानों की तैनाती भी कर दी हैं. झूलाघाट में बीओपी पर एपीएफ के दो दर्जन से ज्यादा जवान तैनात हो चुके हैं. पुल के पास एपीएफ का अस्थायी बंकर बन रहा है.

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बीते दिनों लिपुलेख के पास नेपाल गरबाधार और झांगरू में दो हेलिपैड बना लिए है. जिस पर भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने कई हेलीकॉप्टर की सॉरटीज देखी है. इसके अलावा नेपाल कई हेलिपैड का निर्माण कर रहा है. सुरक्षा एजेंसियों ने जानकारी दी है कि नेपाल "सुस्ता" में भी एक हेलीपैड बना रहा है.

सूत्रों के मुताबिक नेपाल एक और हेलीपैड त्रिवेणी में आर्मी कैंप के पास बना रहा है. साथ ही उत्तरप्रदेश के महराजगंज जिले के सामने नवलपरासी में भी हेलीपैड बना रहा है, जो सीमा से तकरीबन 10 किमी की दूरी पर है.

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