भारत में मानसून को लेकर मौसम विभाग ने सितंबर के लिए बड़ा अनुमान जारी किया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के मुताबिक सितंबर में देशभर में औसत बारिश सामान्य से कम रहने की संभावना है. विभाग ने सोमवार को जारी अपने मासिक पूर्वानुमान में कहा कि सितंबर में बारिश लंबी अवधि के औसत यानी LPA के 91 फीसदी से भी कम रह सकती है. सितंबर के लिए लंबी अवधि का औसत 167.9 मिलीमीटर है. यह आंकड़ा 1971 से 2020 के बीच दर्ज बारिश के आधार पर तय किया गया है. ऐसे में IMD के अनुमान के मुताबिक इस साल सितंबर में देशभर में बारिश सामान्य स्तर तक पहुंचने की संभावना कम है.
मौसम विभाग ने सिर्फ बारिश को लेकर ही चिंता नहीं जताई है, बल्कि तापमान को लेकर भी अनुमान जारी किया है. IMD के अनुसार सितंबर में देश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है. यानी बारिश कम रहने के साथ सितंबर में गर्मी भी सामान्य से ज्यादा महसूस हो सकती है. IMD ने अगस्त 2026 के मौसम का भी आंकड़ा जारी किया है. विभाग के मुताबिक भारत में अगस्त 2026 वर्ष 1901 के बाद सबसे गर्म अगस्त रहा. इस दौरान देश का औसत तापमान 28.01 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. अगस्त के सामान्य औसत तापमान की बात करें तो यह 27.34 डिग्री सेल्सियस है.
यानी अगस्त में औसत तापमान सामान्य से काफी ऊपर रहा. सिर्फ औसत तापमान ही नहीं, बल्कि अगस्त का औसत न्यूनतम तापमान भी 1901 के बाद सबसे ज्यादा रहा. IMD के मुताबिक अगस्त 2026 में औसत न्यूनतम तापमान 24.36 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि इसका सामान्य स्तर 23.68 डिग्री सेल्सियस है. इस तरह अगस्त में दिन के साथ रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिली. मौसम विभाग के आंकड़ों ने अगस्त के दौरान देश में गर्मी की स्थिति को साफ तौर पर सामने रखा है.
सितंबर में सामान्य से कम बारिश का अनुमान
अगस्त में तापमान जहां रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, वहीं बारिश के मामले में भी स्थिति सामान्य नहीं रही. IMD के मुताबिक अगस्त 2026 में देशभर में 213.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. यह 2001 के बाद अगस्त महीने में सातवीं सबसे कम बारिश है. मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त में सामान्य से कम बारिश के पीछे एक प्रमुख कारण भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मध्यम से मजबूत अल नीनो की स्थिति रही. वर्तमान में इक्वेटोरियल पैसिफिक क्षेत्र में मजबूत अल नीनो की स्थिति बनी हुई है.
IMD के महानिदेशक मौसम विज्ञान मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर के मध्य और पूर्वी हिस्से में समुद्र की सतह का तापमान सामान्य से ऊपर बना हुआ है. उनके मुताबिक आने वाले महीनों में ये परिस्थितियां और मजबूत होने की उम्मीद है. मौसम विभाग के मुताबिक अगस्त के दौरान चार कम दबाव वाले सिस्टम बने थे. ये सिस्टम कुल मिलाकर 26 दिनों तक सक्रिय रहे. इसके बावजूद इनसे होने वाली बारिश का फायदा देश के सभी हिस्सों को नहीं मिला.
IMD के अनुसार इन सिस्टम से जुड़ी बारिश की गतिविधियां मुख्य रूप से भारत-गंगा के मैदानी इलाकों तक सीमित रहीं. इसके कारण देश के दूसरे हिस्सों में बारिश की कमी बनी रही. मौसम विभाग के इस आंकड़े से साफ है कि अगस्त में बारिश के सिस्टम बनने के बावजूद उनका प्रभाव पूरे देश में समान नहीं रहा. जहां भारत-गंगा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां ज्यादा रहीं, वहीं कई अन्य हिस्से बारिश की कमी से जूझते रहे.
अब सितंबर को लेकर IMD का अनुमान सामने आया है. मौसम विभाग के मुताबिक इस महीने देशभर में बारिश सामान्य से कम रह सकती है. सितंबर की सामान्य बारिश 167.9 मिलीमीटर मानी जाती है और इस बार इसके 91 फीसदी से कम रहने का अनुमान है. इसके साथ ही सितंबर में औसत अधिकतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है. यानी सितंबर में देश को कम बारिश और सामान्य से ज्यादा गर्मी दोनों का सामना करना पड़ सकता है.
प्रशांत महासागर में अल नीनो मजबूत होने के संकेत
IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि प्रशांत महासागर में बनी अल नीनो की स्थिति आगे और मजबूत हो सकती है. मौसम विभाग ने इसी स्थिति को भारत में अगस्त के दौरान कम बारिश के प्रमुख कारणों में से एक बताया है. कुल मिलाकर अगस्त में जहां भारत ने 1901 के बाद सबसे गर्म अगस्त देखा, वहीं बारिश भी सामान्य से कम रही. अब सितंबर के लिए भी IMD ने सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है. ऐसे में मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान में बारिश के साथ तापमान पर भी नजर बनी हुई है.
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