नेपाल की पहली महिला चीफ जस्टिस सुशीला कार्की ने शपथ ली

नेपाल में पहली महिला राष्ट्रपति और पहली महिला संसद स्पीकर के बाद अब एक महिला देश के सुप्रीम कोर्ट की पहली चीफ जस्टिस बन गई है. सुशीला कार्की ने सोमवार को औपचारिक रूप से देश के चीफ जस्टिस का पदभार संभाल लिया.

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सुशीला कार्की सुशीला कार्की

मोनिका शर्मा

  • काठमांडू,
  • 11 जुलाई 2016,
  • अपडेटेड 8:25 PM IST

नेपाल में पहली महिला राष्ट्रपति और पहली महिला संसद स्पीकर के बाद अब एक महिला देश के सुप्रीम कोर्ट की पहली चीफ जस्टिस बन गई है. सुशीला कार्की ने सोमवार को औपचारिक रूप से देश के चीफ जस्टिस का पदभार संभाल लिया.

64 साल के इतिहास में पहली बार
संसदीय सुनवाई विशेष समिति ने रविवार को सर्वमम्मति से सुशीला कार्की के नाम का अनुमोदन कर दिया था, जिसकी नियुक्ति की सिफारिश संवैधानिक परिषद ने गत 10 अप्रैल को की थी. ऐसा करके समिति ने देश के 64 वर्ष के न्यायिक इतिहास में एक नया मानदंड स्थापित किया.

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देश के 3 अहम पदों पर महिलाएं
सुशीला की नियुक्ति का मतलब यह है कि अब नेपाल में राष्ट्रपति, संसद की स्पीकर और सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश के पद पर महिलाएं आसीन होंगी. 64 वर्षीय सुशीला देश की 25वीं चीफ जस्टिस हैं. राष्ट्रपति भंडारी ने सोमवार को उन्हें पद की शपथ दिलाई.

भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करती सुशीला
वह करीब तीन महीने से कार्यवाहक चीफ जस्टिस के तौर पर काम कर रही थीं क्योंकि संसदीय विशेष समिति की सुनवाई में देरी हो रही थी. गत 14 अप्रैल को कल्याण श्रेष्ठ के सेवानिवृत्त होने के बाद सुशीला ने कार्यवाहक चीफ जस्टिस का कार्यभार संभाला था. काशी हिंदू विश्वविद्यालय से राजनीतिक शास्त्र में स्नातकोत्तर की पढ़ाई करने वाली सुशीला भ्रष्टाचार को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करने का नजरिया रखने के लिए जानी जाती हैं.

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