इस तरह दाऊद बना डेविड कोलमैन हेडली

हेडली ने जहां ट्रेनिंग ली वहां इस्‍लाम नहीं भारत के दुश्‍मन बनाए जाते हैं. पेश हैं नीचे वो सीढ़ियां, जिस पर चढ़कर दाऊद सैयद गिलनी बन गया डेविड कोलमैन हेडली.

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डेविड हेडली डेविड हेडली

सना जैदी

  • नई दिल्ली,
  • 08 फरवरी 2016,
  • अपडेटेड 8:38 PM IST

आतंकी डेविड हेडली से गवाही के दौरान मुंबई की स्‍पेशल कोर्ट में जब पूछा गया कि उसकी नजर में जिहाद किसे कहते हैं, तो उसने तुरंत कहा कि जो इस्‍लाम के दुश्‍मन हैं, उनके खिलाफ लड़ाई ही जिहाद है. लेकिन हेडली ने जहां ट्रेनिंग ली वहां इस्‍लाम नहीं भारत के दुश्‍मन बनाए जाते हैं. पेश हैं नीचे वो सीढ़ियां, जिस पर चढ़कर दाऊद सैयद गिलनी बन गया .

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1. 2006 में दाऊद सैयद गिलानी ने अपना नाम बदलकर हेडली रख लिया.
2. हसन अब्‍दल के कैडेट कॉलेज में हेडली ने पढ़ाई की. यहां बच्‍चों को आर्मी में भर्ती होने के लायक बनाते हैं.
3. ने दो साल में लश्‍कर के लिए करीब 5-6 कोर्स किए.

4. पहला कोर्स हेडली ने दौर ए सूफा, मुरिदके से किया. यह थ्‍योरी कोर्स है.
5. दूसरा कोर्स ने दौर ए अमा, मुजफ्फराबाद से किया. यह प्रिलिमिनरी मिलिट्री कोर्स है.
6. तीसरा कोर्स हेडली ने दौर ए खास किया. यह दूसरा मिलिट्री कोर्स है.
7. चौथा कोर्स उसने दौर ए रिब्‍बत, एबटाबाद से किया. यहां उसने सर्विलांसिंग और सेफ हाउस बनाना सीखा.

8. एबटाबाद और मुजफ्फराबाद ट्रेंनिंग सेंटर हैं. यहां पर इस्‍लाम के दुश्‍मन नहीं बतौर भारत के दुश्‍मन बनने को प्रेरित किया जाता है.
9. को अबु फरकान, अबु हंजाल, अबु उस्‍मान, अबु सईद और अब फतुल्‍लाह ने ट्रेंड किया.
10. हेडली ने बताया कि मैं कश्‍मीर जाकर लड़ना चाहता था पर मुझे कहा गया कि आप इस काम के लिए नहीं हो. हम आपसे कोई और काम लेंगे.

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