राजस्थान में सियासी हलचल, वसुंधरा राजे को छोड़ दिल्ली बुलाए गए सभी बड़े BJP नेता

जेपी नड्डा से मिलने के लिए प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर दिल्ली पहुंच गए हैं. इस बैठक में वसुंधरा राजे को नहीं बुलाया गया है.

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जेपी नड्डा के साथ वसुंधरा राजे (फाइल फोटो-PTI) जेपी नड्डा के साथ वसुंधरा राजे (फाइल फोटो-PTI)

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 08 जनवरी 2021,
  • अपडेटेड 11:25 AM IST
  • जेपी नड्डा ने बीजेपी नेताओं को दिल्ली बुलाया
  • पिछली बार BJP की बैठक के बाद संकट में आ गई थी गहलोत सरकार

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज राजस्थान बीजेपी के नेताओं को दिल्ली तलब किया है. इसे लेकर राजस्थान में सियासी चर्चा तेज हो गई है. जेपी नड्डा से मिलने के लिए प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर दिल्ली पहुंच गए हैं.

सबसे अहम बात यह है कि राजस्थान की राजनीति से जुड़े इस बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को नहीं बुलाया गया है. अचानक से जेपी नड्डा के इन नेताओं के बुलाने को लेकर कई तरह के क़यास लगाए जा रहे हैं. पिछली बार जब यह लोग मिलने गए थे, तब राजस्थान में कांग्रेस का सियासी संकट शुरू हुआ था.

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अब एक बार फिर से मिलने गए हैं, तब लोगों में चर्चा शुरू हो गई है कि आख़िर जेपी नड्डा ने राजस्थान के इन तीनों बड़े नेताओं को दिल्ली क्यों बुलाया है? कहा जा रहा है कि जेपी नड्डा के साथ इस मीटिंग के बाद राजस्थान सरकार को गिरा बीजेपी प्रदेश की राजनीति में कोई बड़ा बदलाव कर सकती है.

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हालांकि प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि ये सामान्य बैठक है और राजस्थान में विधानसभा के तीन उप चुनाव होने हैं, इसके अलावा निकायों के चुनाव होने हैं, इसकी तैयारियों के सिलसिले में यह बैठक बुलायी गई है. मगर इस बैठक में वसुंधरा राजे को नहीं बुलाने से यह संदेश साफ हो गया है कि राजस्थान बीजेपी की राजनीति में अब वसुंधरा राजे के दिन लद गए हैं.

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पिछले दिनों ही वसुंधरा राजे के विरोधी नेता घनश्याम तिवाड़ी की बीजेपी में वापसी हुई थी. वसुंधरा राजे के विरोध की वजह से घनश्याम तिवाड़ी की वापसी नहीं हो पा रही थी मगर अब माना जा रहा है कि राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा विरोधी खेमा मजबूत हो रहा है और घनश्याम तिवाड़ी की वापसी इसी ओर इशारा कर रही है.

 

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