चंडीगढ़ प्रशासन ने कैब एग्रीगेटर कंपनियों Uber और Rapido के लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड कर दिए हैं. प्रशासन ने दोनों कंपनियों पर मोटर व्हीकल एग्रीगेटर नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया है. यह कार्रवाई 8 सितंबर से लागू हो गई है.
यह फैसला Uber India Systems Private Limited और Rapido चलाने वाली Roppen Transportation Services Private Limited पर लागू होगा. चंडीगढ़ के स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (STA) ने यह कार्रवाई की है.
प्रशासन का कहना है कि दोनों कंपनियों को लंबे समय से नियमों का पालन करने के लिए कहा जा रहा था. उन्हें कई नोटिस भेजे गए. कंपनियों की जांच भी की गई और सुनवाई भी हुई. इसके बावजूद नियमों से जुड़े कई मुद्दों का समाधान नहीं किया गया.
STA ने बताया कि कंपनियों पर ड्राइवरों के लिए जरूरी बीमा की व्यवस्था नहीं करने का आरोप है. खासतौर पर बाइक टैक्सी चलाने वाले कैप्टन के हेल्थ और टर्म इंश्योरेंस को लेकर सवाल उठाए गए.
प्रशासन के मुताबिक इन दोनों कंपनियों ने सरकार की ओर से तय किए गए किराया नियमों का भी सही तरीके से पालन नहीं किया. STA का कहना है कि कंपनियों से जरूरी दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन वे समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए.
प्रशासन ने कई बार कंपनियों को अपनी स्थिति साफ करने का मौका दिया. लेकिन अधिकारियों के मुताबिक कंपनियां संतोषजनक जवाब नहीं दे सकीं. इसके बाद दोनों के एग्रीगेटर लाइसेंस 6 महीने के लिए सस्पेंड करने का फैसला लिया गया.
जून में Ola पर भी हुई थी कार्रवाई
स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी ने चंडीगढ़ प्रशासन मोटर व्हीकल एग्रीगेटर्स रूल्स 2025 के नियम 17 के तहत कार्रवाई की है. प्रशासन का कहना है कि शहर में कैब और बाइक टैक्सी सेवाएं चलाने वाली कंपनियों को तय नियमों का पालन करना जरूरी है.
इससे पहले जून में Ola के लाइसेंस पर भी 6 महीने की रोक लगाई गई थी. Ola पर भी इसी तरह नियमों का पालन नहीं करने का आरोप लगा था. Ola के मामले में भी ड्राइवरों के इंश्योरेंस और ट्रेनिंग को लेकर शिकायतें मिली थीं. इसके अलावा किराया तय करने के तरीके और कंपनी के सब्सक्रिप्शन मॉडल पर भी सवाल उठाए गए थे.
यह भी पढ़ें: Green SM Limo भारत में लॉन्च, Ola-Uber को टक्कर, बुकिंग पर 50 परसेंट का डिस्काउंट
Ola चलाने वाली ANI Technologies को जुलाई 2025 में नियमों का पालन करने के लिए कहा गया था. इसके बाद दो महीने बाद फिर निर्देश जारी किए गए. लेकिन प्रशासन के मुताबिक कंपनी ने जरूरी सुधार नहीं किए.
जांच के लिए बनाई गई एक समिति ने यह भी पाया था कि कंपनी करीब एक साल पहले अपना स्थानीय कार्यालय खाली कर चुकी थी. इसकी जानकारी अधिकारियों को नहीं दी गई थी. कई नोटिस और बैठकों के बाद भी नियमों के उल्लंघन से जुड़े मामलों का समाधान नहीं हुआ.
अब Uber और Rapido पर भी इसी तरह कार्रवाई हुई है. तीन बड़ी राइड एग्रीगेटर कंपनियों पर हुई कार्रवाई के बाद चंडीगढ़ में ऐप आधारित कैब और बाइक टैक्सी सेवाओं को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है.
कमलजीत संधू