एग्जाम रद्द, यूनिवर्सिटी 10 दिन के लिए बंद और पुलिस का फ्लैग मार्च... LPU में कैसे हैं हालात

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में एक छात्रा से रेप की अफवाह फैलने के बाद हिंसा भड़क उठी थी. हालांकि सोमवार की भोर में पुलिस ने कैंपस में फ्लैग मार्च किया और अब स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.

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एलपीयू के प्रदर्शनकारी छात्रों ने रविवार को जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाइवे जाम कर दिया था एलपीयू के प्रदर्शनकारी छात्रों ने रविवार को जालंधर-फगवाड़ा नेशनल हाइवे जाम कर दिया था

कमलजीत संधू

  • फगवाड़ा,
  • 28 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:05 AM IST

पंजाब के फगवाड़ा जिले में स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं. हालांकि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने रविवार शाम ही अगले 10 दिन के लिए छुट्टी की घोषणा कर दी. इसके साथ ही यहां हो रहे एग्जाम भी रद्द कर दिए गए हैं. एक छात्रा से रेप की अफवाह फैली थी. इसके बाद मामले में शुरू हुआ बवाल तोड़फोड़ और आगजनी के स्तर पर पहुंच गया. हालांकि पुलिस ने फ्लैग मार्च कर स्थिति को काबू में करने का दावा किया है, लेकिन तनाव बरकरार है. 

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इसी बीच सोमवार से 10 दिनों के लिए क्लासेस सस्पेंड होने और मिडटर्म एग्जाम के टलने के बाद छात्र-छात्राएं घर जाते दिखे. कैंपस से छात्र घरों के लिए निकल गए हैं और धीरे-धीरे LPU अब खाली हो रही है. 10 दिन बाद स्थिति सामान्य होने के बाद फिर से क्लासेस शुरू हो सकती हैं. शनिवार भोर से हुए बवाल के बाद अब तक 24 घंटे में क्या-क्या हुआ, इस पर डालते हैं एक नजर-

अभी कैसे हैं हालात?

LPU में सोमवार सुबह हालात शांत हैं. रात में पंजाब पुलिस ने यूनिवर्सिटी कैंपस में फ्लैग मार्च किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी छात्र अपने हॉस्टल लौट गए. रविवार को प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कैंपस में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की थी. दुकानों और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया गया. पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई और पुलिसकर्मियों पर पथराव भी किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए. 

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इंटरनेट सर्विस बैन

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) कैंपस और आसपास के इलाकों में आधी रात से मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं. वहीं, बड़ी संख्या में छात्र अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं. हॉस्टल में रहने वाले ज्यादातर छात्र पंजाब के बाहर के राज्यों से हैं.

सीएम मान ने लिया संज्ञान, दोषियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हुए बवाल के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मामले का संज्ञान लिया है. पंजाब मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के मुताबिक, सीएम मान ने घटना में शामिल दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने पंजाब के DGP गौरव यादव को खुद मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लेने और स्थिति की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं. कैंपस में रविवार को हुए हंगामे और हिंसा के बाद फिलहाल बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात है.

प्रदर्शन-तोड़फोड़ में 20 करोड़ रुपये की संपत्ति को नुकसान!
इंटेलिजेंस इनपुट के मुताबिक, हिंसा और तोड़फोड़ में 20 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति को नुकसान पहुंचने का अनुमान है. हालात बिगड़ने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस बल कैंपस में तैनात किया गया. पंजाब पुलिस ने आधी रात को कैंपस के अंदर फ्लैग मार्च किया. इसके बाद छात्रों ने प्रदर्शन खत्म कर दिया और अपने-अपने हॉस्टल लौट गए. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है.

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स्थिति पर कंट्रोल के बाद खोला गया हाईवे, ट्रैफिक सामान्य
यूनिवर्सिटी कैंपस के हॉस्टलों में करीब 25 हजार छात्र रहते हैं. पंजाब पुलिस के ADGP मोहम्मद फैयाज फारूकी ने बताया कि पुलिस ने रात में फ्लैग मार्च किया और छात्रों ने भी सहयोग किया. उन्होंने कहा कि अब हालात नियंत्रण में हैं और हाईवे भी खोल दिया गया है. ADGP फारूकी ने कहा कि स्थिति सामान्य होने के बाद कक्षाएं फिर शुरू होनी चाहिए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिंसा और तोड़फोड़ में शामिल दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

यह भी पढ़िएः LPU में छात्रों का बवाल, वाहनों में लगाई आग... 10 दिन के लिए यूनिवर्सिटी बंद, परीक्षा भी टली

कैसे हुई बवाल की शुरुआत?

कैंपस में एक छात्रा से कथित रेप और आत्महत्या की अफवाह फैली. सोशल मीडिया पर ऐसे दावों से जुड़े मैसेज तेजी से सर्कुलेट होने लगे. इसके बाद छात्रों ने उग्र प्रदर्शन शुरू कर दिया. प्रदर्शन कर रहे छात्रों की पुलिस से झड़प हो गई. इस दौरान पथराव हुआ और पुलिस की दो गाड़ियों में आग लगा दी गई. कई अन्य वाहन भी क्षतिग्रस्त हुए हैं. हिंसा में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात भी सामने आई है. 

पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज किया है मुकदमा, SIT जांच के लिए टीम बनाई
पुलिस के मुताबिक, छात्रों की शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ रेप का मामला दर्ज किया गया है. मामले की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) भी बनाई गई है. हालांकि, यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कैंपस में रेप की घटना के दावे को खारिज करते हुए इसे 'अफवाह' बताया है. 

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LPU में क्लास सस्पेंड होने के बाद छात्र घर के लिए निकल रहे हैं

क्या है दावा- तीन दिन पहले हुई रेप की घटना

प्रदर्शन रविवार तड़के करीब एक बजे गर्ल्स हॉस्टल-3 के पास शुरू हुआ. कुछ छात्रों ने दावा किया कि तीन दिन पहले हॉस्टल में रहने वाली एक छात्रा के साथ एक प्लंबर ने रेप किया था. छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल वार्डन को इसकी जानकारी दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. DIG नवीन सिंगला के मुताबिक, छात्रों ने दावा किया कि संबंधित छात्रा बाद में अपने घर चली गई.

MiG-23UM विमान और सेना के टैंक पर चढ़कर प्रदर्शन
सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जमा हो गए. प्रदर्शनकारी 'वी वांट जस्टिस' के नारे लगाते दिखाई दिए. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में कुछ प्रदर्शनकारी यूनिवर्सिटी परिसर में तोड़फोड़ करते नजर आए. एक छात्र कैंपस में रखे पुराने MiG-23UM विमान के ऊपर चढ़ गया, जबकि कुछ छात्र वहां रखे सैन्य टैंक पर भी चढ़ गए थे. 

दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे-44 किया था जाम
प्रदर्शनकारियों ने कैंपस के बाहर दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे-44 को भी जाम कर दिया. इससे हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. यातायात को दूसरे रास्तों से डायवर्ट करना पड़ा था. शाम करीब 7.30 बजे पुलिस ने छात्रों से हाईवे खाली करने को कहा. अधिकारियों के मुताबिक, इस दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पानी की बोतलें फेंकीं. इसके बाद पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया और छात्र कैंपस की ओर भागे. 

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कपूरथला, जालंधर और होशियारपुर से बुलाया गया अतिरिक्त पुलिस बल
पुलिस का कहना है कि इसके बाद छात्रों ने पथराव शुरू कर दिया और पुलिस वाहनों को निशाना बनाया. दो वाहनों में आग लगा दी गई, जबकि जालंधर रूरल SSP हरविंदर सिंह विर्क के मुताबिक चार से पांच पुलिस वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं. स्थिति बिगड़ने के बाद कपूरथला, जालंधर रूरल और होशियारपुर से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. ADGP एमएफ फारूकी के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कैंपस पहुंचे. बाद में DIG नवीन सिंगला ने कहा कि स्थिति को नियंत्रण में ले लिया गया है और NH-44 पर यातायात बहाल करा लिया गया. 

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सभी आरोप-दावे झूठे और निराधार- LPU की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी

पुलिस ने छात्रों के बयान के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. DIG ने कहा कि फॉरेंसिक सैंपल, CCTV फुटेज और कॉल रिकॉर्ड समेत अन्य सबूतों की जांच की जाएगी. छात्रों के प्रतिनिधियों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा. वहीं, LPU की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी ने आरोपों को 'झूठा, निराधार और मनगढ़ंत' बताया. यूनिवर्सिटी ने कहा कि पुलिस जांच में पूरा सहयोग किया जाएगा. LPU प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों से अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है.

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इस बीच पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने मामले को लेकर AAP सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि छात्रों के गंभीर सवालों का पारदर्शी और समयबद्ध जवाब मिलना चाहिए. साथ ही उन्होंने हिंसा को पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति से जोड़ते हुए राज्य सरकार की आलोचना की.

क्या प्रदर्शन में बाहरी भी शामिल?
एक प्रदर्शनकारी छात्र का कहना है कि कल रात कुछ बाहरी लोगों ने आकर यूनिवर्सिटी की संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया. प्रदर्शनकारी छात्र के मुताबिक, जब तक सिर्फ यूनिवर्सिटी के छात्र प्रदर्शन कर रहे थे तब तक हालात नियंत्रण में थे. बाद में कुछ बाहरी लोग आए और उन्होंने तोड़-फोड़ की. उनका कहना है कि इन चीज़ों के लिए बाहरी लोग ही जिम्मेदार हैं. उनके मुताबिक, यूनिवर्सिटी के छात्र मामले में सिर्फ जवाबदेही और साफ-सुथरी बातचीत चाहते थे.  

डीन ने क्या कहा

छात्र विंग के डीन सौरभ लखनपाल ने इस मामले पर कहा कि वे हर तरह से जांच के लिए तैयार हैं. छात्र प्रतिनिधियों को भी वे जांच में शामिल करने के लिए तैयार हैं. उनका कहना है कि वे छात्रों को CCTV फुटेज दिखाने और पूरी जांच में शामिल कराने के लिए तैयार हैं. उनका कहना है कि अफवाह को लेकर जांच की जाएगी. 

यूनिवर्सिटी ने क्या कहा?

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इस मामले में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) की रजिस्ट्रार डॉ. मोनिका गुलाटी ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर फैल रही अफवाहों को झूठा, निराधार और मनगढ़ंत बताया है. उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए पूरी तरह झूठी, निराधार और मनगढ़ंत अफवाहें फैला रहे हैं.

इससे छात्रों के बीच अनावश्यक भ्रम पैदा हो रहा है और यूनिवर्सिटी के शांतिपूर्ण शैक्षणिक माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है. उनका कहना है कि इन अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है. उन्होंने लोगों से इन अफवाहों पर भरोसा न करने की अपील की है. 

चितकारा यूनिवर्सिटी में भी 28 सितंबर से 1 अक्टूबर तक नॉन-टीचिंग डेज घोषित

चितकारा यूनिवर्सिटी (बनूड़) में 24-25 सितंबर की दरमियानी रात हुए जोरदार हंगामे और तोड़फोड़ के बाद माहौल लगातार तनावपूर्ण बना हुआ है. बीते दिन 26 सितंबर को भी सैकड़ों छात्र दोबारा एकत्र होकर यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर (वीसी) कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और इंसाफ की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.

लगातार बढ़ते विवाद और प्रशासनिक कारणों के मद्देनजर यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने कैंपस में 28 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक ‘नॉन-टीचिंग वर्किंग डेज’ घोषित किए हैं. यूनिवर्सिटी के प्रो वाइस चांसलर (ह्यूमन रिसोर्सेज) डॉ. हरप्रीत एस. भाटिया की ओर से जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, इस दौरान नियमित पढ़ाई का काम बंद रहेगा. पंजाब की प्रमुख निजी यूनिवर्सिटियों में छात्रों के इस विरोध को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है.

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