LPU में बवाल के बाद कैंपस में लॉकडाउन, CBI जांच की मांग लेकर HC पहुंचे छात्र

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में छात्रा से रेप की अफवाह के बाद हुए हंगामे और हिंसा के मामले में B.Tech के एक छात्र ने कोर्ट की निगरानी में CBI जांच की मांग की है.

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LPU में छात्रों ने प्रदर्शन किया था. (PTI Photo) LPU में छात्रों ने प्रदर्शन किया था. (PTI Photo)

कमलजीत संधू

  • चंडीगढ़,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 9:32 PM IST

लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में बीते दिनों छात्रा से रेप की अफवाह के बाद हुए हंगामे के मामले में अब यूनिवर्सिटी के B.tech तीसरे वर्ष के एक छात्र ने मामले में कोर्ट की निगरानी में CBI जांच कराने की मांग की है. 

बिहार के भागलपुर के रहने वाले 23 साल के कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग छात्र रवि राज ने यह याचिका दायर की है. वे हॉस्टल-6 में रहते हैं. 

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इस याचिका को चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की डिवीजन बेंच के सामने अर्जेंट लिस्टिंग के लिए मेंशन किया गया था. इस मामले की सुनवाई बुधवार 30 सितंबर को होने वाली है. छात्र ने अशांति फैलाने वाले आरोप और उसके बाद हुई आगजनी, तोड़-फोड़ और बड़े पैमाने पर लूटपाट, दोनों की स्वतंत्र जांच की मांग की है. 

मंगलवार को, यूनिवर्सिटी ने हिंसा में शामिल छात्रों की जांच के लिए तीन सदस्यीय डिसिप्लिनरी कमेटी बनाने की घोषणा की थी. यूनिवर्सिटी का कहना था कि लगभग 30-40 छात्र जांच के दायरे में हैं और अधिकारी CCTV फुटेज और दूसरे मटीरियल की जांच कर रहे हैं. 

कैंपस में अभी भी अजीब शांति है. साथ ही, भारी पुलिस बल की तैनाती भी है. पहले एकेडमिक ब्लॉक, हॉस्टल और गेट पर 2,000 लोग तैनात थे. जली हुई गाड़ियां, टूटी खिड़कियां, दुकानों में तोड़फोड़ और नुकसान हुआ इंफ़्रास्ट्रक्चर हिंसा की कहना बयां कर रहे हैं.

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हिंसा के बाद, 28 सितंबर से 10 दिनों की नियमित कक्षाओं को रोक दिया गया है. वहीं, 1 अक्टूबर के आसपास शुरू होने वाले मिड-टर्म परीक्षा को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है. साथ ही, छात्रों से कहा गया है कि वे अपने माता-पिता या गार्जियन से सलाह लेने के बाद घर लौट सकते हैं. कैंपस में बचे लोगों से कहा गया है कि वे अपने हॉस्टल या घरों में रहें और अशांति से जुड़ी किसी भी एक्टिविटी से दूर रहें.

रिपोर्ट्स से पता चलता है कि LPU के लगभग 35,000-40,000 छात्रों में से आधे से ज्यादा पहले ही अपने घरों के लिए रवाना हो चुके हैं. क्षेत्र के रेलवे स्टेशनों पर भीड़ थी क्योंकि माता-पिता अपने बच्चों को लेने के लिए पहुंचे थे. 

यूनीमॉल के दुकानदारों को हुआ नुकसान

LPU परिसर में स्थित यूनीमॉल के अंदर के दुकानदार अभी भी नुकसान का गिन रहे हैं. सुप्रीत सिंह, जिनकी लैपटॉप की दुकान एक दशक से भी पहले मॉल में खुलने वाली पहली दुकानों में से एक थी. उन्होंने कहा कि उत्पात और लूट का पैमाना बहुत ज्यादा था. उन्होंने कहा, "500 सुरक्षाकर्मी भी इसे नहीं रोक सकते थे." 

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उनका कहना है कि आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स आउटलेट- मोबाइल और लैपटॉप बेचने वाली सात से दस दुकानों को जानबूझकर निशाना बनाया गया. अकेले इन दुकानों का कुल नुकसान ₹10 करोड़ को पार कर गया है. व्यापारियों ने नए शैक्षणिक सत्र और आने वाले त्योहारों के मौसम के लिए स्टॉक किया था लेकिन लोग खाली बैग लेकर आए और लैपटॉप और फ़ोन लेकर चले गए, खाली हार्ड कवर फेंक दिए. 

यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने इस घटना को अफवाह का गुस्सा बताया है. यौन उत्पीड़न का मुख्य आरोप, जिसके कारण पूरा प्रदर्शन हुआ. उसका अब तक पुलिस या यूनिवर्सिटी सत्यापन नहीं कर पाई है. वहीं, SIT मामले में जांच कर रही है. मूल दावे से जुड़ी किसी भी गिरफ़्तारी की ज़्यादा रिपोर्ट नहीं मिली है. हिंसा और प्रॉपर्टी के नुकसान के लिए ज़िम्मेदार लोगों की पहचान की जा रही है. 

मामले में BJP-AAP ने क्या कहा

इस मामले में राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी बंटी हुई हैं. BJP नेताओं ने आरोप लगाया है कि अशांति राजनीति से प्रेरित थी और उन्होंने बाहरी लोगों की भूमिका की जांच की मांग की है. वहीं, AAP के प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने साज़िश के दावों को खारिज करते हुए कहा कि पंजाब पुलिस ने बिना ज़्यादा बल का इस्तेमाल किए हालात को संभाला. चांसलर और राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल ने मीडिया के सवालों के जवाब में कैंपस में हुई हिंसा पर कुछ नहीं कहा.

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LPU अपनी छोटी शुरुआत के बाद से बहुत तेज़ी से आगे बढ़ा है. 2001 में लगभग 280 छात्रों के साथ एक छोटे बिज़नेस और IT स्कूल के तौर पर शुरू हुआ, इसे 2005 में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के तौर पर ऑफिशियली शुरू किया गया था. आज इसमें लगभग 35,676 छात्र पढ़ते हैं, जिनमें से 86.5% पंजाब के बाहर से आते हैं.

यह संस्थान लवली ग्रुप के तहत काम करता है. इस ग्रुप में ऑटोमोबाइल डीलरशिप, रियल एस्टेट, मिठाई और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे बिज़नेस भी शामिल हैं. ग्रुप में लगभग 5,500 लोग काम करते हैं और इसका सालाना रेवेन्यू ₹1,000 करोड़ से ज़्यादा है. अशोक मित्तल इसके चांसलर हैं और उनकी पत्नी रश्मि मित्तल को-चांसलर हैं.

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