अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने नकली पुलिसकर्मी बनकर लाइसेंसी पिस्टल ठगने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर के निर्देश पर असामाजिक तत्वों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना सिविल लाइंस पुलिस ने यह कार्रवाई की. गिरफ्तार आरोपी की पहचान 26 वर्षीय सुखा सिंह के रूप में हुई है. पुलिस का कहना है कि आरोपी फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों का भरोसा जीतता था और फिर ठगी की वारदात को अंजाम देता था.
पुलिस के अनुसार कोर्ट रोड स्थित जेआर भाटिया गन हाउस के मालिक करण भाटिया ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 18 जुलाई 2026 को एक शख्स ने खुद को थाना सिविल लाइंस का एसएचओ बताकर फोन किया. उसने कहा कि वह पिस्टल देखने के लिए अपना कर्मचारी भेज रहा है. कुछ देर बाद पंजाब पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति सफेद रंग की स्विफ्ट कार में गन हाउस पहुंचा और खुद को एसएचओ का कर्मचारी बताते हुए लाइसेंसी पिस्टल लेकर चला गया.
जब गन हाउस संचालक ने थाना सिविल लाइंस से संपर्क किया तो पता चला कि न तो एसएचओ की तरफ से कोई फोन किया गया था और न ही किसी पुलिसकर्मी को भेजा गया था. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी. जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और गुप्त सूचना के आधार पर आरोपी की पहचान की. 3 अगस्त को रामतीर्थ रोड इलाके से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में यह भी सामने आया कि उसने थाना मजीठा रोड क्षेत्र में भी इसी तरह की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था. उस मामले में भी अलग से केस दर्ज है.
गन हाउस मालिक की शिकायत से खुला मामला
पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक लाइसेंसी पिस्टल, एक स्विफ्ट कार, फर्जी नंबर प्लेट PB08-CS-3215, पंजाब पुलिस की वर्दी, पुलिस विभाग का फर्जी पहचान पत्र, एक एसी, एक इन्वर्टर और मोबाइल फोन बरामद किए हैं. पुलिस का मानना है कि बरामद सामान से साफ है कि आरोपी लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से लोगों को निशाना बना रहा था.
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी फर्जी पुलिस पहचान पत्र, पंजाब पुलिस की वर्दी और नकली नंबर प्लेट का इस्तेमाल करता था. इनकी मदद से वह खुद को पुलिसकर्मी बताकर लोगों का भरोसा जीतता और फिर धोखाधड़ी की वारदात को अंजाम देता था. फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों, ठगी के नेटवर्क और इस तरह की अन्य घटनाओं का भी खुलासा किया जा सके.
तकनीकी साक्ष्यों और CCTV से आरोपी तक पहुंची पुलिस
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को पुलिस अधिकारी या कर्मचारी बताकर किसी प्रकार की कार्रवाई करता है तो उसकी पहचान की पुष्टि जरूर करें. किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे शातिर ठगों के खिलाफ समय रहते कार्रवाई की जा सके.
अमित शर्मा