पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से सोमवार को लोकसभा सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय की बंद कमरे में हुई मुलाकात ने राज्य की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है. यह बैठक ऐसे समय हुई, जब अगले दिन नेशनलिस्ट सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) के सांसदों को नई दिल्ली में होने वाली एनडीए (NDA) की बैठक में शामिल होने का निमंत्रण मिला है.
करीब एक घंटे तक चली यह बैठक राज्य सचिवालय नबान्ना में हुई हालांकि बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसे लेकर किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया. सुदीप बंद्योपाध्याय उन 20 सांसदों में शामिल हैं, जिन्होंने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के कुछ सप्ताह बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) छोड़कर NCPI का दामन थाम लिया था. इस घटनाक्रम के बाद से ही पार्टी के भविष्य और उसके राजनीतिक रुख को लेकर चर्चाएं तेज हैं.
सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पहले दिल्ली जाकर इन 20 सांसदों से मुलाकात करनी थी, लेकिन उन्होंने अंतिम समय में अपना दौरा रद्द कर दिया. बताया जा रहा है कि उन्होंने कुछ वरिष्ठ NCPI सांसदों से फोन पर बात कर दिल्ली नहीं आ पाने की जानकारी दी. NCPI के एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि मुख्यमंत्री और पार्टी सांसदों के बीच प्रस्तावित बैठक फिलहाल टाल दी गई है. हालांकि पार्टी के सभी सांसद तय कार्यक्रम के अनुसार एनडीए की बैठक में हिस्सा लेंगे.
एनडीए की बैठक का निमंत्रण मिलने के बाद यह चर्चा और तेज हो गई है कि नवगठित NCPI केंद्र की भाजपा नीत गठबंधन के और करीब जा सकती है. इससे पहले भी पार्टी ने संसद के मानसून सत्र से पहले 19 जुलाई को संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में हिस्सा लेकर संकेत दिए थे कि वह केंद्र की सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ तालमेल बढ़ा रही है.
गौरतलब है कि टीएमसी से अलग होने के बाद सुदीप बंद्योपाध्याय समेत 20 सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर अलग संसदीय दल के रूप में मान्यता देने की मांग की थी. साथ ही उन्होंने लोकसभा में एनडीए के सहयोगी दलों के साथ बैठने की भी इच्छा जताई थी. यदि 20 सांसदों के साथ NCPI को मान्यता मिलती है, तो वह लोकसभा में एनडीए के सबसे बड़े सहयोगी दलों में शामिल हो सकती है.
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