संसद के मानसून सत्र में लगातार हुए हंगामे और कामकाज पर असर होने को लेकर केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है. रिजिजू ने कहा कि सरकार ने विपक्ष से बातचीत की पूरी कोशिश की, लेकिन कांग्रेस और सपा पहले ही संसद नहीं चलने देने का फैसला कर चुकी थीं. उन्होंने यह भी कहा कि इस मुद्दे पर उनकी राहुल गांधी से लंबी बातचीत हुई थी और उस दौरान प्रियंका गांधी भी मौजूद थीं.
इंडिया टुडे को दिए अपने खास इंटरव्यू में केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा 'जब भी मैं विपक्षी दलों के पास गया, मैंने सभी से संपर्क किया. व्यक्तिगत बातचीत में सब ठीक रहते हैं, लेकिन जब वे कोई स्टैंड ले लेते हैं तो उसी पर अड़े रहते हैं. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तय कर लिया था कि वे संसद नहीं चलने देंगे. बाकी सारी बातें सिर्फ बहाना थीं.'
उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति में सरकार की ओर से किसी अतिरिक्त अपील का भी कोई असर नहीं पड़ता. राहुल गांधी से अपनी बातचीत का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कहा कि कांग्रेस नेता कुछ मुद्दों पर समझौता नहीं करने का मन बना चुके थे.
'गृह मंत्री के इस्तीफे की मांग बचकानी'
रिजिजू के मुताबिक, राहुल गांधी ने बातचीत के दौरान गृह मंत्री को लेकर कहा था कि उन्हें बयान देना चाहिए और इस्तीफा देना चाहिए. इस मांग को रिजिजू ने 'बचकाना' करार दिया. उन्होंने कहा, 'लोकतंत्र इस तरह काम नहीं करता. गृह मंत्री एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और वह अपनी जिम्मेदारी के मुताबिक काम करेंगे. लेकिन किसी की ऐसी मांग के मुताबिक कैसे काम कर सकते हैं? संसदीय लोकतंत्र में इस तरह व्यवहार नहीं किया जाता.'
केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस सांसदों के विरोध के तरीके पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि उन्हें कांग्रेस सांसदों के लिए दुख होता है क्योंकि अब वे नारेबाजी और विरोध को ही अपना प्रमुख काम समझने लगे हैं. रिजिजू ने कहा कि अतीत में कांग्रेस के पास कई दिग्गज और प्रेरणादायक नेता रहे हैं, लेकिन आज संसद में उसके सांसद तख्तियां लेकर नारेबाजी और प्रधानमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते दिखाई देते हैं.
क्या बुलाया जा सकता है संसद का विशेष सत्र?
मानसून सत्र को अभी तक औपचारिक रूप से सत्रावसान (prorogue) नहीं किए जाने से जुड़े सवाल पर रिजिजू ने कहा कि इसमें कुछ भी असामान्य नहीं है. उन्होंने कहा कि 1952 के बाद कई ऐसे मौके आए हैं, जब संसद को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित (adjourned sine die) किया गया, लेकिन सत्रावसान नहीं हुआ और बाद में उसी सत्र को दोबारा बुलाया गया.
जब उनसे पूछा गया कि क्या सरकार 'संसद का विशेष सत्र बुलाने की तैयारी कर रही है', तो रिजिजू ने इसका सीधा जवाब देने के बजाय कहा कि, सरकार उचित समय आने पर इसकी जानकारी देगी.
प्रीति चौधरी