'चंद पूंजीपतियों के हाथ में सारा पैसा', राहुल के सवाल पर रघुराम ने समझाया- पूंजीवाद के खिलाफ नहीं हो सकते, लेकिन...

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कांग्रेस नेता के साथ इकोनॉमी और भारत के आर्थिक परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा की. पूर्व आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत के लिए 2022 से ज्यादा चुनौतीपूर्ण 2023 रहने वाला है. उन्होंने इकोनॉमी पर सरकार को सलाह भी दी.

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राहुल गांधी और RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (फोटो-पीटीआई) राहुल गांधी और RBI के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन (फोटो-पीटीआई)

aajtak.in

  • सवाई माधोपुर,
  • 15 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 4:32 PM IST

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में हर रोज नए मेहमान शामिल रहे हैं. बुधवार को सवाई माधोपुर में इस यात्रा में रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन शामिल हुए थे. यात्रा के बाद रघुराम राजन और राहुल गांधी ने कई मुद्दों पर बातचीत की. पूर्व आरबीआई गवर्नर ने कहा कि भारत के लिए 2023 ज्यादा चुनौतीपूर्ण होने वाला है. उन्होंने कहा कि इस साल भी युद्ध और अन्य कारणों की वजह से दुनिया आर्थिक रूप से परेशान रही लेकिन अगला साल और भी मुश्किलों भरा रहने वाला है. भारत की इकोनॉमी पर अपनी राय देते हुए रघुराम राजन ने कहा कि इंडिया और दुनिया की अर्थव्यवस्थाएं उस रिफॉर्म को तैयार करने में नाकाम रहीं जो कि विकास के लिए जरूरी थी. 

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इस दौरान रघुराम राजन ने कहा कि देश में आर्थिक विकास की दर कोविड शुरू होने से पहले ही गिरने लगी थी. उन्होंने कहा कि अगर आप 2019 और 2022 के विकास दर की तुलना करें तो ये मात्र 2 फीसदी है ये हमारे लिए बहुत कम है. रघुराम राजन ने कहा कि कोविड की वजह से विकास दर धीमी हुई लेकिन शुरुआत पहले ही हो चुकी थी. हमारी अर्थव्यवस्था 9 फीसदी की ग्रोथ से घटकर 5 फीसदी पर आ चुकी थी.  

देश के चंद पूंजीपतियों के हाथों में धन के केंद्रीकरण से जुड़ा सवाल राहुल गांधी ने जब उठाया तो रघुराम राजन ने कहा कि ये बड़ी समस्या है. कोविड के दौरान अपर मिडिल क्लास की कमाई बढ़ी है. क्योंकि वे घर से काम कर सकते थे. लेकिन गरीबों को तो फैक्ट्री जाना पड़ता था. लेकिन फैक्ट्री महामारी के दौरान बंद रही, इसलिए इनका काफी नकुसान हुआ. ये लोअर मिडिल क्लास का वर्ग है. अमीरों पर कोई असर नहीं पड़ा है. बेरोजगारी बढ़ रही है, ब्याज दर बढ़ रहा है, लोअर मिडिल क्लास बहुत प्रभावित हुआ है.   

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लोअर मिडिल क्लास को ध्यान में रखकर नीतियां बनाएं सरकार

उन्होंने कहा कि निम्न मध्यम वर्ग (LMC) को ध्यान में रखते हुए नीतियां बनाई जानी चाहिए, जो कोरोनोवायरस महामारी के कारण सबसे अधिक पीड़ित हैं. राजन ने छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने और टिकाऊ ऊर्जा के क्षेत्र में ग्रीन रिवोलूशन को बढ़ावा देने की भी वकालत की. 

पूंजीवाद के खिलाफ नहीं हो सकते है.

चंद अमीरों के हाथ में पूंजी के केंद्रीकरण पर रघुराम राजन ने राहुल को समझाते हुए कहा कि हम पूंजीवाद के खिलाफ नहीं हो सकते हैं लेकिन कॉम्पीटिशन के लिए हमें लड़ना होगा. हम बाजार पर एकाधिकार के खिलाफ हो सकते हैं. छोटे बिजनेस, बड़े बिजनेस देश के लिए अच्छे हैं लेकिन मोनोपॉली देश के लिए अच्छा नहीं है. 

राहुल गांधी ने पूर्व आरबीआई गवर्नर से जानना चाहा कि आजादी के बाद हरित क्रांति हुई, फिर दुग्ध क्रांति आई फिर कम्प्यूटर क्रांति हुई. अगली क्रांति क्या हो सकती है?

राहुल के सवाल के जवाब में रघुराम राजन ने कहा कि सर्विस सेक्टर की क्रांति देश की अगली क्रांति हो सकती है.  उन्होंने कहा, "हम अमेरिका गए बिना यहां से अमेरिका के लिए काम कर सकते हैं. जैसे डॉक्टर अमेरिका को टेलीमेडिसिन सेवाएं प्रदान कर सकते हैं और बहुत सारी विदेशी मुद्रा अर्जित कर सकते हैं. हमारा सर्विस सेक्टर एक्सपोर्ट हमें निर्यात में महाशक्ति बना देगा."

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सभी को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती

रघुराम राजन ने नौकरी की समस्या को रेखांकित करते हुए कहा कि बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है और निजी क्षेत्र को आगे बढ़ाना होगा क्योंकि सभी को सरकारी नौकरी नहीं मिल सकती. उन्होंने कहा कि अगर तकनीकी हस्तक्षेप बढ़ाया जाए तो कृषि क्षेत्र में नौकरियां पैदा की जा सकती हैं. राजन ने यह भी सुझाव दिया कि छोटे और मध्यम स्तर के उद्योगों को बड़ा होने के लिए एक अनुकूल वातावरण और कारकों की आवश्यकता है. 

जब मधुमक्खियों ने काटा था...राहुल ने सुनाई पिकनिक की कहानी

इस बातचीत में राहुल गांधी ने पूर्व आरबीआई गवर्नर को अपने बचपन का एक वाकया भी सुनाया. राहुल ने कहा कि बचपन में वे अपने पिता राजीव गांधी और मां सोनिया गांधी के साथ पिकनिक पर राजस्थान के निमराना आए थे. तभी मधुमक्खियों ने उनपर हमला कर दिया. राहुल ने कहा कि पापा को लगभग 25 मधुमक्खियों ने काट लिया, मां ने मुझे कंबल से ढक लिया. मुझे लगभग 9 जगहों पर मधुमक्खियों ने काटा. राहुल ने रणथम्भौर पार्क के बारे में भी चर्चा की.

बता दें कि कन्याकुमारी से शुरू हुई राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा के 100 दिन पूरे हो चुके हैं. राहुल की यात्रा अभी राजस्थान में है.  

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