दतिया उपचुनाव में बीजेपी की हार के बाद नरोत्तम मिश्रा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट के जरिये अपने ऊपर लग रहे आरोपों का खंडन किया है. दतिया से बीजेपी उम्मीदवार रहे आशुतोष तिवारी को लेकर जो खबरें उनके बारे में सामने आ रही हैं, नरोत्तम मिश्रा ने उनका खंडन किया है. उन्होंने लिखा कि, 'आशुतोष तिवारी मेरे अनुज हैं. उनके प्रति मेरे मन में हमेशा स्नेह और आत्मीयता रही है, और आगे भी रहेगी। हमारे बीच न कभी कोई कटुता थी, न आज है. आज भी हमारी मुलाकात हमेशा की तरह उसी गर्मजोशी और अपनत्व के साथ हुई.
अपनी इस पोस्ट में उन्होंने आशुतोष तिवारी के साथ फोटो भी अपलोड की है. इस फोटो में दोनों यानी नरोत्तम मिश्रा और आशुतोष तिवारी मुस्कुराते नजर आ रहे हैं. इस फोटो के सामने आने के बाद लोग एक बार फिर उनके उपचुनाव में प्रचार के पलों को याद करने लगे हैं.
असल में मध्य प्रदेश में बीजेपी की हार से हलचल मची हुई है. सियासी गलियारों में तमाम चर्चाओं के बीच इस हार का ठीकरा भी अलग-अलग सिरों पर फूट रहा है, जिसमें एक नाम नरोत्तम मिश्रा का भी है.
असल में बीजेपी ने दतिया से नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को वहां से उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार बनाया था. इसके बाद नरोत्तम मिश्रा मंच पर रोते और भावुक होते नजर आए थे. उनकी नाराजगी की चर्चा रही थी, लेकिन उन्होंने मंच पार्टी के फैसले को स्वीकारते हुए आशुतोष तिवारी का समर्थन जताते हुए जनता से उनके लिए वोट भी मांगा था.
फिर भी कहीं न कहीं अंदरखाने में उनके असंतोष की चर्चा और अटकलें बनी रही थीं. अब जब दतिया उपचुनाव का परिणाम सामने है और बीजेपी हार चुकी है तब ऐसे में एक बार फिर नरोत्तम मिश्रा निशाने पर आ गए हैं. इन्हीं खबरों का खंडन करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने बुधवार को आशुतोष तिवारी के साथ फोटो शेयर की और X पर एक पोस्ट भी लिखी.
उन्होंने लिखा कि, 'दतिया उपचुनाव के बाद सोशल मीडिया पर मेरे और भाजपा प्रत्याशी आशुतोष जी तिवारी को लेकर जो भ्रामक और असत्य बातें फैलाई जा रही हैं, वे पूरी तरह निराधार हैं. आशुतोष तिवारी मेरे अनुज हैं. उनके प्रति मेरे मन में हमेशा स्नेह और आत्मीयता रही है, और आगे भी रहेगी. हमारे बीच न कभी कोई कटुता थी, न आज है. आज भी हमारी मुलाकात हमेशा की तरह उसी गर्मजोशी और अपनत्व के साथ हुई.'
उन्होंने आगे लिखा कि 'आशुतोष भारतीय जनता पार्टी के एक कर्मठ, समर्पित और मेहनती कार्यकर्ता हैं. मेरे चुनाव 2003 डबरा से मैंने उन्हें एक ईमानदार कार्यकर्ता के रूप में ही देखा है. मैंने वर्षों से उनकी कार्यशैली को करीब से देखा है. मुझे पूरा विश्वास है कि वे संगठन और जनता की अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे. आशुतोष ने भी परिणाम के पश्चात किसी का नाम लेकर नाराज़गी नहीं जताई यह भी सभी कार्यकर्ताओं के प्रति उनके मन में सम्मान के भाव का प्रकटीकरण है.'
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