देश भर में नीट (NEET) पेपर लीक को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन जारी है, ऐसे में विपक्ष भी CJP के साथ खड़ी हो गई है और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रही है. इसी कड़ी में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी मोदी सरकार पर निशाना साधा है.
उनका कहना है कि छात्रों ने जवाबदेही और शिक्षा व्यवस्था में सुधारों की मांग की लेकिन सरकार ने इसे सुनिश्चित करने की बजाय उन्हें ही देश का दुश्मन माना और उनके खिलाफ कार्रवाई की.
सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर भारत के शिक्षा माहौल को दूषित करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि देश के छात्रों ने मोदी सरकार को बेनकाब किया है. उनका कहना है कि छात्रों के साथ खड़ा होना और उनके भविष्य की सुरक्षा करना सरकार का नैतिक, राजनीतिक और संवैधानिक कर्तव्य है. उनका कहना है कि किसान आंदोलन से लेकर छात्रों के इस प्रदर्शन तक सरकार की कार्रवाई का पैटर्न वही है.
CPP अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2020 की याद दिलाते हुए कहा कि सभी ने देखा कि उस समय CAA(नागरिकता संशोधन अधिनियम) और NRC को लेकर किस तरह पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने तोड़फोड़ की थी और महिला पहलवानों के साथ कैसा सलूक किया गया था वह भी किसी से छिपा नहीं है.
सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "पेपर लीक को लेकर देश भर में तेजी से प्रदर्शन हो रहे हैं. छात्रों की मांगे स्पष्ट और साफ है कि भारत सरकार जवाबदेही ले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाए. लेकिन मोदी सरकार ने छात्रों की हिम्मत का जवाब कायरता और बेरहमी से दिया है, उनके साथ देश के दुश्मन जैसा बर्ताव किया है."
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 20 जुलाई 2026 को देश के इतिहास में एक काला दिन बताया है, उनका कहना है कि जिस तरह दिल्ली पुलिस और CAPF ने युवाओं पर लाठीचार्ज किया और आंसू गैस का इस्तेमाल किया वह दुखद है.
उन्होंने कहा कि छात्रों की इस असहमति को देश-विरोधी बताने के लिए सरकार ने पुराने 'टूलकिट' का इस्तेमाल कर इस आंदोलन को बेअसर करने की कोशिश की.
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