स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार और बीजेपी ने 14 अगस्त को 'विभाजन विभिषिका स्मृति दिवस' के रूप में मनाते हुए विभाजन के पीड़ितों को श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित बीजेपी के शीर्ष नेताओं ने देश के विभाजन के दौरान हुई हिंसा, विस्थापन और जान-माल के नुकसान को याद किया तथा इसके लिए तत्कालीन कांग्रेस नेतृत्व की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में शाह ने कहा कि 14 अगस्त 1947 का दिन इतिहास के उस क्रूरतम अध्याय का साक्षी है, जिसमें अमानवीय पीड़ा सहते हुए लाखों लोगों को अपना जीवन गंवाना पड़ा और करोड़ों लोगों को घर, संपत्ति व अपनों को छोड़कर विस्थापित होना पड़ा.
उन्होंने विभाजन को कांग्रेस के देन बताते हुए इस त्रासदी में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी. शाह ने कहा, 'देश के बंटवारे का यह दंश, जो कांग्रेस की देन है, उसे इतिहास कभी भूल नहीं पाएगा. इस विभीषिका में अपने प्राण गंवाने वाले और अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष करने वाले सभी लोगों को श्रद्धापूर्वक नमन करता हूं.'
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के माध्यम से इस त्रासदी की यादों को देश के युवाओं तक पहुंचा रही है, ताकि देश को दोबारा बांटने वाली ताकतें कभी सफल न हो सकें और ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ देश का सर्वोच्च लक्ष्य बने.
अन्य बीजेपी नेताओं ने भी दी श्रद्धांजलि
बता दें कि केंद्र सरकार 2021 से हर साल 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस’ के रूप में मना रही है. इसका उद्देश्य देश के विभाजन के दौरान दंगों में जान गंवाने वाले लोगों और विस्थापन का दर्द झेलने वाले परिवारों को याद करना है.
बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि उस समय कांग्रेस नेतृत्व की ‘नीतिगत गलतियों’ और ‘सत्ता की राजनीति’ ने देश की एकता, अखंडता और गरिमा को गहरा आघात पहुंचाया. उन्होंने विभाजन के दौरान असहनीय पीड़ा और त्रासदी झेलने वाले सभी लोगों को श्रद्धांजलि दी.
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने विभाजन को ऐसी त्रासदी बताया, जिसका दर्द आज भी कई लोगों की आंखों में दिखाई देता है. उन्होंने कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं और संकीर्ण विचारधाराओं के कारण धर्म के नाम पर देश का विभाजन किया गया. नड्डा ने उन परिवारों को भी नमन किया, जिन्होंने अपनी जमीन और अपनों को खोने के बावजूद देश के पुनर्निर्माण में योगदान दिया.
पीयूष गोयल और सीआर पाटिल ने भी किया याद
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने विभाजन को भारतीय इतिहास का ‘भयावह अध्याय’ बताया. उन्होंने कहा कि इससे अनगिनत लोगों की जिंदगी प्रभावित हुई और कई पीढ़ियों के दिलों पर गहरे जख्म छोड़े.
केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने विभाजन को भारतीय इतिहास की सबसे पीड़ादायक घटनाओं में से एक बताया. उन्होंने कहा कि इसकी पीड़ा पीढ़ियों तक महसूस की गई है. उन्होंने इतिहास से सीख लेकर राष्ट्रीय एकता, सामाजिक सद्भाव और अखंडता को मजबूत करने तथा ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाने की अपील की.
बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद और पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी एवं लोकसभा सांसद अनिल बलूनी ने भी विभाजन में जान गंवाने और विस्थापन का दर्द झेलने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी.
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