उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव कराने को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य में तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने का आदेश दिया है. इस पर उत्तर प्रदेश सरकार के पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आज तक से बातचीत में कहा कि सरकार चुनाव कराने के लिए तैयार है. हालांकि, उन्होंने साफ किया कि पंचायत चुनाव पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट के आधार पर कराए जाने हैं. यह आयोग भी हाईकोर्ट के आदेश पर ही गठित किया गया है.
राजभर ने कहा कि सरकार को पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार है. आयोग जैसे ही अपनी रिपोर्ट सौंप देगा, उसके आधार पर पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट ने आयोग को भी एक महीने के भीतर रिपोर्ट देने के लिए कहा है.
अब एक महीने में रिपोर्ट तैयार हो पाएगी या नहीं, इसका जवाब आयोग को ही अदालत के सामने देना होगा. मंत्री के मुताबिक, सरकार की ओर से चुनाव कराने को लेकर तैयारी है, लेकिन आयोग की रिपोर्ट इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाएगी.
दिल्ली प्रदर्शन पर राजभर ने उठाए सवाल
ओमप्रकाश राजभर ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे लोगों को लेकर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूछा कि प्रदर्शनकारियों के खाने-पीने और रहने का खर्च कौन उठा रहा है. राजभर ने कहा कि जब वह खुद एक बार दिल्ली जाते हैं तो उनके अकेले का खर्च ढाई से तीन हजार रुपये तक हो जाता है.
ऐसे में बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचे लोगों के रहने और खाने-पीने की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए उन्होंने पूछा कि आखिर इन लोगों को फंडिंग कौन कर रहा है. हालांकि, उनके इस सवाल के समर्थन में किसी फंडिंग से जुड़ा सबूत या विवरण बातचीत में सामने नहीं आया.
CEC को आंदोलन से नहीं हटाया जा सकता
मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी पंचायती राज मंत्री ने अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त एक संवैधानिक पद है और किसी आंदोलन के जरिए उन्हें पद से नहीं हटाया जा सकता.
राजभर के मुताबिक, मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने के लिए महाभियोग की व्यवस्था है. उन्होंने विपक्ष के आरोपों पर सवाल उठाते हुए कहा कि महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान के चुनाव के समय ज्ञानेश कुमार मुख्य निर्वाचन आयुक्त नहीं थे. राजभर ने आरोप लगाया कि विपक्ष झूठे आरोप लगाकर देश की जनता को गुमराह कर रहा है.
राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन
राहुल गांधी को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का समर्थन करते हुए ओमप्रकाश राजभर ने कांग्रेस नेता को अमेठी से चुनाव लड़ने की चुनौती दी. उन्होंने कहा कि अगर राहुल गांधी में दम है तो वह समाजवादी पार्टी के समर्थन के बिना अमेठी से चुनाव लड़कर दिखाएं.
राजभर ने दावा किया कि राहुल गांधी अमेठी और रायबरेली में समाजवादी पार्टी के दम पर चुनाव जीतते हैं और इसमें उनका अपना कोई योगदान नहीं है. उनके इस बयान से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच चुनावी सहयोग को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत हैं.
संतोष शर्मा