बारिश में बिजली गुल होने की परेशानी होगी कम? इस राज्य में बदले जाएंगे पुराने ट्रांसफॉर्मर

तमिलनाडु के मंत्री आर निर्मल कुमार ने मानसून से पहले पिलर बॉक्स ऊंचे करने और 1,600 से ज्यादा पुराने ट्रांसफार्मर बदलने का ऐलान किया. उपभोक्ता डेटा बिजली बोर्ड के सर्वर पर रखने और ई-सिम तकनीक जोड़ने की मांग के कारण स्मार्ट मीटर टेंडर दो महीने टल सकता है.

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बारिश में बिजली कटौती से  निपटने का प्लान तैयार किया जा रहा है (Photo-PTI) बारिश में बिजली कटौती से निपटने का प्लान तैयार किया जा रहा है (Photo-PTI)

aajtak.in

  • चेन्नई,
  • 19 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 7:03 PM IST

तमिलनाडु के ऊर्जा संसाधन और कानून मंत्री आर निर्मल कुमार ने सोमवार को बिजली ढांचे में बड़े बदलावों का ऐलान किया है. मॉनसून और गर्मियों में ऊर्जा की मांग के दौरान रुकावट रोकने के लिए चेन्नई और आस-पास के जिलों में पिलर बॉक्स ऊंचे किए जाएंगे, साथ ही 1,600 से ज्यादा पुराने ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे.

निर्मल कुमार ने यह भी कहा कि स्मार्ट मीटर टेंडर डेटा सुरक्षा और ई-सिम से जुड़े बदलावों के लिए दो महीने टाला भी जा सकता है. उन्होंने कर्मचारियों की भर्ती, नए सबस्टेशन, सौर परियोजनाओं, बैटरी स्टोरेज नीति और 45 से ज्यादा संदिग्ध टेंडरों की जांच की भी जानकारी दी.

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चेन्नई, तिरुवल्लूर और कांचीपुरम में निरीक्षण के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुमार ने कहा कि पानी घुसने से रोकने के लिए करीब 15,000 पिलर बॉक्स चुने गए हैं. नगर निगम द्वारा बताए गए करीब 1,000 संस्थानों पर काम पूरा हो चुका है. कार्रवाई के तहत, पहले चुने गए 600 ट्रांसफार्मर के अलावा 20 से 25 साल पुराने 1,000 ट्रांसफार्मर बदले जाएंगे.

इसके साथ ही रात की गश्त और खराबी पर भी कार्रवाई मजबूत की गई है. खराब वाहनों की जगह इस हफ्ते 55 नए वाहन मौजूदा 97 वाहनों के साथ आपात फ्यूज बंद शिकायतों पर काम करेंगे. गिंडी में 2017 से अटके 400 केवी सबस्टेशन को जल्द पूरा करने के लिए बड़े स्तर पर काम चल रहा है.

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मैदानी कर्मचारियों की कमी दूर करने की तैयारी

तीनों जिलों के लिए 5,000 कर्मियों की मंजूरी मिली है. करीब 2,600 ठेका कर्मचारी प्रशिक्षण के बाद कार्रवाई के लिए तैनात हैं और अन्य 2,400 एक हफ्ते में काम शुरू करेंगे. गड़बड़ी रोकने के लिए बिना दस्तावेज वाली अस्थायी भर्ती की जगह सर्किल के हिसाब से खुले टेंडर जरूरी किए गए हैं. स्थायी भर्ती सेवा आयोग के जरिये होगी. करीब 1,800 उम्मीदवार शारीरिक परीक्षा के इंतजार में हैं. टीएनपीएससी के तहत 5,000 और फील्ड असिस्टेंट पदों के लिए वित्तीय मंजूरी बाकी है.

स्मार्ट मीटर, सौर परियोजनाओं और टेंडर्स की जांच

कुमार ने कहा कि तमिलनाडु ने केंद्र सरकार से उपभोक्ताओं का डेटा निजी क्लाउड के बजाय बिजली बोर्ड के सर्वर पर रखने और ईसिम तकनीक जरूरी करने की मांग की है. इन बदलावों के लिए स्मार्ट मीटर टेंडर टल सकता है. बिजली ढांचों में बदलाव की बात करते हुए उन्होंने विपक्ष पर निशाना भी साधा.

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष एम अप्पावु के दावों को बेबुनियाद बताते हुए निर्मल ने आरोप लगाया कि नियमों का उल्लंघन कर 4,000 से 6,000 मेगावाट की मंजूरी ली गई. जमीन का एक सेंट और जरूरी निवेश नहीं होने के बावजूद 100 मेगावाट और 200 मेगावाट की मंजूरी मिली. एक कंपनी रजिस्टर्ड या लेटरपैड कंपनी तक नहीं थी. फिर भी पिछले मार्च तक तेजी से मंजूरी दी गई.

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