सुप्रीम कोर्ट सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने और चुनाव आयोग के फैसले लेने के तरीके को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला है. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट इन दोनों मामलों में सुनवाई करने वाला है. इस बीच देश के अलग-अलग हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट हो रहे हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर NSUI पिछले तीनों दिनों से प्रदर्शन कर रही है. सोमवार को भी जंतर-मंतर पर NSUI ने प्रदर्शन किया.
देश के अलग-अलग हिस्सों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रोटेस्ट हो रहे हैं. दिल्ली के जंतर-मंतर पर NSUI पिछले तीनों दिनों से प्रदर्शन कर रही है. सोमवार को भी जंतर-मंतर पर NSUI ने प्रोटेस्ट किया. प्रदर्शन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने सफेद चादर ओढ़ कर मुर्दे की तरह लेटकर विरोध जताया है.
उनका कहना है कि जब वे जीवित हैं तो उनके वोट क्यों काटे जा रहे हैं. 'जिंदा हैं हम तो वोटर लिस्ट में मुर्दा क्यों' जैसे वारों के साथ कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं.
वहीं, मुंबई में कॉकरोच जनता पार्टी(CJP) पहले ही प्रदर्शन कर ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग कर चुकी है. CJP संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा था कि अगर ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं देंगे तो 10 अक्टूबर से देश भर से कॉकरोच दिल्ली पहुंचेंगे.
शिवसेना(UBT)-मनसे किया था प्रदर्शन
रविवार को मुंबई में शिवसेना(UBT) और मनसे ने प्रदर्शन किया था. उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे ने दो मांगें रखी. राज ठाकरे ने कहा कि अब तक जो SIR हुआ है, उसे कैंसिल किया जाए और अब बैलेट पेपर से वोटिंग होनी चाहिए. ठाकरे ने सवाल किया कि लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच करीब छह महीने में मतदाताओं की संख्या में इतनी बड़ी बढ़ोतरी कैसे हुई?
राज ठाकरे ने कहा कि सत्ता में कौन बैठेगा इसका फैसला जनता को करने देना चाहिए, चुनाव आयोग को नहीं. वहीं, INDIA ब्लॉक की पार्टियां बुधवार को SIR के खिलाफ दिल्ली में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर विरोध करने वाली है.
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सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच राकेश कुमार सिंह और वकील शैलेंद्र मणि त्रिपाठी की याचिकाओं पर सोमवार को सुनवाई करने वाले हैं. इन याचिकाओं में अपने सहयोगी चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बिना लिए गए फैसलों, गाइडलाइंस और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों को चुनौती दी गई है.
पटना के राकेश कुमार सिंह ने यह PIL दायर की है और इसमें सुप्रीम कोर्ट से यह तय करने की मांग की गई है कि क्या ज्ञानेश कुमार अकेले उन शक्तियों का इस्तेमाल कर सकते हैं जो कानूनन पूरे चुनाव आयोग की है.
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