भूस्खलन का असर गांव की आवाजाही पर भी पड़ा है. रिंबी-खेचुपेरी सड़क पर भारी मात्रा में मिट्टी और पत्थर आ गए हैं. इसके चलते यह सड़क पूरी तरह बंद हो गई है. स्थानीय वाहनों की आवाजाही रुक गई है. सड़क पर जमा मलबे को हटाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि, बारिश जारी रहने के कारण राहत और सड़क बहाली के काम में परेशानी आ सकती है. प्रशासन हालात पर नजर रख रहा है.
लगातार बारिश का असर सिक्किम के दूसरे हिस्सों में भी देखने को मिल रहा है. कई प्रमुख सड़कों पर आवाजाही प्रभावित हुई है. राष्ट्रीय राजमार्ग-10 के कुछ हिस्सों में भी बारिश के कारण परेशानी सामने आई है. सिंगतम और गंगटोक के बीच कनेक्टिविटी पर भी असर पड़ा है. पहाड़ी इलाकों में जगह-जगह मिट्टी और पत्थर गिरने का खतरा बना हुआ है. ऐसे में सड़क पर सफर करना जोखिम भरा हो सकता है.
भूस्खलन वाले इलाकों में जाने से बचने की अपील
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है. लोगों को गैर-जरूरी यात्रा से बचने की सलाह दी गई है. खासकर ऐसे पहाड़ी इलाकों में जाने से मना किया गया है, जहां भूस्खलन का खतरा ज्यादा है.
प्रशासन ने लोगों से मौसम और स्थानीय हालात पर नजर रखने को कहा है. जरूरी होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है. बारिश के दौरान पहाड़ी रास्तों पर अचानक मलबा गिर सकता है.
फिलहाल रिंबी गांव में राहत और बचाव का काम जारी है. प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. प्रशासन नुकसान का जायजा ले रहा है. हादसे में अब तक किसी भी तरह की जनहानि की खबर नहीं है.
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