कांग्रेस नेता शशि थरूर ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा के समर्थन में बयान दिया, जब नादिया जिला प्रशासन ने उन्हें कृष्णानगर सर्किट हाउस खाली कराने की कथित कोशिश की. थरूर ने कहा कि भीड़ द्वारा निशाना बनाए जाने पर सरकार को सांसद की सुरक्षा करनी चाहिए, न कि सरकारी आवास खाली करने को कहना चाहिए.
दरअसल, कृष्णानगर सांसद महुआ मोइत्रा ने शुक्रवार रात बाहर भीड़ जुटने और 'जय श्री राम' के नारे लगने के बाद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है और उत्पीड़न के मामले में कोर्ट जाने की चेतावनी दी.
'सुरक्षा देना सरकार का काम'
इसी पर नाराजगी जताते हुए थरूर ने राज्य सरकार पर सवाल उठाए और कहा कि लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले सभी लोगों से महुआ मोइत्रा के साथ खड़ा होना चाहिए. उन्होंने एक्स पर 'स्टैंड विद महुआ' हैशटैग के साथ लिखा कि अगर उनके विचारों पर अडिग रहने की कीमत ये है कि एक भीड़ उन पर हमला करने को उतारू हो जाए तो सरकार का काम है कि उन्हें सुरक्षा दे, न कि सरकारी आवास खाली करने के लिए कहे!.
थरूर ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में ऐसी बुनियादी बातों को बताने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए, खासकर उस दिन तो बिल्कुल नहीं जो हमारे स्वतंत्रता संग्राम के समापन का प्रतीक है.
महुआ ने लोकसभा स्पीकर को लिखा पत्र
वहीं, इस घटना के संबंध में महुआ मोइत्रा ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर इस मामले में त्वरित हस्तक्षेप करने और देश भर की महिला सांसदों की गरिमा सुनिश्चित करने की अपील की. उन्होंने पत्र में लिखा, 'मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि आप इस मामले को तुरंत देखें और एक मिसाल कायम करने और देश भर की महिला सांसदों की गरिमा सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाएं.'
उन्होंने लिखा कि यदि संसद में चुनकर पहुंचीं 74 महिला सांसदों की सुरक्षा नहीं की जा सकती तो महिला आरक्षण विधेयक लाना केवल एक मजाक बनकर रह जाएगा. उन्होंने दावा किया कि सांसद होने के नाते वे सर्किट हाउस में ठहरने की हकदार थीं.
महुआ ने किया घटनाक्रम का खुलासा
महुआ मोइत्रा ने घटनाक्रम का ब्योरा देते हुए बताया कि मैं शाम करीब 6.15 बजे सर्किट हाउस के कमरे में गई. स्टाफ ने मुझे मेरा आम तौर पर इस्तेमाल होने वाला कमरा दिखाया जो तैयार था. शाम 7 बजे मेरे कमरे में चाय दी गई और रात 9.20 बजे कमरे में ही रात का खाना परोसा गया. इसके बाद रात 9.47 बजे नादिया के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) का फोन आया, जिन्होंने परिसर खाली करने को कहा. मेरे कारण पूछने पर अधिकारी ने बताया कि ये 'ऊपर से आया आदेश' है जिसे वह केवल मुझ तक पहुंचा रहे हैं.
बुकिंग नियमों पर सवाल
महुआ ने बताया कि रात 10.52 बजे जिला प्रशासन ने व्हाट्सएप पर नेजारत डिप्टी कलेक्टर का एक आदेश भेजा. आदेश में कहा गया था कि वार्षिक रखरखाव और सफाई के कारण 14 अगस्त 2026 की शाम से सर्किट हाउस उपलब्ध नहीं रहेगा. महुआ ने आरोप लगाया कि बुकिंग या चेक-इन के दौरान उन्हें ऐसे किसी प्रतिबंध की जानकारी नहीं दी गई थी और रात में जबरन निकालने की कोशिश उत्पीड़न है.
aajtak.in