महिला एंकर पर अश्लील टिप्पणी पड़ी भारी, इस यूट्यूबर को हो गई तीन साल की जेल

चेन्नई की अदालत ने यूट्यूबर सवुक्कू शंकर को एक टीवी चैनल की महिला न्यूजरीडर को उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी पोस्ट के जरिए परेशान करने के मामले में तीन साल जेल की सजा सुनाई. न्यूजरीडर का आरोप था कि शंकर ने अपनी वेबसाइट पर अपमानजनक बातें और फर्जी दस्तावेज डाले, साथियों के साथ धमकाया और पोस्ट हटाने के बदले पैसे मांगे.

Advertisement
महिला एंकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में यूट्यूबर सवुक्कू शंकर को 3 साल की जेल (Photo: ITG) महिला एंकर पर आपत्तिजनक टिप्पणी मामले में यूट्यूबर सवुक्कू शंकर को 3 साल की जेल (Photo: ITG)

प्रमोद माधव

  • चेन्नई, तमिलनाडु,
  • 29 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:50 PM IST

तमिलनाडु की राजधानी में चेन्नई की एक अदालत ने मंगलवार को यूट्यूबर सवुक्कू शंकर को तीन साल जेल की सजा सुनाई. उन्हें एक टीवी न्यूज चैनल की महिला न्यूजरीडर को उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी पोस्ट के जरिए परेशान करने के मामले में महिला उत्पीड़न रोकथाम कानून के तहत दोषी पाया गया. शंकर के पास अपील के लिए 30 दिन हैं.

न्यूजरीडर ने पुलिस में शिकायत दी थी. उनका आरोप था कि शंकर ने अपनी वेबसाइट सवुक्कू पर उनके बारे में अपमानजनक बातें और फर्जी दस्तावेज डाले. उनके मुताबिक शंकर और साथियों ने धमकाया और पोस्ट हटाने के बदले पैसे मांगे. अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि ये पोस्ट न्यूजरीडर को निशाना बनाने और परेशान करने वाली थीं. सुनवाई एग्मोर की अतिरिक्त मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट अदालत में हुई.

Advertisement

ए शंकर उर्फ सवुक्कू शंकर तमिलनाडु के सतर्कता और भ्रष्टाचार निरोधक निदेशालय के पूर्व कर्मचारी हैं. बाद में वे यूट्यूबर और राजनीतिक टिप्पणीकार बने. अपने सवुक्कू प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन इंटरव्यू में वे नेताओं, पुलिस अधिकारियों और दूसरी सरकारी संस्थाओं की आलोचना करते रहे हैं. 2008 में दो वरिष्ठ अधिकारियों की रिकॉर्ड की गई बातचीत लीक करने के कथित आरोप में गिरफ्तारी के बाद वे चर्चा में आए. बयानों को लेकर उन पर कई मामले भी दर्ज हुए. शंकर पुराने आरोपों को गलत बताते हैं और कहते हैं कि पिछली डीएमके सरकार गिरफ्तारियों से उन्हें चुप कराना चाहती थी.

यह भी पढ़ें: गेट खोलने से किया इनकार, रखी शर्त, चर्चित Youtuber को उठाकर ले गई पुलिस

सितंबर 2022 में मद्रास हाईकोर्ट ने उन्हें अवमानना के मामले में छह महीने जेल की सजा सुनाई थी. उन्होंने एक यूट्यूब इंटरव्यू में कहा था कि न्यायपालिका भ्रष्टाचार से भरी है. वह मामला मंगलवार के फैसले से अलग है. मई 2024 में कोयंबटूर पुलिस ने उन्हें एक और इंटरव्यू में महिला पुलिसकर्मियों पर कथित अपमानजनक टिप्पणी के आरोप में गिरफ्तार किया. शिकायत एक महिला सब इंस्पेक्टर ने की थी और इस इंटरव्यू पर कई जिलों में एफआईआर दर्ज हुईं.

Advertisement

नशीले पदार्थ के एक अलग मामले में पुलिस ने आरोप लगाया कि जिस कार में शंकर सफर कर रहे थे, उसमें 500 ग्राम गांजा मिला. उन्हें जुलाई 2024 में जमानत मिली, पर बाद में गुंडा एक्ट के तहत एहतियातन हिरासत में लिया गया. राज्य सरकार ने 19 मई 2026 को एक अलग हिरासत आदेश रद्द किया, जो एक महीने पहले जारी हुआ था, क्योंकि सलाहकार बोर्ड को हिरासत जारी रखने का पर्याप्त कारण नहीं मिला.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »