राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: SIT की जांच तेज, चंपत राय और अनिल मिश्रा समेत सभी ट्रस्टियों से दोबारा होगी पूछताछ

अयोध्या चढ़ावा चोरी मामले में जांच के बनी SIT अब दोबारा से मंदिर ट्रस्टियों से पूछताछ करेगी. मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. वहीं 200 लोगों को टीम ने नोटिस भेजा है.

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SIT राम चढ़ावा मामले में ट्रस्टियों से दोबारा पूछताछ करेगी. (फोटो-PTI) SIT राम चढ़ावा मामले में ट्रस्टियों से दोबारा पूछताछ करेगी. (फोटो-PTI)

आशीष श्रीवास्तव

  • अयोध्या,
  • 02 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 3:42 PM IST

अयोध्या के प्रसिद्ध राम मंदिर में दान और चढ़ावे की चोरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनी नई SIT ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है. इस मामले की जांच अब सिर्फ गिरफ्तार हुए आरोपियों तक सीमित नहीं रही है, बल्कि इसकी आंच मंदिर ट्रस्ट के बड़े पदाधिकारियों तक भी पहुंच रही है.

मिली जानकारी के मुताबिक, जांच टीम अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव से दोबारा पूछताछ करने की तैयारी कर रही है. पुलिस और जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि इतनी बड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद दान पेटियों से पैसों का हेरफेर मुमकिन कैसे हुआ.

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SIT ने इस मामले में सिर्फ आठ मुख्य आरोपियों पर ही शिकंजा नहीं कसा है, बल्कि 200 से भी ज्यादा लोगों को नोटिस जारी किए हैं. इन सभी लोगों को अलग-अलग तारीखों पर बुलाकर टीम पूछताछ कर रही है.

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दरअसल, मामला पैसों के लेन-देन से जुड़ा है, इसलिए जांच को पारदर्शी बनाने के लिए इसमें विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है. SIT में वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और फोरेंसिक एक्सपर्ट्स को शामिल किया गया है. यह टीम बैंक खातों की डिटेल, संपत्तियों के दस्तावेज और मंदिर से जुड़े वित्तीय कागजातों की बारीकी से जांच कर रही है. जिससे यह पता लगाया जा सके कि चोरी का पैसा कहां-कहां भेजा गया या निवेश किया गया. 

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दूसरी तरफ, मंदिर में चढ़ावे की सुरक्षा को लेकर भी कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं. अब सभी दान पेटियों को एक साथ खोलने के बजाय अलग-अलग दिनों में खोला जा रहा है. गिनती के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए पूरे कमरे में 360-डिग्री घूमने वाले हाई-टेक कैमरे लगाए गए हैं. साथ ही, पेशेवर वीडियोग्राफरों की टीम दान पेटियां खोलने से लेकर पैसे गिने जाने तक की हर एक सेकंड की रिकॉर्डिंग कर रही है.

SIT का कहना है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है. इस मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. सुप्रीम कोर्ट खुद इस जांच की निगरानी कर रहा है, जिससे उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द पूरी सच्चाई जनता के सामने आ जाएगी.

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