भारत में मौसम की मार जारी है. जहां चक्रवात तूफान बिपरजॉय के चलते गुजरात और राजस्थान में भारी बारिश और बाढ़ जैसी स्थिति है तो वहीं यूपी-बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश में लोग भीषण गर्मी का सितम झेल रहे हैं. यूपी-बिहार में पिछले कुछ दिनों में लू और भीषण गर्मी से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके बाड़मेर, जालोर समेत तीन जिलों में भारी बारिश के चलते बाढ़ स्थिति स्थिति बनी हुई है. असम और सिक्किम में भी भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है. सिक्किम में सेना और NDRF की टीम रेस्क्यू में जुटी है.
देश के कई हिस्सों में मौसम ने जिस तरह से करवट ली है, वह चिंताजनक है. चक्रवाती तूफान बिपरजॉय ने 15 जून को लैंडफॉल के बाद गुजरात के कच्छ, द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, राजकोट, जूनागढ़ और मोरबी में भारी तबाही मचाई थी. इसके बाद अब राजस्थान में बिपरजॉय का कहर जारी है. रेगिस्तान में बिपरजॉय के चलते कई जिलों में भारी बारिश हो रही है. तूफान की मार सबसे ज्यादा बाड़मेर पर पड़ी है. कई जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है.
तीन जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति
- राजस्थान के जालोर, सिरोही और बाड़मेर में मौसम विभाग ने बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया है. यहां शुक्रवार यानी 16 जून से ही यहां बारिश हो रही है, जिसके चलते लोग बाढ़ जैसी स्थिति से जुझ रहे हैं. सिरोही जिले में शुक्रवार से ही बारिश हो रही है. बारिश और हवाओ के चलते कई जगहों पर बिजली के पोल और पेड़ टूट कर गिर गए. कई कस्बों और गांवों में ब्लैकआउट की स्थिति है. सिरोही जिला कलेक्टर डा. भंवर लाल ने बताया कि पिछले दो दिनों में तेज हवाओं और बारिश के चलते जिले में पब्लिक प्रॉपर्टी को नुकसान हुआ है. लगातार बारिश के चलते जिले के कई बांध ओवरफ्लो हो रहे हैं. आम लोगों से नदी नालों से दूरी बनाए रखने और मौसम सही होने तक घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की गई है.
- जालोर और बाड़मेर में भी सिरोही जैसे ही हालात हैं. बाड़मेर में तूफान की वजह से बिजली के खंभे गिरने और बाढ़ जैसे हालातों के चलते 500 से अधिक गांवों में बिजली गुल है. इसके चलते गांवों में ब्लैक आउट घोषित कर दिया गया है. प्रशासन की ओर से लगातार कोशिश की जा रही है कि किसी भी तरीके से गांव की बिजली शुरू की जाए, लेकिन लगातार बारिश और तेज हवाओं ने प्रशासन का सारा खेल बिगाड़ दिया है. जालोर में भी ऐसी ही स्थिति बनी हुई है. यहां भी भारी बारिश और तेज हवाओं के चलते ग्रामीण इलाकों में कई कच्चे मकान गिर गए हैं. कई घरों में पानी भर गया है.
राजस्थान में कहां कैसे हालात?
- रानीवाड़ा के सुरावा का बांध टूटने से सांचौर शहर मे घुसा पानी, तमाम दुकानों घरों में 5 से 6 फीट तक जलभराव. सांचौर में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं. राहगीरों को जोखिम उठाना भारी पड़ रहा. कई गाड़ियां खराब हो गईं, कारों को धक्का देने की नौबत आ गई है.
- राजस्थान के अजमेर में भारी बारिश की वजह से जवाहरलाल नेहरू हॉस्पिटल में जलभराव हो गया. कॉरिडोर से लेकर वॉर्ड तक पानी भर गया. इसके चलते मरीजों को दिक्कत का सामना करना पड़ा.
कहां कितनी हुई बारिश
आपदा राहत और प्रबंधन विभाग के मुताबिक, कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई. मौसम विभाग के मुताबिक, रविवार को सुबह से शाम तक पाली के ऐरण पुरा रोड में 226 मिमी, सिरोही में 155 मिमी, जालोर में 123 मिमी और जोधपुर में 91 मिमी बारिश दर्ज की गई. रविवार को सुबह 8.30 बजे तक जालोर के चीतलवाना में 336 मिमी, जसवंतपुरा में 291 मिमी, रानीवाड़ा में 317 मिमी, शिवगंज में 315 मिमी, सुमेरपुर में 270 मिमी, चोहटन में 266 मिमी, धोरीमन्ना में 256 मिमी, रानी में 249 मिमी बारिश दर्ज की गई. जबकि रेवधार में 243 मिमी और बाली में 240 मिमी बारिश हुई.
असम-सिक्किम में बाढ़
असम में भी भारी बारिश के चलते 12 जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति है. भारी बारिश के चलते करीब 33500 लोग प्रभावित हुए हैं. असम स्टेट डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी के मुताबिक, असम के कछार, दारंग, धेमाजी, डिब्रूगढ़, गोलाघाट, होजई, लखीमपुर, नागांव, नलबाड़ी, सोनितपुर, तिनसुकिया और उदलगुरी जिलों में बाढ़ के कारण 33,400 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं. बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित लखीमपुर जिले में हुआ है. प्रशासन ने राहत कैंप खोल दिया है. यहां लोगों को शिफ्ट किया जा रहा है. राज्य के 142 गांवों में 1,510.98 हेक्टेयर की फसल तबाह हो गई है.
- नेमाटीघाट में ब्रह्मपुत्र नदी, जबकि एनएच रोड क्रॉसिंग पर इसकी सहायक नदियां पुथिमारी और कामपुर में कोपिली खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. मौसम विभाग ने रविवार को अगले पांच दिनों में असम के कई जिलों में बहुत भारी से बेहद भारी बारिश की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है.
सिक्किम में तबाह हुए 100 घर
सिक्किम में मूसलाधार बारिश की वजह से पश्चिम सिक्किम जिले में कई जगहों पर भूस्खलन हुआ. इसके चलते 100 घर क्षतिग्रस्त हो गए और कई पुलों को भी नुकसान पहुंचा. भारी बारिश के चलते कॉलेज खोला घाटी के ऊपरी इलाकों में अचानक बाढ़ आ गई, जिससे सिम्फोक में सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ा, जहां एक बड़ा पुल बह गया. अधिकारियों ने बताया कि ग्यालशिंग जिले के अंतर्गत डेंटम सब डिवीजन में भी भूस्खलन हुआ, यहां घर और सड़कें क्षतिग्रस्त हो गईं. इसके अलावा कृषि भूमि और जानवर भी प्रभावित हुए. प्रशासन बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू अभियान चला रहा है.
यूपी-बिहार समेत इन राज्यों में गर्मी का सितम
एक ओर राजस्थान समेत देश के कुछ राज्यों में तेज बारिश के चलते बाढ़ जैसी स्थिति बनी हुई है, तो वहीं उत्तर प्रदेश से बिहार तक भीषण गर्मी का कहर जारी है. दोनों राज्यों में हीट वेव से 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है. यूपी के बलिया में पिछले 4 दिन में 57 लोगों ने दम तोड़ा है. तो वहीं बिहार में 24 घंटे में 44 लोगों की मौत हुई है. इनमें से पटना में अकेले 35 की जान गई है. यूपी में मौत की वजह का पता लगाने के लिए लखनऊ से स्वास्थ्य विभाग की एक टीम बलिया पहुंच गई है. इसी बीच देश के 5 राज्यों में हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है.
मौसम विभाग ने ओडिशा, झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों और दक्षिण बिहार के कुछ हिस्सों में बहुत अधिक लू चलने की संभावना जताई है. इसके अलावा आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में भी हीट वेव की स्थिति बनी हुई है. वहीं, विदर्भ के कुछ हिस्सों, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में अलग-अलग इलाकों में भी हीट वेव का अलर्ट जारी किया गया है.
(आज तक ब्यूरो)
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