CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग, दिल्ली से लेकर मुंबई तक सड़कों पर उतरा विपक्ष

गांधी जयंती पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों में प्रदर्शन हुए. दिल्ली में करीब 1,100 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें AAP नेताओं और कई छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल थे. प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के लिए कई जगह बैरिकेड लगाए गए और 12 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद रहे.

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मुंबई में सीजेपी का प्रदर्शन.(Photo- PTI) मुंबई में सीजेपी का प्रदर्शन.(Photo- PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 11:17 PM IST

गांधी जयंती के मौके पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली और मुंबई समेत देश के कई हिस्सों में प्रदर्शन हुए. दिल्ली में विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और युवा संगठनों ने प्रदर्शन किया, जबकि मुंबई के शिवाजी पार्क में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बुलाने पर सैकड़ों लोग जुटे. दिल्ली में 1000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया. 10 अक्टूबर को सीजेपी दिल्ली में प्रदर्शन करेगी.

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ये प्रदर्शन चुनावी वोटर लिस्ट में बदलाव और स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर उठाई जा रही चिंताओं के बीच हुए. अहमदाबाद, लखनऊ और पटना में भी प्रदर्शन किए गए.

दिल्ली के जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी, संजय सिंह, सौरभ भारद्वाज और संजीव झा, CPI(M) महासचिव एमए बेबी, पार्टी की वरिष्ठ नेता वृंदा करात, CPI के राष्ट्रीय सचिव पी. संदोश कुमार, RJD नेता मनोज झा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, DYFI अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद एए रहीम और JNU छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष आइशी घोष समेत कई लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया.

प्रदर्शनकारियों ने हिरासत की कार्रवाई का विरोध किया. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गांधी जयंती के दिन यही ‘गोडसेवादी’ लोग कर सकते हैं और वे गांधी के विचारों को नहीं समझते.

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कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

दिल्ली में फिरोज शाह रोड और अशोका रोड समेत कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार कर जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की कोशिश की. पुलिस ने उन्हें रोक दिया. प्रदर्शन के दौरान मध्य दिल्ली में इंटरनेट सेवाएं बंद रहीं. सुरक्षा व्यवस्था के तहत 12 मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट भी बंद किए गए. इनमें राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और जनपथ शामिल रहे.

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प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारे लगाए और ‘रेजिग्न दो’ लिखे पोस्टर भी दिखाए. इंडियन यूथ कांग्रेस के प्रदर्शनकारी रायसीना रोड स्थित IYC कार्यालय से जंतर-मंतर की ओर मार्च करते हुए ज्ञानेश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे वाले मास्क पहने हुए थे. NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ समेत कई कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया.

पुलिस के मुताबिक, जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों से करीब 1100 लोगों को हिरासत में लिया गया. इनमें AAP नेताओं के अलावा AISA, SFI, NSUI और दूसरे छात्र संगठनों के लोग शामिल थे. एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, करीब 700 SFI सदस्य सुबह 11 बजे जंतर-मंतर पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, जिन्हें अशोका रोड राउंडअबाउट पर रोक दिया गया.

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मुंबई में सीजेपी का प्रदर्शन

मुंबई में CJP नेता अभिजीत दिपके ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया. प्रदर्शन में SFI और AISF के कार्यकर्ता भी शामिल हुए. अभिनेत्री शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह, गायक विशाल ददलानी और महात्मा गांधी के पड़पोते तुषार गांधी भी प्रदर्शन में मौजूद रहे. सुरक्षा के लिए मध्य मुंबई में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए और दादर स्टेशन से आने वाले रास्तों पर बैरिकेड लगाए गए.

प्रदर्शनकारी तिरंगा और ‘Gyanesh BRO, JUST RESIGN’ जैसे पोस्टर लेकर पहुंचे. दिपके ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को प्रदर्शनकारियों को जेल भेजने की चुनौती भी दी. शिवसेना (UBT) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना ने CJP के प्रदर्शन को समर्थन दिया.

CJP नेता अभिजीत दिपके ने प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार इतनी लाचार है कि NEET लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के दो महीने के भीतर ही पार्टी को एक और प्रदर्शन करना पड़ा. उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चुनौती देते हुए कहा कि वह प्रदर्शनकारियों को जेल भेजकर दिखाएं. अभिजीत दिपके ने मुंबई में प्रदर्शन को संबोधित करते हुए कहा कि प्रदर्शनकारी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे. उन्होंने ज्ञानेश कुमार पर ‘वोट चोरी’ करने और लोगों की ताकत पर हमला करने का आरोप लगाया. दिपके ने कहा कि प्रदर्शन जारी रहेगा और लोगों को बोरियत से बचाने के लिए इसमें ‘मौज-मस्ती’ के पल भी शामिल होंगे.
 

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CJP ने CEC की नियुक्ति में पारदर्शिता और 2025 की वोटर लिस्ट को फ्रीज करने की मांग की है. हालिया मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया था कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR से जुड़े फैसलों और आदेशों पर 10 महीने में कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी. हालांकि, चुनाव आयोग ने बाद में स्पष्ट किया कि SIR समेत तीन सदस्यीय आयोग के सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे.

राहुल गांधी ने किया समर्थन

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इन प्रदर्शनों को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया और कहा कि हजारों युवा वोट चोरी के खिलाफ सड़कों पर हैं. उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक और बिना हिंसा के अपने संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल कर रहे हैं.

राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों की मांग साफ है कि ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दें और लोकतंत्र बचाया जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी-शाह सरकार प्रदर्शन कर रहे लड़के-लड़कियों को सड़कों पर घसीट रही है और सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया गया है. राहुल गांधी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का कसूर सिर्फ इतना है कि उन्होंने वोट चोरी को लेकर सवाल उठाया.

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उन्होंने महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि बापू ने सच बोलने और शांति से लड़ने की सीख दी थी. राहुल गांधी ने कहा कि लाठी से भीड़ को रोका जा सकता है, लेकिन सवालों को नहीं रोका जा सकता. उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा कि ज्ञानेश कुमार जाएंगे और जिस सिस्टम ने उन्हें बैठाया है, वह भी जाएगा.

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