परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में कथित तौर पर मोबाइल फोन के इस्तेमाल से जुड़े मामले में अदालत ने प्रज्वल रेवन्ना और सह-आरोपी प्रताप राय को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है. बताया जा रहा है कि पुलिस कभी-भी दोनों आरोपियों को हिरासत में ले सकती है और इसके बाद दोनों से पूछताछ शुरू होने की उम्मीद है.
दरअसल, प्रज्वल रेवन्ना बलात्कार के मामले में परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. अगस्त 2025 में विशेष अदालत ने उन्हें घरेलू सहायिका से बलात्कार समेत कई आरोपों में दोषी ठहराया था. बीते महीने जेल में उनकी कोठरी से मोबाइल फोन, पेन ड्राइव और चार्जर बरामद होने के बाद नया मामला दर्ज किया गया था.
इसी मामले में प्रताप राय को ए1 और प्रज्वल रेवन्ना को ए2 बनाया गया है. प्रज्वल रेवन्ना को देखने के लिए लोगों की संभावित भीड़ को देखते हुए अदालत परिसर के बाहर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे. जांच अधिकारी के उपस्थित न होने के कारण सुनवाई कुछ वक्त के लिए स्थगित हुई थी, जिसके बाद दोनों आरोपियों को दोबारा 42वें एसीजेएम कोर्ट के जज संदीप पाटिल ने सामने पेश किया गया. जहां से अदालत ने दोनों आरोपियों को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.
'पुलिस ने मांगी थी चार दिन की रिमांड'
परप्पना अग्रहारा पुलिस ने अदालत में रिमांड अर्जी दाखिल कर दोनों आरोपियों की चार दिन की कस्टडी मांगी थी. सरकारी अभियोजक ने जांच को आगे बढ़ाने और आरोपियों से कुछ जरूरी जानकारियां हासिल करने के लिए हिरासत की जरूरत बताई. अभियोजन पक्ष ने तर्क दिया कि जांच के तहत आरोपियों को औपचारिक कस्टडी में लेकर गहन पूछताछ करना बेहद जरूरी है.
रेवन्ना के वकील ने किया विरोध
उधर, प्रज्वल रेवन्ना के वकील अरुण जी. ने कस्टडी अर्जी का विरोध किया. उन्होंने तर्क दिया कि परप्पना अग्रहारा जेल और पुलिस स्टेशन आमने-सामने स्थित हैं, इसलिए पुलिस हिरासत में लेने के बजाय जेल में जाकर पूछताछ कर सकती है. वकील ने कहा कि हिरासत मांगने के पीछे कोई अन्य मकसद हो सकता है. बचाव पक्ष ने दलील दी कि प्रज्वल अब तक जांच में सहयोग करते रहे हैं, इसलिए जेल के अंदर ही पूछताछ की अनुमति दी जाए.
वहीं, दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद जज संदीप पाटिल ने आदेश लिखवाया और प्रज्वल रेवन्ना को दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का फैसला सुना दिया.
सगाय राज