BRICS गाला डिनर में नहीं पहुंचे गैर-BJP शासित राज्यों के CM, भेजा गया था न्योता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से ब्रिक्स नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए गैर-बीजेपी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री नहीं पहुंचे. सूत्रों के मुताबिक, कार्यक्रम के लिए उन्हें न्योता भेजा गया था.

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कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी भारत मंडपम पहुंचे थे. (Photo: PTI) कार्यक्रम में शामिल होने के लिए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी भारत मंडपम पहुंचे थे. (Photo: PTI)

प्रणय उपाध्याय

  • नई दिल्ली,
  • 13 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 10:01 PM IST

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ब्रिक्स (BRICS) नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में विपक्षी दलों और गैर-बीजेपी शासित राज्यों, खासकर दक्षिण भारत के कर्नाटक, तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों के मुख्यमंत्रियों को न्योता दिया गया था. सूत्रों के मुताबिक, शाम 6 बजे तक इनमें से कुछ मुख्यमंत्रियों के पहुंचने के संकेत मिल रहे थे. हालांकि, इसके बावजूद इन राज्यों का कोई भी मुख्यमंत्री इस डिनर में शामिल नहीं हुआ.

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बता दें, ब्रिक्स नेताओं के लिए आयोजित गाला डिनर में शामिल होने के लिए मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री भारत मंडपम पहुंचे थे. यह डिनर नई दिल्ली में चल रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन के कार्यक्रम का हिस्सा था.

ब्रिक्स गाला डिनर, ब्रिक्स की अध्यक्षता करने वाले देश की ओर से आयोजित एक औपचारिक स्वागत समारोह होता है. इसका आयोजन शिखर सम्मेलन के पहले दिन के कार्यक्रम के बाद शाम में किया जाता है.

इस कार्यक्रम में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी शामिल होने के लिए भारत मंडपम पहुंचे थे. इसके अलावा कजाकिस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव, वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के डायरेक्टर-जनरल टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयेसस समेत अन्य नेता भी गाला डिनर के लिए पहुंचे.

BRICS 2026: जानें 5 बड़ी बातें

18वें ब्रिक्स सम्मेलन में जो दिल्ली घोषणा पत्र जारी हुआ उसमें 5 बड़ी बातें थी. पहली आतंक के खिलाफ थी जिसमें पहलगाम का जिक्र हुआ. वहीं, दूसरी बड़ी बात एक तरफा युद्ध या सैन्य कार्रवाई को लेकर बनी जिसमें जंग के बीच कमर्शियल शिपिंग रूट्स को लेकर शांतिपूर्ण बातचीत से सुलझाने की बात कही गई. 

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तीसरी बात ग्लोबल वैल्यू चेन 2026 से 2030 के तहत बाजारों को एक दूसरे के लिए खोलने और सहयोग बढाने पर सहमति पर बनी. चौथी घोषणा पर्यावरण जैसी चुनौतियों पर नजर रखने के लिए ब्रिक्स रिमोट सेंसिंग सैटेलाइट कॉन्स्टेलेशन सहयोग समझौते को मंजूरी दी गई. इसके अलावा पांचवीं बात में यूएनएससी की संरचना में सुधार की मांग को दोहराया गया ग्लोबल साउथ की भागीदारी बढाने की मांग की गई.

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