पात्रा चॉल घोटाला:  'संजय राउत के खिलाफ बयान दर्ज कराने वाली गवाह को मिल रही धमकियां',  ED के सामने पेश नहीं हुए सांसद

Patra Chawl Case: पात्रा चॉल घोटाले में ED ने प्रिवेन्शन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत केस दर्ज किया है. इस मामले में ED ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत और उनके करीबियों की 11.15 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अटैच की थी. इस मामले में HDIL में डायरेक्टर रहे राकेश कुमार वधावन, सारंग कुमार वधावन और अन्य के खिलाफ भी केस दर्ज है.

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ईडी के सामने पिछली बार भी पेश नहीं हुए थे संजय राउत (फाइल फोटो) ईडी के सामने पिछली बार भी पेश नहीं हुए थे संजय राउत (फाइल फोटो)

दिव्येश सिंह

  • मुंबई,
  • 28 जुलाई 2022,
  • अपडेटेड 7:46 AM IST
  • मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पहली बार 1 जुलाई को हुई थी पूछताछ
  • उपराष्ट्रपति चुनाव में प्रचार का हलावा देकर मांगा और समय

Patra Chawl Case: 1034 करोड़ रुपये के पात्रा चॉल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्डरिंग मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत एक बार फिर ईडी के सामने पेश नहीं हुए. उन्होंने गुरुवार को उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए चल रहे प्रचार अभियान का हवाला देते हुई ईडी से पेशी के लिए और समय मांगा है. इस मामले में अब 7 अगस्त को सुनवाई हो सकती है. संजय राउत इस मामले में मुख्य आरोपी हैं.

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वहीं इस मामले से जुड़े एक गवाह ने बड़ा बयान दिया. गवाह ने बताया कि उसे संजय राउत के खिलाफ ईडी को दिए गए अपने बयान को वापस लेने की धमकी दी जा रही है. राउत के करीबी सहयोगी सुजीत पाटकर से अलग हुई उसकी पत्नी स्वप्ना पाटकर ने यह आरोप लगाया है. उन्होंने अपने लिए सुरक्षा की मांग की है. ईडी ने पिछले हफ्ते और इस हफ्ते की शुरुआत में ही स्वप्ना के बयान दर्ज करवाए थे. 

मालूम हो कि स्वप्ना पाटकर और राउत की पत्नी वर्षा के पास संयुक्त रूप से अलीबाग में एक जमीन थी, जिसे ईडी ने मामले की जांच के दौरान कुर्क किया था.  11.15 करोड़ रुपये इस संपत्ति के दस्तावेज ईडी को तब मिले थे जब उसने सुजीत पाटकर के घर पर छापेमारी की थी.

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20 जुलाई को भी नहीं पेश हुए थे राउत

इससे पहले 20 जुलाई को ईडी ने मामले में राऊत को समन भेजकर पूछताछ के लिए हाजिर रहने को कहा था लेकिन तब राउत ने लोकसभा के मॉनसून सत्र का हवाला देते हुए पेशी से सत्र चलने तक छूट मांगी थी लेकिन तब ईडी ने इसे स्वीकार नहीं किया था. इसके बाद उन्हें दूसरा समन जारी कर 27 जुलाई को पेश होने के लिए कहा गया था. हालांकि 1 जुलाई को ईडी संजय से 10 घंटे तक पूछताछ कर चुकी है.

यह है पात्रा चॉल घोटाला मामला

- ED के मुताबिक, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन को पात्रा चॉल को पुनर्विकसित करने का काम मिला था. यह काम MHADA ने उसे सौंपा था. इसके तहत मुंबई के गोरेगांव में 47 एकड़ में पात्रा चॉल में 672 किरायेदारों के घरों पुनर्विकसित होने थे.

- ED के मुताबिक गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने MHADA को गुमराह किया और बिना फ्लैट बनाए ही यह जमीन 9 बिल्डरों को 901.79 करोड़ रुपये में बेच दी. बाद में गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन ने Meadows नाम से एक प्रोजेक्ट शुरू किया और घर खरीदारों से फ्लैट के लिए 138 करोड़ रुपये जुटाए.

जांच में सामने आया कि कंस्ट्रक्शन कंपनी ने गैरकानूनी तरीके से 1,034.79 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई की. आगे चलकर उसने गैरकानूनी तरीके से ही इस रकम को अपने सहयोगियों को ट्रांसफर कर दी.

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- ED के मुताबिक गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की सिस्टर कंपनी है. जांच में सामने आया कि HDIL ने करीब 100 करोड़ रुपये प्रवीण राउत के खाते में जमा कराए थे. 

- 2010 में प्रवीण राउत की पत्नी माधुरी ने संजय राउत की पत्नी वर्षा राउत के खाते में 83 लाख रुपये ट्रांसफर किए थे. इस रकम से वर्षा राउत ने दादर में एक फ्लैट खरीदा. ED की जांच शुरू होने के बाद वर्षा राउत ने माधुरी राउत के खाते में 55 लाख रुपये भेजे थे.

- ED के मुताबिक, प्रवीण राउत ने राकेश वधावन और सारंग वधावन के साथ मिलकर हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी की है. 

- ED ने प्रवीण राउत और उसके करीबी सुजीत पाटकर से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. प्रवीण राउत और संजय राउत कथित तौर पर दोस्त हैं. वहीं, सुजीत पाटकर को भी संजय राउत का करीबी माना जाता है. सुजीत पाटकर संजय राउत की बेटी के साथ एक वाइन ट्रेडिंग कंपनी में पार्टनर भी है.
 

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