निशिकांत दुबे डिफेमेशन केस: हाईकोर्ट की फटकार के बाद महुआ मोइत्रा आपत्तिजनक पोस्ट हटाने को तैयार

दिल्ली हाईकोर्ट ने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के मानहानि मुकदमे में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग को समन जारी किया है. दुबे ने माफी, स्थायी रोक और दो करोड़ रुपये का हर्जाना मांगा है. उनका आरोप है कि गर्ग ने 17 सितंबर को पॉडकास्ट में झूठी बातें कहीं. जस्टिस तुषार राव गेडेला ने गर्ग के इस्तेमाल किए शब्द को अपमानजनक बताया.

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निशिकांत दुबे के मानहानि केस में महुआ और गर्ग को समन (File Photo: PTI) निशिकांत दुबे के मानहानि केस में महुआ और गर्ग को समन (File Photo: PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 27 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:52 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट में मंगलवार को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की मानहानि के मुकदमे पर सुनवाई हुई. यह मुकदमा उन्होंने टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा और पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग के खिलाफ दायर किया है. अदालत ने दोनों को समन जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा.

निशिकांत दुबे का आरोप है कि सुभाष चंद्र गर्ग ने 17 सितंबर को एक पॉडकास्ट या इंटरव्यू में उनके बारे में झूठी और बदनाम करने वाली बातें कहीं. यह वीडियो यूट्यूब, फेसबुक और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डाला गया और लोगों तक पहुंचा. इससे पहले दुबे ने 21 सितंबर को गर्ग को कानूनी नोटिस भेजा था. इसमें आरोप तुरंत वापस लेने, अपनी बात से पीछे हटने और वीडियो हटाने की मांग की गई थी.

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दुबे ने कोर्ट से स्थायी और अनिवार्य रोक की मांग की है, ताकि दोनों उन पर आरोप न लगा सकें. उन्होंने माफी और दो करोड़ रुपये के हर्जाने की भी मांग की है.

सुनवाई जस्टिस तुषार राव गेडेला के सामने हुई. उन्होंने गर्ग से कहा कि यूट्यूबर के पॉडकास्ट में कही गई आपत्तिजनक बातों को बीप या ब्लॉक कराने के लिए कदम उठाएं. गर्ग और मोइत्रा के वकीलों ने जवाब के लिए समय मांगा. उनका कहना था कि मुकदमा सही तस्वीर पेश नहीं करता. इस पर कोर्ट ने पूछा कि जवाब आने तक क्या वे यह सामग्री आगे फैलाने से खुद को रोक सकते हैं.

यह भी पढ़ें: 'राहुल गांधी को अपने आचरण के लिए देना होगा जवाब...', सुप्रीम कोर्ट ने नेता प्रतिपक्ष को लगाई फटकार, खड़गे-अखिलेश-महुआ को भी नोटिस

अदालत ने साफ किया कि उसे पता है कि दुबे और गर्ग दोनों प्रतिष्ठित लोग हैं. लेकिन गर्ग को पॉडकास्ट में ऐसा तीखा शब्द इस्तेमाल नहीं करना चाहिए था. जज ने मौखिक टिप्पणी में पूछा कि अगर कोई आपसे यही कहे तो क्या आप इसे हल्के में लेंगे. जज के मुताबिक यह शब्द पूरी तरह अपमानजनक है और किसी को भी इस नाम से नहीं पुकारा जा सकता. बाकी बातें बहस का विषय हैं.

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सुनवाई में मोइत्रा के वकील ने भरोसा दिलाया कि वह एक्स पर किए गए कुछ संबंधित पोस्ट हटा देंगी. इनमें दुबे को “फेक डिग्री किस्म का आदमी” कहने वाला ट्वीट भी शामिल है. निर्देश लेने के बाद गर्ग के वकील ने कहा कि वह पॉडकास्ट होस्ट से बात कर आपत्तिजनक शब्द म्यूट कराएंगे. इनमें दुबे को “ब्लैकमेलिंग किस्म का आदमी” कहने वाला हिस्सा भी है.

इनपुट: शांभवी श्रीवास्तव

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