पेटी, चरखा से लेकर भगवद गीता पर विचार तक... महात्मा गांधी के 86 दुर्लभ सामानों की नीलामी ने बनाया नया वर्ल्ड रिकॉर्ड, डायरी 16.20 करोड़ में बिका

महात्मा गांधी के हाथ से लिखे रोजाना विचारों का संग्रह सैफ्रनआर्ट की नीलामी में 16.20 करोड़ रुपये में बिका, जो किसी भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज़ के लिए अब तक की सबसे बड़ी कीमत है. यह संग्रह गांधीजी ने अपने करीबी साथी आनंद टी. हिंगोरानी के लिए 23 महीनों तक लिखा था.

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महात्मा गांधी के दस्तावेज ने नीलामी में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड (File Photo: ITG) महात्मा गांधी के दस्तावेज ने नीलामी में बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड (File Photo: ITG)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 21 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 8:05 AM IST

महात्मा गांधी के हाथ से लिखे गए रोजाना के विचार, जो उन्होंने अपने करीबी साथी आनंद टी. हिंगोरानी के लिए लिखे थे, सैफ्रनआर्ट की नीलामी में 16.20 करोड़ रुपये में बिके. यह किसी भी भारतीय ऐतिहासिक दस्तावेज के लिए नीलामी में अब तक की सबसे बड़ी कीमत है. यह संग्रह "A Thought for the Day" नाम की किताब में संकलित 688 विचारों का है, जो गांधीजी ने 23 महीनों तक लगभग रोज लिखे थे. इसमें सच्चाई, आत्मसंयम और अहिंसा से जुड़े उनके निजी विचार शामिल हैं.

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हिंगोरानी पहली बार महात्मा गांधी से 1930 में मिले थे और बाद में साबरमती आश्रम में उनके साथ मिलकर काम करने लगे. उन्होंने दांडी मार्च के साथ साथ सविनय अवज्ञा आंदोलन और भारत छोड़ो आंदोलन में भी हिस्सा लिया था. आगे चलकर वे महात्मा गांधी की रचनाओं के एक बड़े प्रकाशक और संरक्षक बने. उनके परिवार ने यह संग्रह पीढ़ी दर पीढ़ी संभालकर रखा. हिंगोरानी का निधन 1999 में हुआ था.

सैफ्रनआर्ट की सह संस्थापक और अध्यक्ष मीनल वजीरानी ने बताया कि महात्मा गांधी ने हर दिन कुछ समय निकालकर एक विचार लिखना शुरू किया था. जो शुरुआत में एक निजी पत्राचार था, वह धीरे धीरे एक साझा काम में बदल गया. महात्मा गांधी हर विचार लिखते थे, जबकि हिंगोरानी उसे संभालते, व्यवस्थित करते और आगे प्रकाशन के लिए तैयार करते थे.

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यह पत्राचार तब शुरू हुआ जब हिंगोरानी की पत्नी विद्या के निधन के बाद महात्मा गांधी ने खुद उनसे संपर्क किया था. उस समय हिंगोरानी अपनी बहरेपन की समस्या के इलाज के लिए प्राकृतिक चिकित्सा भी करा रहे थे और उन्होंने अपने अकेलेपन और दुख के बारे में गांधीजी को बताया था.

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मीनल वजीरानी ने कहा कि पत्राचार गांधी को अक्सर उनके बड़े राजनीतिक आंदोलनों के लिए याद किया जाता है, लेकिन यह दस्तावेज दिखाता है कि वे निजी रिश्तों को भी उतनी ही अहमियत देते थे. यह किताब कुल 86 वस्तुओं की नीलामी का हिस्सा थी, जिसमें गांधीजी और हिंगोरानी के बीच के पत्र, पांडुलिपियां, डाक टिकट और अन्य वस्तुएं भी शामिल थीं.

नीलामी में बिकी बाकी अहम चीजों में गांधीजी के भगवद गीता और ईश्वर से जुड़े विचारों वाला "मैसेज ऑफ गॉड" संग्रह 1.68 करोड़ रुपये में बिका. उनकी चरखा और चरखा चलाने से जुड़े दो पत्र 1.02 करोड़ रुपये में बिके. वहीं महात्मा गांधी की एक हस्ताक्षरित तस्वीर 78 लाख रुपये में नीलाम हुई.

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