राजद प्रमुख लालू यादव ने मंगलवार को X पर अपना संसद का पुराना भाषण शेयर करते हुए NDA सरकार पर निशाना साधा है. उनका कहना है कि जितना पक्ष-विपक्ष में रहकर वे बिहार के लिए लड़े हैं, उतना आज तक कोई नहीं लड़ा.
उनका कहना है कि नदियों के रख रखाव को लेकर नेपाल सरकार से दो टूक बात होनी चाहिए. उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए लिखा कि चुनाव और बाढ़ आने पर जो दो किलो मुफ्त अनाज की घोषणा होती है वह बंद होनी चाहिए और बाढ़ की समस्या का स्थायी समस्या निकलना चाहिए.
लालू यादव का आरोप है कि नदियों के रखरखाव को लेकर खर्च होने वाला कोई पैसा कभी बिहार को नहीं मिला. साथ ही, लालू यादव ने सवाल किया है कि बिहार का Credit Deposit Ratio कम क्यों है? उनका आरोप कि देश में Credit Deposit Ratio सबसे कम बिहार में है.
बीते दिन तेजस्वी यादव ने भी बिहार बाढ़ को लेकर प्रधानमंत्री को पत्र लिखा था. तेजस्वी यादव ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि बिहार में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए इसे राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाना चाहिए. उनका कहना है कि बड़ी संख्या में लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और ऐसे समय में राज्य को केंद्र से विशेष सहायता की जरूरत है. राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग के साथ उन्होंने बिहार के लिए विशेष आर्थिक पैकेज की मांग भी रखी है. तेजस्वी यादव ने 5,000 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज की मांग की है. उनके मुताबिक, यह सहायता बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए जरूरी है.
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बिहार बाढ़ की बात करें तो राज्य में बाढ़ का दायरा लगातार फैलता जा रहा है. राज्य के 13 जिलों में करीब 29 लाख 13 हजार से ज्यादा आबादी सैलाब के बीच घिरी हुई है. पानी ने कहीं गांवों का संपर्क पूरी तरह काट दिया है, तो कहीं सड़कें डूबने से आवाजाही ठप हो चुकी है. कई इलाकों में लोगों के घरों और आंगनों तक दरिया बह रहा है. प्रशासन एक तरफ सुरक्षित ठिकानों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटा है, वहीं दूसरी तरफ बीमार लोगों तक इलाज पहुंचाने की मशक्कत चल रही है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बीते दिनों बाढ़ प्रभावित इलाकों का एरियल सर्वेक्षण भी किया था.
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