कांग्रेस MLA ने पूर्व विधायक से कराया पुल का उद्घाटन, केरलम से आई राजनीतिक मिसाल की अनोखी तस्वीर

केरल के कोट्टायम जिले में कांग्रेस विधायक सेबेस्टियन एमजे ने पुल के उद्घाटन का श्रेय खुद लेने के बजाय पूर्व विधायक सेबेस्टियन कुलाथुंकल को दिया. कुलाथुंकल ने अपने विधायक निधि से पुल के निर्माण के लिए 80 लाख रुपये आवंटित किए थे.

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कांग्रेस विधायक सेबेस्टियन एमजे ने राजनीतिक मिसाल की अनोखी तस्वीर पेश की है  (Photo: Kerala Assembly official wesbite) कांग्रेस विधायक सेबेस्टियन एमजे ने राजनीतिक मिसाल की अनोखी तस्वीर पेश की है (Photo: Kerala Assembly official wesbite)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 8:43 PM IST

केरल (केरलम) के कोट्टायम जिले से राजनीतिक मिसाल की एक बड़ी खबर सामने आई है. यहां कांग्रेस विधायक सेबेस्टियन एमजे ने एक पुल के उद्घाटन का श्रेय खुद लेने के बजाय पूर्व विधायक सेबेस्टियन कुलाथुंकल को दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने कुलाथुंकल को पुल का उद्घाटन करने के लिए भी सम्मान के साथ बुलाया और फिर दोनों नेताओं ने मिलकर फीता काटा.

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इस पुल के निर्माण को उस समय मंजूरी मिली थी, जब सेबेस्टियन कुलाथुंकल पूंजार से विधायक थे. कुलाथुंकल ने अपने विधायक निधि से पुल के निर्माण के लिए 80 लाख रुपये आवंटित किए थे. केरल कांग्रेस (एम) के नेता कुलाथुंकल एलडीएफ गठबंधन का हिस्सा थे. हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार सेबेस्टियन एमजे ने हरा दिया था.

शुक्रवार को पुल का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया. इस दौरान दोनों नेताओं ने संयुक्त रूप से फीता काटा. खास बात यह भी रही कि पुल के शिलापट्ट पर मौजूदा विधायक सेबेस्टियन एमजे का नाम तक नहीं लिखवाया गया. एक स्थानीय निकाय प्रतिनिधि के मुताबिक, उद्घाटन की तैयारियों के दौरान ही सेबेस्टियन एमजे ने सुझाव दिया था कि पुल का उद्घाटन पूर्व विधायक कुलाथुंकल से कराया जाना चाहिए. इसके बाद कुलाथुंकल को कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया.

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कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेबेस्टियन एमजे ने कहा कि यह पुल क्षेत्र के लोगों के लंबे समय से देखे जा रहे सपने के पूरा होने जैसा है. विधायक बनने के बाद इलाके में यह उनका पहला सार्वजनिक कार्यक्रम भी था. उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रम के तौर पर इसका पूरा श्रेय और जिम्मेदारी पूर्व विधायक को जाती है, क्योंकि अगर उन्होंने इसके लिए फंड आवंटित नहीं किया होता तो आज इसका उद्घाटन भी नहीं हो रहा होता.

कांग्रेस विधायक ने कहा, 'चूंकि इसका पूरा श्रेय उन्हें जाता है, इसलिए मैं कहना चाहता हूं कि सही मायनों में इसका उद्घाटन भी उन्होंने ही किया है.' सेबेस्टियन एमजे ने कहा कि पूर्व विधायक को पुल के उद्घाटन के लिए बुलाने से उनका किसी तरह का अपमान नहीं होता. उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत अध्यक्ष, ब्लॉक पंचायत अध्यक्ष या परियोजना को मंजूरी मिलने के समय पद पर रहे जनप्रतिनिधियों को भी संयुक्त रूप से उद्घाटन में शामिल किया जा सकता था.

उन्होंने कहा, 'यह ऐसी कोई बात नहीं है, जिससे मेरा अपमान हो. यह पूरी तरह गलत धारणा है. अगर उन्होंने फंड दिया है तो हमें उनका सम्मान करना चाहिए. राजनीति का मतलब यही है. राजनीति समाज का विकास है.' कांग्रेस विधायक ने आगे कहा कि पूर्व विधायक ने अपनी जिम्मेदारी अच्छी तरह निभाई और अब उन्हें अपनी जिम्मेदारी गरिमा के साथ निभानी है. उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं को लेकर आखिरकार लोगों को सच्चाई पता चल ही जाती है, चाहे उन्हें किसी भी तरीके से पूरा किया गया हो.

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