केरल बीजेपी को बड़ा झटका, अभिनेता देवन ने उपाध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से दिया इस्तीफा

केरल के बीजेपी उपाध्यक्ष और अभिनेता एस देवन ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अलाप्पुझा के कनाथिकुलंगरा देवी मंदिर में एक कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की. देवन ने बताया कि उनका राजनीतिक दृष्टिकोण पार्टी से अलग है. उन्होंने अपने इस्तीफे का फैसला मंदिर में गहराई से सोच-विचार के बाद लिया. इस कदम से पार्टी में नाराजगी भी देखी गई है.

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एक्टर देवन ने बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. (फाइल फोटो-ITG) एक्टर देवन ने बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. (फाइल फोटो-ITG)

aajtak.in

  • तिरुवनंतपुरम,
  • 16 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:22 PM IST

केरल में मशहूर अभिनेता और बीजेपी नेता एस देवन ने पार्टी से नाता तोड़ लिया है. उन्होंने रविवार को केरल बीजेपी के उपाध्यक्ष पद और पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया. उनके इस फैसले से राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं बढ़ गई हैं.

एस देवन ने अपने इस्तीफे की घोषणा एक सार्वजनिक मंच से की. वे अलाप्पुझा के कनाथिकुलंगरा देवी मंदिर में हुए एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे. अपना भाषण खत्म करते हुए उन्होंने अचानक पार्टी छोड़ने का बड़ा ऐलान कर दिया. इस कार्यक्रम में कई बड़े दिग्गज नेता भी मौजूद थे.

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इस दौरान मंच पर श्री नारायण धर्म परिपालना योगम के महासचिव वेल्लापल्ली नतेसन और बीजेपी नेता बी. राधाकृष्णन मेनन भी बैठे थे. सभी दिग्गजों की मौजूदगी के बीच देवन ने अपने इस बड़े फैसले का ऐलान करके सबको हैरान कर दिया है.

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खुद की पार्टी बनाकर की थी राजनीतिक सफर की शुरुआत

एस देवन ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत अपनी खुद की पार्टी बनाकर की थी. उन्होंने 'केरल पीपुल्स पार्टी' बनाई थी, जिसका नाम साल 2020 में बदलकर 'नवा केरल पीपुल्स पार्टी' कर दिया गया था.

इसके बाद साल 2021 में उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद उन्होंने अपनी पार्टी का विलय बीजेपी में कर दिया था. पार्टी में आने के बाद उन्हें राज्य का उपाध्यक्ष बनाया गया था.

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स्पीच के दौरान देवन ने अपने पुराने चुनावों का भी जिक्र किया. उन्होंने बताया कि उन्होंने साल 2004 और 2006 के चुनाव लड़े थे, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था. इसके अलावा उन्होंने यह भी दावा किया कि उन्होंने बीजेपी के लिए काफी मेहनत की है. उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से पार्टी को काफी मजबूती मिली. चुनावों में भी इसका फायदा हुआ.

एस देवन ने कहा कि वे जिस तरह की राजनीति करना चाहते थे, वह दार्शनिक श्री नारायण गुरु के आदर्शों और दर्शन पर आधारित थी. पिछले पांच सालों तक केरल बीजेपी में काम करने के बाद भी वे उस दिशा में आगे नहीं बढ़ पाए. 

एस देवन ने कहा कि मुझे  महसूस हुआ कि मेरा रास्ता और सोच अलग है. इसी वजह से मैंने कुछ महीने पहले ही कुछ फैसले लेने की बात सोची थी.

'मंदिर में आकर लिया आखिरी फैसला'

देवन ने बताया कि उन्होंने शनिवार को गहराई से इस बारे में सोचा और आत्मनिरीक्षण किया. उन्होंने कहा कि मंदिर के इस पवित्र मंच पर आने के बाद ही उन्होंने अपना अंतिम फैसला लिया. उन्होंने भगवान और वहां मौजूद सभी गणमान्य लोगों की उपस्थिति में अपने इस्तीफे का ऐलान कर दिया. देवन ने कहा कि उन्होंने उपाध्यक्ष पद और प्राथमिक सदस्यता छोड़ने के लिए अपना इस्तीफा लिख दिया है.

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देवन के इस तरह अचानक इस्तीफा देने पर पार्टी नेताओं ने नाराजगी जताई है. बीजेपी नेता बी. राधाकृष्णन मेनन ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि देवन को इस तरह सार्वजनिक मंदिर के मंच पर अपने इस्तीफे का ऐलान नहीं करना चाहिए था.

 उन्होंने कहा कि यह सही मंच नहीं था. उन्हें समझ नहीं आया कि देवन ने देश को आगे बढ़ाने के बीजेपी के प्रयासों से अलग होने का यह फैसला क्यों लिया.

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