इस राज्य में तंबाकू-निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला पर बैन, सरकार सख्त

कर्नाटक के खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय ने सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी है. आदेश में ऐसे अलग-अलग उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, जिन्हें ग्राहक आसानी से मिलाकर गुटखा के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं.

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बेंगलुरु में गुटखा की बिक्री पर रोक लगाई गई है. (Photo- Getty) बेंगलुरु में गुटखा की बिक्री पर रोक लगाई गई है. (Photo- Getty)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 12 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 1:49 PM IST

कर्नाटक में तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त कार्यालय ने 15 जून को जारी अधिसूचना में ऐसे उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी है. यह रोक अधिसूचना जारी होने की तारीख से प्रभावी होगी.

आदेश में कहा गया है कि सार्वजनिक स्वास्थ्य के हित में यह कदम उठाया गया है. प्रतिबंध के दायरे में गुटखा और पान मसाला के वे उत्पाद शामिल हैं, जिनमें तंबाकू और निकोटीन मौजूद है. इसके अलावा ऐसे दूसरे उत्पादों पर भी रोक लगाई गई है. इनमें तंबाकू या निकोटीन अलग से मौजूद हो और जिन्हें ग्राहक आसानी से दूसरे उत्पाद के साथ मिलाकर इस्तेमाल कर सके.

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अलग-अलग पैकेट में बेचकर भी नहीं बच पाएंगे

खाद्य सुरक्षा आयुक्त की अधिसूचना में साफ किया गया है कि सिर्फ इस वजह से छूट नहीं मिलेगी कि तंबाकू या निकोटीन वाला उत्पाद अलग पैकेट, पाउच या कंटेनर में बेचा जा रहा है. अगर दो अलग-अलग उत्पादों को इस तरह पैक या वितरित किया जाता है कि उपभोक्ता उन्हें आसानी से मिलाकर इस्तेमाल कर सके, तो वे भी प्रतिबंध के दायरे में आएंगे.

कर्नाटक में तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा-पान मसाला पर इस तरह के प्रतिबंध पहले भी लागू किए जाते रहे हैं. राज्य सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में भी ऐसे उत्पादों पर रोक का प्रावधान दर्ज है.

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एक साल तक लागू रहेगा आदेश

नए आदेश के मुताबिक, यह प्रतिबंध पूरे कर्नाटक राज्य में एक साल की अवधि के लिए लागू रहेगा. यानी इस दौरान संबंधित उत्पादों का निर्माण करने से लेकर उन्हें बाजार में रखने, एक जगह से दूसरी जगह ले जाने, वितरित करने और बेचने तक पर रोक रहेगी.

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गौरतलब है कि, जून के अंत में कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने भी पान मसाला और गुटखा उद्योग को सख्त चेतावनी दी थी. उन्होंने कहा था कि अगर जांच में उत्पादों में नशीले या हानिकारक पदार्थ पाए गए तो सरकार बिक्री पर प्रतिबंध लगा सकती है.

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