कपालीश्वरार मंदिर मूर्ति चोरी केस में बढ़ी वेणु श्रीनिवासन की मुश्किल, सुप्रीम कोर्ट में 2 सितंबर को सुनवाई

मद्रास के श्री कपालीश्वरार मंदिर से 2004 में हुई प्राचीन मयूर मूर्ति चोरी के मामले में TVS मोटर कंपनी के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं. सुप्रीम कोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की सुनवाई 2 सितंबर 2026 को तय की है. ये सुनवाई रंगराजन नरसिम्हन की याचिका पर होनी है, जिसमें मद्रास हाईकोर्ट के FIR रद्द करने के फैसले को चुनौती दी गई है.

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वेणु श्रीनिवासन पर मूर्ति चुराने का आरोप है.(File Photo: ITG) वेणु श्रीनिवासन पर मूर्ति चुराने का आरोप है.(File Photo: ITG)

संजय शर्मा

  • नई दिल्ली,
  • 31 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 9:31 PM IST

मद्रास के श्री कपालीश्वरार मंदिर से प्राचीन मूर्ति चोरी के दो दशक पुराने मामले में TVS मोटर कंपनी के चेयरमैन एमेरिटस वेणु श्रीनिवासन की मुश्किलें फिर से बढ़ सकती हैं. सुप्रीम कोर्ट में इस हाई-प्रोफाइल मामले पर 2 सितंबर 2026 को सुनवाई होने जा रही है.

सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने सोशल एक्टिविस्ट रंगराजन नरसिम्हन की याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया है. ये पूरा मामला साल 2004 का है, जब चेन्नई के मायलापुर स्थित ऐतिहासिक श्री कपालीश्वरार मंदिर का रेनोवेशन कराया जा रहा था.

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आरोप है कि रेनोवेशन के दौरान मंदिर की प्राचीन मयूर मूर्ति को चोरी-छिपे बदल दिया गया था. उस समय वेणु श्रीनिवासन सरकार की ओर से गठित मंदिर रेनोवेशन कमिटी के सदस्य थे.

रेनोवेशन की आड़ में असली मूर्ति गायब करने का आरोप

मंदिर के भक्त और कार्यकर्ता रंगराजन नरसिम्हन ने आरोप लगाया था कि रेनोवेशन की आड़ में असली मूर्ति गायब कर दी गई. लंबी कानूनी लड़ाई के बाद तमिलनाडु पुलिस की 'आइडल विंग' ने FIR दर्ज कर अपनी फाइनल रिपोर्ट दाखिल की, जिसमें वेणु श्रीनिवासन समेत कई लोगों को नामजद किया गया था. हालांकि, श्रीनिवासन ने इन आरोपों को हमेशा खारिज किया है.

मद्रास हाईकोर्ट से मिली राहत को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती

मामले की जांच के दौरान श्रीनिवासन को अग्रिम जमानत मिल गई थी. इसके बाद फरवरी 2024 में मद्रास हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को पूरी तरह से रद्द कर दिया था, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली थी.

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लेकिन याचिकाकर्ता रंगराजन नरसिम्हन ने मद्रास हाईकोर्ट के इस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी. अब 2 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ये तय करेगा कि मद्रास हाईकोर्ट का FIR रद्द करने का फैसला सही था या नहीं.

यह भी पढ़ें: कर्नाटक के इस मंदिर से 51 लाख की चांदी की मूर्ति चोरी, ताले तोड़कर ले गए चोर

अगर शीर्ष अदालत हाईकोर्ट के फैसले को पलटते हुए कानूनी कार्यवाही बहाल करती है, तो दो दशक पुराना ये मामला वेणु श्रीनिवासन के लिए एक बार फिर बड़ी कानूनी चुनौती बन जाएगा.

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