रूस में हिरासत में लिए गए कानपुर के इंजीनियर रिहा, पत्नी ने लगाई थी मदद की गुहार

रूस में हिरासत में लिए गए कानपुर के इंजीनियर चंदन गुप्ता रिहा होकर घर लौट आए हैं. उनकी पत्नी ने कंपनी की कानूनी मदद को अहम बताया.

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मॉस्को में रहने वाली स्नेहा गुप्ता ने बताया कि उन्हें शुरुआत में पता ही नहीं था कि उनके पति को हिरासत में ले लिया गया है. (Photo: Social Media/advocatesnehaguota8106) मॉस्को में रहने वाली स्नेहा गुप्ता ने बताया कि उन्हें शुरुआत में पता ही नहीं था कि उनके पति को हिरासत में ले लिया गया है. (Photo: Social Media/advocatesnehaguota8106)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 09 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:15 AM IST

रूस में हिरासत में लिए गए कानपुर के इंजीनियर चंदन गुप्ता अब घर लौट आए हैं. उनकी पत्नी स्नेहा गुप्ता ने एक वीडियो जारी कर यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि चंदन की रिहाई में उनकी कंपनी की ओर से की गई कानूनी मदद अहम रही.

 चंदन को कुछ दिन पहले रूस में हिरासत में लिया गया था. उस समय स्नेहा ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी. उन्होंने मदद के लिए पीएम मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से भी गुहार लगाई थी. अब पति की वापसी से परिवार को राहत मिली है.

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दरअसल, कानपुर के रहने वाले चंदन गुप्ता एक प्रोजेक्ट के सिलसिले में वर्क वीजा पर रूस गए थे. मॉस्को में मौजूद स्नेहा ने बताया कि शुरुआत में उन्हें पति के पकड़े जाने की कोई खबर ही नहीं थी. शनिवार देर रात करीब 11:40 बजे चंदन को अचानक कस्टडी में ले लिया गया. इस दौरान उनका मोबाइल फोन और पासपोर्ट भी जब्त कर लिए गए थे. चंदन के साथ मौजूद एक दोस्त ने बाद में स्नेहा को इस बात की जानकारी दी. इसके तुरंत बाद उन्होंने कंपनी से संपर्क किया, ताकि यह साफ हो सके कि चंदन कहां हैं और उनके साथ क्या हुआ है.

 

कंपनी ने वकील किया, रात में मिली रिहाई

पति की कोई जानकारी न मिलने पर मॉस्को में मौजूद स्नेहा ने तुरंत उस कंपनी से संपर्क साधा, जिसके जरिए चंदन रूस पहुंचे थे. नोएडा स्थित यूफ्लेक्स लिमिटेड की मॉस्को यूनिट ने इस मामले में तत्परता दिखाई. कंपनी के अधिकारियों ने तुरंत एक स्थानीय वकील का इंतजाम किया और प्रशासनिक स्तर पर पैरवी शुरू की. कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद चंदन को उसी रात रिहा कर दिया गया. स्नेहा ने मुताबिक, इस मुश्किल समय में कंपनी प्रबंधन लगातार उनके संपर्क में रहा. उन्होंने मदद के लिए आगे आए लोगों का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने मामला संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने में मदद की.

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रूसी सेना में भर्ती का सता रहा था डर

हिरासत के दौरान स्नेहा ने एक गंभीर आशंका जाहिर की थी. उनका कहना था कि सैनिकों की कमी से जूझ रही रूसी सेना में विदेशी नागरिकों को जबरन भर्ती किए जाने की खबरें आ रही हैं. उन्हें डर था कि कहीं चंदन पर भी रूसी सेना में शामिल होने का दबाव न बनाया जाए. हालांकि चंदन पर क्या आरोप लगाए गए थे और हिरासत की असली वजह क्या थी, इसे लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

रिहाई के बाद मीडिया में आ रही कुछ खबरों को स्नेहा ने पूरी तरह बेबुनियाद बताया. उनका कहना था कि इन बातों में कोई सच्चाई नहीं है. भारतीय दूतावास ने भी मामले को कानूनी जांच का हिस्सा बताते हुए काउंसलर एक्सेस मांगा था. अब चंदन की वापसी से परिवार ने राहत की सांस ली है.

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