केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क (SBN) को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित कर दिया है. गृह मंत्रालय ने 16 सितंबर को नोटिफिकेशन जारी कर SBN को UAPA की फर्स्ट शेड्यूल में शामिल किया है. सरकार ने यह कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति के तहत की है.
गृह मंत्री कार्यालय (HMO) ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस के विजन के तहत गृह मंत्रालय ने शाहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत आतंकवादी संगठन घोषित किया है. सरकार के मुताबिक यह नेटवर्क सीमा पार से हथियार, विस्फोटक और मादक पदार्थों की तस्करी करने के साथ युवाओं और छोटे अपराधियों को आतंकवाद की तरफ धकेलने में शामिल रहा है.
गृह मंत्रालय का आरोप है कि नेटवर्क भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द को निशाना बनाने वाली गतिविधियों में शामिल रहा है. इसके साथ ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नफरत और भड़काऊ सामग्री प्रसारित करने का भी आरोप है.
UAPA की फर्स्ट शेड्यूल में शामिल हुआ SBN
गृह मंत्रालय ने UAPA की धारा 35 के तहत मिले अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए शाहजाद भट्टी नेटवर्क को आतंकवादी संगठनों की सूची में शामिल किया है. गजट नोटिफिकेशन में SBN को क्रम संख्या 46 पर जोड़ा गया है.
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों में गैरकानूनी और आतंकी गतिविधियों को लेकर कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं. इनमें भारतीय न्याय संहिता, आर्म्स एक्ट, UAPA, एक्सप्लोसिव सब्सटेंसेज एक्ट, एक्सप्लोसिव्स एक्ट, आईटी एक्ट और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट समेत विभिन्न कानूनों की धाराएं शामिल हैं.
नेटवर्क से जुड़े मामलों में UAPA की धारा 13, 15, 16, 17, 18, 18-B, 20, 23, 25, 35, 39, 40, 43 और 43-E लगाए जाने का भी नोटिफिकेशन में जिक्र है.
हाल ही में 14 राज्यों में हुई थी बड़ी कार्रवाई
शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ हाल ही में देशभर में सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ा अभियान चलाया था. 12 अगस्त से शुरू हुई कार्रवाई के दौरान केंद्रीय और राज्य एजेंसियों ने 14 राज्यों में समन्वित ऑपरेशन चलाया. इस दौरान नेटवर्क से जुड़े 253 संदिग्ध ऑपरेटिव्स को पकड़ा गया था. नेटवर्क से जुड़े मामलों में देशभर में 80 से ज्यादा FIR दर्ज होने की बात भी सामने आई थी.
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस नेटवर्क का इस्तेमाल पाकिस्तान से भारत में हथियार, विस्फोटक और ड्रग्स पहुंचाने के लिए किया जा रहा था. आरोप है कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक भारत पहुंचाए जाते और फिर स्थानीय नेटवर्क के जरिए इन्हें अलग-अलग जगहों तक पहुंचाया जाता था.
ग्रेनेड और IED हमलों से भी जुड़े होने का आरोप
नेटवर्क पर ग्रेनेड हमलों, IED और पेट्रोल बम हमलों के साथ टारगेट किलिंग में शामिल होने के आरोप भी लगे हैं. जांच के दौरान एजेंसियों ने IED, पाकिस्तान ऑर्डिनेंस फैक्ट्री की मार्किंग वाले ग्रेनेड, पिस्टल, जिंदा कारतूस और निगरानी में इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरे बरामद किए थे.
जांच एजेंसियों का दावा है कि नेटवर्क सोशल मीडिया और दूसरे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए भारत में युवाओं को अपने साथ जोड़ता था. खास तौर पर आर्थिक रूप से कमजोर, नशे की समस्या से जूझ रहे या असंतुष्ट युवाओं को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई थी.
आरोप है कि नेटवर्क में शामिल किए जाने के बाद युवाओं से रेकी, जासूसी, हथियारों की सप्लाई और आतंकी हमलों से जुड़े काम कराए जाते थे. इसके अलावा डिजिटल माध्यमों से भड़काऊ और नफरत फैलाने वाला कंटेंट प्रसारित करने का आरोप भी नेटवर्क पर है.
अब केंद्र सरकार की ओर से शाहजाद भट्टी नेटवर्क को UAPA के तहत औपचारिक रूप से आतंकवादी संगठन घोषित किए जाने के बाद यह संगठन कानून की फर्स्ट शेड्यूल में शामिल हो गया है.
एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तानी मूल का गैंगस्टर शहजाद भट्टी इस नेटवर्क के प्रमुख चेहरों में शामिल है. आरोप है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने भट्टी और उसके नेटवर्क का इस्तेमाल भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए किया.
सूत्रों के मुताबिक, शहजाद भट्टी के नेटवर्क में पाकिस्तान में मौजूद आबिद जट्ट, अजमल गुर्जर, हुनैन राणा और हसन गुर्जर जैसे नाम भी सामने आए हैं. आरोप है कि ये लोग पाकिस्तान में बैठकर सोशल मीडिया के जरिए भारत के युवाओं से संपर्क करते हैं और उन्हें अपने नेटवर्क में भर्ती करने की कोशिश करते हैं.
'तहरीके तालिबान हिंदुस्तान' नाम से बनाया संगठन
जांच एजेंसियों के मुताबिक, शहजाद भट्टी ने अपने संगठन को 'तहरीके तालिबान हिंदुस्तान' (TTH) नाम दिया है. एजेंसियों का दावा है कि संगठन का यह नाम ISI के इशारे पर रखा गया. हाल के दिनों में कथित तौर पर पैसे देकर देश के अलग-अलग राज्यों में TTH के पोस्टर भी लगवाए गए, जिससे संगठन का नाम प्रचारित किया जा सके.
जांच में इस नेटवर्क के तार कई आपराधिक और आतंकी घटनाओं से जोड़े जा रहे हैं. एजेंसियों के मुताबिक, पंजाब में हुई कई टारगेट किलिंग में इस नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है. पुलिसकर्मियों की हत्या की कुछ वारदातों में भी नेटवर्क की संलिप्तता का दावा किया गया है.
जालंधर से रांची तक हमलों से जुड़े तार
एजेंसियों के अनुसार, जालंधर में BSF मुख्यालय के बाहर हुए IED हमले से भी इस नेटवर्क के तार जुड़े होने की बात सामने आई है. इसके अलावा रांची में RSS कार्यालय पर पेट्रोल बम से हुए हमले में भी नेटवर्क की भूमिका की जांच की जा रही है.
सुरक्षा एजेंसियों ने हाल के दिनों में इस कथित नेटवर्क से जुड़े पैन इंडिया मॉड्यूल का भी खुलासा किया है. इस सिलसिले में देश के अलग-अलग हिस्सों से कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है. एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि पाकिस्तान में बैठे नेटवर्क के संचालकों ने भारत में कितने लोगों से संपर्क किया और उन्हें फंडिंग, हथियार या हमलों से जुड़े निर्देश किस तरह पहुंचाए गए.
जितेंद्र बहादुर सिंह / अरविंद ओझा