महुआ पर बोले गोगोई, मुझ पर आरोप लगाने वाले मेरा नाम लेने से क्यों कतरा रहे

सांसद और पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2021 के चौथे संस्करण में बोलते हुए कहा कि आज हम भय के माहौल में जी रहे हैं. लेकिन कोई जज और पूर्व जज हमलों से घबराता नहीं है.

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पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 11 फरवरी 2021,
  • अपडेटेड 8:22 PM IST
  • आज हम डर के माहौल में जी रहे हैं: गोगोई
  • जज को धमकियों से नहीं डरना चाहिए
  • 'आरोप लगाने वालों के पास सही फैक्ट नहीं'

सांसद और पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2021 के चौथे संस्करण में बोलते हुए कहा कि आज हम भय के माहौल में जी रहे हैं. लेकिन कोई जज और पूर्व जज हमलों से घबराता नहीं है. आज कोई जज बड़ा फैसला लेता है तो रिटायरमेंट के बाद उसे धमकी दी जाती है. ऐसे लोग चाहते हैं कि अगर उनके अनुसार फैसला नहीं होगा तो वे हमला करेंगे, लेकिन जज को इससे डरना नहीं चाहिए.

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पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई ने इंडिया टुडे कॉन्क्लेव ईस्ट 2021 के चौथे संस्करण में शिरकत करते हुए खुलकर हर मु्द्दे पर जवाब दिया. उन्होंने ''प्वाइंट ऑफ व्यू: द थर्ड पिलर: रोडमैप फॉर इंडियन ज्यूडिशियरी'' सेशन में बोलते हुए दो दिन पहले संसद में लगे आरोप पर जवाब दिया.

रंजन गोगोई ने कहा कि जो आरोप लगा रहे हैं उनके पास सही फैक्ट तक नहीं है. उन्होंने कहा कि संसद में एक महिला मेंबर ने आरोप लगाया लेकिन उनकी हिम्मत नहीं है कि वो मेरा नाम लें. मेरा भी नाम है, क्यों नहीं मेरा नाम लिया. बता दें कि तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा ने दो दिन पहले पूर्व सीजेआई रंजन गोगोई पर कई गंभीर आरोप लगाए थे. 

इस सवाल पर कि राफेल, अयोध्या पर फैसलों के बदले उन्हें राज्यसभा सीट मिली? रंजन गोगोई ने कहा, ''लोग कहते हैं कि मैने बारगेनिंग की. क्या मैं बारगेनिंग करता तो इतनी छोटी चीज मांगता राज्यसभआ की सीट? मैंने राज्यसभा से एक भी पैसा नहीं लिया.'' उन्होंने सवाल किया क्या आपको ये पता है कि मैंने राज्यसभा का पैसा नहीं लिया.

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किसानों के आंदोलन पर न्यायमूर्ति रंजन गोगोई ने कहा, 'यदि इन सभी कानूनों को चुनौती दी जा रही है तो इस पर कुछ राजनीतिक लोगों को काम करना होगा. मुझे उम्मीद है कि अदालत कुछ रास्ता निकाल सकता है. इस पर कानूनी या राजनीतिक रूप से समाधान निकालना होगा. हालांकि यह हो नहीं रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि यह लॉ एंड ऑर्डर का मामला है.

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