'हैलो, PM सर बात करेंगे...' अचानक वाराणसी के अधिकारियों के पास आया प्रधानमंत्री मोदी का फोन 

वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान पार कर गया है. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर मेयर और जिलाधिकारी से बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया. PM मोदी ने राहत कार्यों की जानकारी लेते हुए लोगों को कम से कम परेशानी होने के निर्देश दिए. गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर पहुंच गया है. वरुणा से 328 परिवार प्रभावित हैं, जबकि 935 लोग 13 राहत शिविरों में हैं.

Advertisement
वाराणसी बाढ़ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों से फोन पर बात की (Photo: PTI) वाराणसी बाढ़ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अधिकारियों से फोन पर बात की (Photo: PTI)

ऐश्वर्या पालीवाल

  • वाराणसी ,
  • 03 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:48 AM IST

वाराणसी में गंगा का पानी लगातार बढ़ रहा है. घाटों पर नावों का संचालन रोक दिया गया. कई इलाकों में पानी घुस गया है. प्रशासन का प्रभावित इलाकों पर नजर है. इसी बीच वाराणसी के अधिकारियों के पास एक ऐसा फोन आया, जिसने उन्हें चौंका दिया. प्रधानमंत्री और वाराणसी के सांसद नरेंद्र मोदी ने मेयर और जिलाधिकारी से सीधे बात कर बाढ़ की स्थिति का जायजा लिया.

Advertisement

प्रधानमंत्री ने यह भी पूछा कि शहर में हालात कैसे हैं और राहत-बचाव के इंतजाम किस तरह चल रहे हैं. उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि बाढ़ की वजह से आम लोगों को कम से कम परेशानी हो, इसका पूरा ध्यान रखा जाए. पीएम मोदी ने अधिकारियों से ऐसे समय बात की है जब वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदु को पार कर चुका है.

केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक वाराणसी में गंगा का जलस्तर 70.29 मीटर दर्ज किया गया, जबकि चेतावनी का स्तर 70.26 मीटर है. यानी पानी चेतावनी निशान से ऊपर पहुंच गया है. गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नावों के संचालन पर रोक लगा दी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वाराणसी के मेयर और जिलाधिकारी से फोन पर बातचीत कर बाढ़ की स्थिति की जानकारी ली. अधिकारियों ने उन्हें गंगा और वरुणा नदी के जलस्तर के साथ-साथ प्रभावित इलाकों और राहत व्यवस्था के बारे में जानकारी दी. प्रधानमंत्री को बताया गया कि प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. जलस्तर में बढ़ोतरी, जलभराव और वरुणा नदी के आसपास के इलाकों में पानी की स्थिति की निगरानी की जा रही है. प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि राहत कार्यों में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए और नागरिकों को बाढ़ के कारण कम से कम असुविधा हो, यह सुनिश्चित किया जाए.

Advertisement

वरुणा नदी ने भी बढ़ाई चिंता

वाराणसी में चिंता सिर्फ गंगा के बढ़ते जलस्तर को लेकर नहीं है. वरुणा नदी के आसपास भी बाढ़ और जलभराव की स्थिति बनी हुई है. प्रशासन के मुताबिक करीब 11 इलाके और वार्ड आंशिक रूप से प्रभावित हुए हैं. वरुणा नदी में बाढ़ की वजह से करीब 328 परिवारों के 1,388 लोग प्रभावित हुए हैं. इन इलाकों में पानी की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है. जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी भी रखी गई है.

13 राहत शिविरों में 935 लोग

बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए प्रशासन ने 13 राहत शिविर तैयार किए हैं. इन शिविरों में फिलहाल प्रभावित 219 परिवारों के 935 लोग रह रहे हैं. राहत शिविरों में पहुंचाए गए लोगों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं. प्रशासन का कहना है कि हालात के मुताबिक जरूरत पड़ने पर और लोगों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाएगा. जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने संबंधित अधिकारियों को लगातार अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं. उन्हें जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने को कहा गया है. प्रशासन की नजर गंगा के साथ-साथ वरुणा नदी के जलस्तर पर भी है. जहां जलभराव की स्थिति बन रही है, वहां तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. जिलाधिकारी ने यह भी कहा है कि अगर किसी इलाके में स्थिति बिगड़ती है तो लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए.

Advertisement

अभी खतरे के निशान से नीचे, लेकिन निगाह हर मीटर पर

वाराणसी में गंगा का जलस्तर चेतावनी निशान से ऊपर पहुंच गया है, लेकिन अभी यह खतरे के निशान से नीचे है. यही वजह है कि प्रशासन इसे लगातार निगरानी वाली स्थिति मानकर चल रहा है. 70.29 मीटर का जलस्तर खतरे के निशान यानी 71.26 मीटर से अभी नीचे है. लेकिन नदी के जलस्तर में लगातार बदलाव होने के कारण प्रशासन किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहता है. नाव संचालन पर रोक भी इसी एहतियात का हिस्सा है. घाटों और नदी किनारे रहने वाले लोगों को भी सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है.

(एजेंसी इनपुट के साथ)

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »