देश के कई हिस्सों में बारिश अब लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है. गुजरात, जम्मू-कश्मीर और महाराष्ट्र में मूसलाधार बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. कहीं नदियां उफान पर हैं और पानी बस्तियों में घुस गया है, तो कहीं लैंडस्लाइड की वजह से रास्ते बंद हो गए हैं. प्रशासन लगातार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में लगा हुआ है. इस बीच केरल के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट और हिमाचल प्रदेश में 7 अगस्त तक भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. अगले कुछ दिन मौसम ऐसा ही बना रह सकता है, इसलिए लोगों से बेवजह घर से बाहर न निकलने की अपील की गई है
गुजरात में सबसे ज्यादा असर
गुजरात में लगातार हो रही बारिश से कई जिलों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सबसे ज्यादा असर नवसारी, सूरत, भरूच, खेड़ा, डांग, भावनगर, नर्मदा और महीसागर में देखने को मिल रहा है. आलम यह है कि कई इलाकों में सड़कें पूरी तरह पानी में डूब गई हैं और निचली बस्तियों के घरों तक पानी पहुंच गया है. इतना ही नहीं, कुछ जगहों पर नदियां उफान पर आने से पुलों के ऊपर से पानी बह रहा है.
खेड़ा जिले का नडियाद शहर इस वक्त सबसे ज्यादा परेशानी झेल रहा है. यहां की कई कॉलोनियों में चार-चार फीट तक पानी जमा हो गया है. गाड़ियों से लेकर दुकानों तक पानी में डूबी हैं. सबसे ज्यादा दिक्कत मरीजों को हो रही है, क्योंकि पानी अस्पताल के अंदर तक पहुंच गया है. यहां अस्पताल जाने वाले रास्तों पर इतना पानी है कि गाड़ियों का निकलना मुश्किल हो गया है. मरीज और उनके रिश्तेदार वहीं फंसे हुए हैं.
नवसारी और डांग का हाल भी कुछ ऐसा ही है. यहां बहने वाली अंबिका और पूर्णा नदियां पूरी तरह उफान पर आ चुकी हैं. पूर्णा नदी में पानी का बहाव इतना तेज है कि गोदड़िया पुल पूरी तरह पानी में डूब चुका है और पानी उसके ऊपर से बह रहा है. खतरा देखते हुए प्रशासन ने आसपास के लोगों को सावधान रहने को कहा है.
जम्मू-कश्मीर में लैंडस्लाइड और अचानक बाढ़
जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा, शोपियां और अनंतनाग में तेज बारिश के बाद कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुए. पहाड़ों से मलबा और बड़े पत्थर नीचे आ गए. बांदीपोरा के केन्हुसा और सदरकोट इलाके में अचानक बाढ़ आने से कई घरों को नुकसान पहुंचा. इस दौरान, सड़कों पर तेज बहाव देखा गया.
मौसम का असर अमरनाथ गुफा के आसपास भी देखने को मिला, जहां अचानक पानी का बहाव तेज हो गया. असल में ऊंचाई वाले इलाकों में भारी बारिश हुई थी, जिससे पानी सीढ़ियों के रास्ते तेजी से नीचे उतरने लगा. यह मंजर देखकर कुछ देर के लिए वहां अफरा-तफरी मच गई. दूसरी तरफ, शोपियां में बादल फटने जैसी घटना सामने आई, जिसके बाद कई गांव पानी में डूब गए. पानी इतनी तेजी से बढ़ा कि लोग अपने ही घरों में फंसकर रह गए. हालांकि, खबर मिलते ही SDRF की टीम ने मोर्चा संभाला और राहत अभियान चलाकर सबको सुरक्षित बाहर निकाल लिया.
महाराष्ट्र में भी बिगड़े हालात
महाराष्ट्र के नांदेड़, जलगांव, अकोला और अमरावती में भी लगातार बारिश हो रही है. कई नदियां उफान पर हैं. निचले इलाकों में पानी भर गया है. कुछ जगहों पर सड़कें धंस गईं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई.
नांदेड़ के किनवट इलाके में बाढ़ के बीच एक दर्दनाक हादसा हुआ. यहां पुल के ऊपर से पानी बह रहा था, इसी दौरान बाइक से गुजर रहे ग्राम पंचायत सेवक राजू रेड्डी डंडेलू तेज बहाव में बह गए. काफी देर तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उनका शव बरामद किया गया.
महाराष्ट्र के दूसरे जिलों में भी बारिश ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. जलगांव में लगातार बारिश के बाद हतनूर बांध के 36 गेट खोलने पड़े. बड़ी मात्रा में पानी छोड़े जाने के बाद आसपास के इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है. अकोला और अमरावती के कई गांवों में पानी घुस गया है. यहां नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में प्रशासन लोगों से नदी के किनारे नहीं जाने और सतर्क रहने की अपील कर रहा है.
केरल के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने रविवार (2 अगस्त) के लिए केरल के 12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. इसका मतलब है कि कुछ जगहों पर 24 घंटे में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बहुत भारी बारिश हो सकती है. लगातार हो रही बारिश की वजह से राज्य के कई हिस्सों में लैंडस्लाइड और जलभराव की घटनाएं सामने आई हैं.
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भूस्खलन, अचानक बाढ़ और मलबा गिरने की आशंका वाले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की है. इन सबके अलावा, नदी के किनारे रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने को कहा गया है. साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि बिना जरूरी काम घर से बाहर न निकलें. खासकर पहाड़ी इलाकों, झरनों, बांधों और उफनती नदियों के आसपास जाने से बचें. इतना ही नहीं, पुलों पर खड़े होकर फोटो या सेल्फी लेने से भी मना किया गया है.
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, शनिवार शाम तक बारिश से 6 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 6 लोग अब भी लापता हैं. लापता लोगों की तलाश में राहत-बचाव टीमें लगातार जुटी हुई हैं. फिलहाल, प्रभावित इलाकों में 65 राहत शिविर बनाए गए हैं, जहां 1,465 लोगों को सुरक्षित ठहराया गया है.
बारिश की मार से 17 घर पूरी तरह तबाह हो गए, जबकि 127 मकानों को नुकसान पहुंचा है. सरकार का कहना है कि जरूरत के हिसाब से बाकी लोगों को भी राहत शिविरों में शिफ्ट किया जाएगा. इसके साथ ही अपनों को खोने वाले परिवारों, बेघर हुए लोगों, फसल या कमाई का नुकसान झेलने वालों को मुआवजा दिया जाएगा. घायलों के इलाज का पूरा खर्च भी सरकार ही उठाएगी.
हिमाचल में 7 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट
हिमाचल प्रदेश में भी बारिश का दौर अभी थमने वाला नहीं है. मौसम विभाग ने 7 अगस्त तक राज्य के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है. लगातार बारिश के कारण कई जगह लैंडस्लाइड और अचानक पानी बढ़ने की घटनाएं हुई हैं. राज्य आपदा संचालन केंद्र के मुताबिक, शनिवार शाम तक प्रदेश में 102 सड़कें बंद थीं. इनमें सबसे ज्यादा 43 सड़कें मंडी में, 33 कुल्लू में और 11 शिमला में बंद हैं. इसके अलावा, चंबा, कांगड़ा, सिरमौर और ऊना में भी कई सड़कें प्रभावित हैं. बारिश की वजह से 28 पेयजल योजनाएं और 11 बिजली ट्रांसफॉर्मर भी बंद हो गए हैं.
मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है. लोगों से पहाड़ी इलाकों में बेवजह यात्रा नहीं करने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की गई है. हालात को देखते हुए प्रभावित इलाकों में NDRF-SDRF की टीमें तैनात कर दी गई हैं. राहत टीमें लगातार लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में जुटी हैं.
मौसम विभाग की मानें तो राहत के आसार फिलहाल कम ही हैं. गुजरात के कई जिलों में रेड अलर्ट जारी है, तो कुछ इलाकों में ऑरेंज अलर्ट लागू है. मौसम के मिजाज को देखते हुए प्रशासन ने साफ कहा है कि बहुत जरूरी काम हो तभी घर से बाहर निकलें, क्योंकि अगले कुछ घंटों तक भारी बारिश जारी रहने का अंदेशा है.
आजतक ब्यूरो