पूर्व क्रिकेटर और राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बीजेपी में शामिल होने की वजह बताते हुए कहा है कि 'पंजाब में खेल और नशे की समस्या को लेकर उनके सुझावों पर AAP में ध्यान नहीं दिया जा रहा था. उन्होंने कहा कि 'जिस उद्देश्य से वह AAP में शामिल हुए थे, वह पूरा नहीं हो रहा था और इसी कारण उन्होंने पार्टी छोड़ने का फैसला किया.'
एक मीडिया बातचीत में क्रिकेटर रहे हरभजन सिंह ने कहा कि 'पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जब उन्हें AAP में शामिल होने के लिए कहा था, तब बात राज्यसभा में खेल से जुड़े मुद्दे उठाने की हुई थी.' हरभजन ने कहा, 'मैंने उसी समय स्पष्ट कर दिया था कि मैं सिर्फ खेल के बारे में बात करूंगा.
राजनीति पर चर्चा करना मेरा काम नहीं है. AAP में शामिल होने की मेरी इकलौती वजह यह थी कि मुझे पंजाब ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने का मौका मिल रहा था.'
हरभजन सिंह को AAP ने 2022 में राज्यसभा भेजा था. उन्होंने इस साल अप्रैल में पार्टी के छह अन्य सांसदों के साथ बीजेपी का दामन थाम लिया. हरभजन ने दावा किया कि 'उन्होंने खेलों को लेकर अपने विचार और योजनाएं पार्टी के सामने रखने की कई बार कोशिश की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई.
उन्होंने कहा, 'मैंने अपने आइडिया रखने की कोशिश की, लेकिन पार्टी में मेरी बात नहीं सुनी गई. मेरे आइडिया सिर्फ आइडिया बनकर रह गए. जिस काम के लिए मैं AAP में आया था, वही नहीं हो रहा था. मेरे सुझाव की दिशा में एक छोटा कदम भी उठाया गया होता तो मैं पार्टी नहीं छोड़ता.'
उनके मुताबिक, सुझावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलने के बाद उन्होंने आखिरकार AAP छोड़ने का फैसला किया.
घर के बाहर प्रदर्शन पर क्या बोले हरभजन?
हरभजन के बीजेपी में जाने के बाद AAP ने पार्टी छोड़ने वाले सांसदों पर विश्वासघात का आरोप लगाया था. जालंधर स्थित हरभजन के घर के बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुआ और उनका पुतला जलाया गया. उनसे इस बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले कौन थे और कहां से आए थे, यह सभी जानते हैं.
उन्होंने कहा, 'देश का आम आदमी मुझे मेरे क्रिकेट के लिए जानता है और उसने मुझे बहुत प्यार दिया है. वह मेरा पुतला क्यों जलाएगा या मेरे घर के बाहर गद्दार क्यों लिखेगा? मैंने किसके साथ गद्दारी की?'
हरभजन ने AAP पर पलटवार करते हुए सवाल किया कि पार्टी ने पंजाब के लोगों से किए बड़े वादों का क्या किया. उन्होंने कहा कि सिर्फ किसी के गद्दार या चोर कह देने से वह ऐसा नहीं हो जाता. उनका दिल भारत और पंजाब के लिए धड़कता है और इसके लिए उन्हें किसी से प्रमाणपत्र लेने की जरूरत नहीं है.
पंजाब में ड्रग्स को लेकर जताई चिंता
हरभजन ने पंजाब में नशे की समस्या को गंभीर बताते हुए कहा कि 'ड्रग्स युवाओं और पूरी पीढ़ियों को बर्बाद कर रहा है. उन्होंने पंजाब के पुराने खेल गौरव का जिक्र करते हुए कहा कि एक समय राज्य खेलों में देश में पहले स्थान पर हुआ करता था.' उन्होंने जालंधर के संसारपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी इस छोटे से गांव से ही हॉकी टीम में नौ खिलाड़ी हुआ करते थे. लेकिन ड्रग्स की आसान उपलब्धता और घरों तक इसकी पहुंच ने युवाओं को नुकसान पहुंचाया है.
हरभजन ने कहा कि पंजाब सीमावर्ती राज्य है, इसलिए यह जानना बेहद जरूरी है कि ड्रग्स राज्य में कैसे पहुंच रहा है. इसे रोकने के लिए सख्त कानून की जरूरत है, साथ ही ऐसा एक्शन लिया जाना जरूरी है जिसका असर पड़े.
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