किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने छात्र आंदोलन को दिया समर्थन, कल पहुंचेंगे जंतर-मंतर

गुरनाम सिंह चढ़ूनी लंबे समय से किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं. किसान आंदोलनों के दौरान भी वह किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं. अब उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को समर्थन देने की घोषणा की है.

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चढ़ूनी ने कहा है कि वह खुद शुक्रवार दिल्ली पहुंचेंगे और प्रदर्शन में शामिल होंगे (File Photo- ITG) चढ़ूनी ने कहा है कि वह खुद शुक्रवार दिल्ली पहुंचेंगे और प्रदर्शन में शामिल होंगे (File Photo- ITG)

कमलजीत संधू

  • नई दिल्ली,
  • 23 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 7:47 PM IST

किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए आंदोलन के समर्थन में अपने समर्थकों से दिल्ली पहुंचने की अपील की है. चढ़ूनी ने कहा है कि वह खुद शुक्रवार सुबह 8 बजे दिल्ली पहुंचेंगे और प्रदर्शन में शामिल होकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे.

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इसके साथ ही चढ़ूनी ने प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर चल रहे आंदोलन के समर्थन में वह जंतर-मंतर पर सांकेतिक उपवास करेंगे. उनके मुताबिक, वह शुक्रवार सुबह से 25 जुलाई की शाम तक सांकेतिक उपवास पर बैठेंगे. उन्होंने अपने समर्थकों और आंदोलन से जुड़े लोगों से भी बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.

बता दें कि गुरनाम सिंह चढ़ूनी लंबे समय से किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं. किसान आंदोलनों के दौरान भी वह किसानों के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे हैं. अब उन्होंने जंतर-मंतर पर छात्रों की ओर से चलाए जा रहे आंदोलन को समर्थन देकर इसे व्यापक जनसमर्थन देने की कोशिश की है.

जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से छात्र और प्रदर्शनकारी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के मामलों में जवाबदेही तय करना, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग शामिल है. 

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इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक के मामलों में सख्त कार्रवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने और दोषियों को जल्द सजा दिलाने की बात कही है. हालांकि, प्रदर्शनकारियों का कहना है कि केवल पेपर लीक के बाद दोषियों को सजा देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी तय किया जाना चाहिए कि बार-बार ऐसी घटनाएं क्यों हो रही हैं और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही कैसे तय होगी.

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