क्या डॉक्टरों की 'होम डिलीवरी' सही? ऐप बेस्ड बिजनेस मॉडल पर FAIMA ने जताई चिंता

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए होम डॉक्टर सर्विस को ‘ऑन-डिमांड कमर्शियल बिजनेस मॉडल’ में बदलने पर चिंता जताई है.

Advertisement
FAIMA ने डॉक्टर होम डिलीवरी बिजनेस मॉडल को लेकर चिंता जाहिर की है FAIMA ने डॉक्टर होम डिलीवरी बिजनेस मॉडल को लेकर चिंता जाहिर की है

आशुतोष मिश्रा

  • नई दिल्ली,
  • 30 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:14 AM IST

ऐप और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए घर पर डॉक्टर बुलाने की सर्विस को लेकर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने चिंता जताई है. FAIMA Doctors Association ने एक लेटर जारी करते हुए कहा है कि मरीजों के घर जाकर इलाज करना गलत नहीं है, लेकिन डॉक्टरों की होम विजिट को ‘ऑन-डिमांड कमर्शियल बिजनेस मॉडल’ में बदलना चिंता की बात है.

Advertisement

FAIMA ने क्या कहा?

FAIMA ने कहा कि डॉक्टर लंबे समय से जरूरत के मुताबिक मरीजों के घर जाकर इलाज करते रहे हैं. खासकर बुजुर्गों, बिस्तर पर पड़े मरीजों, पैलिएटिव केयर की जरूरत वाले लोगों, दिव्यांगों और ऐसे मरीजों के लिए होम विजिट महत्वपूर्ण है, जिन्हें घर पर मेडिकल देखभाल की जरूरत होती है. उचित सुरक्षा उपायों और क्लिनिकल फैसले के बेस पर दी जाने वाली ऐसी सर्विस मेडिकल प्रैक्टिस का अहम हिस्सा है.

होम विजिट से नहीं समस्या, लेकिन...

एसोसिएशन का कहना है कि समस्या होम विजिट से नहीं, बल्कि इसे कमर्शियल ‘ऑन-डिमांड’ सर्विस बनाने से है. FAIMA के मुताबिक, मेडिकल सेवा को फूड डिलीवरी, कैब बुकिंग या किसी दूसरी डोरस्टेप सर्विस की तरह नहीं देखा जा सकता, जहां ग्राहक ने ऐप पर बटन दबाया और डॉक्टर को भेज दिया गया.

Advertisement

एसोसिएशन ने कहा कि किसी मरीज के घर जाकर इलाज करने का फैसला उसकी क्लिनिकल जरूरत, सुरक्षा और डॉक्टर के पेशेवर फैसले के आधार पर होना चाहिए. यह फैसला कॉरपोरेट टारगेट, एल्गोरिदम, इंसेंटिव या कमर्शियल डिमांड से प्रभावित नहीं होना चाहिए.

सुरक्षा और जवाबदेही पर उठाए सवाल

FAIMA ने डिजिटल एग्रीगेटर मॉडल में कई सुरक्षा और जवाबदेही संबंधी सवाल भी उठाए हैं. एसोसिएशन के मुताबिक, ऐसी सेवाओं में क्लिनिकल ट्रायेज, इमरजेंसी बैकअप, मेडिकल डॉक्यूमेंटेशन, मरीज की सहमति और पहचान से जुड़े स्पष्ट नियम होने चाहिए. इसके अलावा डॉक्टर की सुरक्षा, प्रोफेशनल इंडेम्निटी, मरीजों के डेटा की सुरक्षा, प्रिस्क्रिप्शन की जिम्मेदारी, रेफरल प्रोटोकॉल और मेडिको-लीगल जवाबदेही भी स्पष्ट रूप से तय की जानी चाहिए.

नेशनल स्टैंडर्ड बनाने की मांग

FAIMA ने नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए दी जाने वाली होम मेडिकल सर्विसेज के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट मानक और दिशानिर्देश तैयार करने की मांग की है.

एसोसिएशन का कहना है कि क्लिनिकली जरूरी और उचित होम केयर का वह समर्थन करता है, लेकिन डॉक्टरों को किसी ‘ऑन-डिमांड डिलीवरी सर्विस’ की तरह इस्तेमाल करने वाले मॉडल का विरोध करता है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Latest News in Hindi »